
सरकार ने वोटर आईडी (Voter ID) और आधार कार्ड (Aadhaar Card) को लेकर एक बड़ी जानकारी दी है. कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने शुक्रवार को लोकसभा में सवाल के जवाब में कहा कि भारत सरकार ने अभी तक आधार कार्ड को मतदाता पहचान पत्र से जोड़ना (Aadhaar Link Voter ID) शुरू नहीं किया है. मंत्री ने कहा कि आधार को लिंक करने की प्रक्रिया संचालित है और आधार को वोटर आईडी से जोड़ने के लिए कोई टारगेट नहीं दिया गया है.
कानून मंत्री ने कहा कि भारत निर्वाचन आयोग (Election Commission of India) ने बताया है कि आधार को EPIC से जोड़ना अभी शुरू नहीं हुआ है. इसके अलावा फॉर्म 6B जमा करने की समय अवधि एक साल के लिए बढ़ा दी गई है. हालांकि आधार को वोटर आईडी से जोड़ना अनिवार्य नहीं है. आप अपनी मर्जी से आधार कार्ड को वोटर आईडी से लिंक कर सकते हैं.
कब तक जमा कर सकते हैं फॉर्म
अगर आप आधार को वोटर आईडी से लिंक करना चाहते हैं तो फॉर्म 6 बी जमा करना होगा, जिसकी डेडलाइन मार्च 2024 के अंत तक बढ़ा दी गई है. एक कांग्रेस सांसद के सवाल के जवाब में कानून मंत्री ने कहा कि जिन व्यक्तियों के पहचान पत्र अलग थे और नाम समान थे, उनका नाम मतदाता सूची से हटा दिया गया है.
क्यों जरूरी है वोटर आईडी कार्ड?
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भारत का चुनाव आयोग संवितधान के अनुच्छेद 324 के तहत मतदाता सूची की तैयारी निर्देशन और कंट्रोल के लिए जिम्मेदार है और आयोग के मुताबिक यह एक बहुस्तरी सुरक्षा के साथ चुनावी डेटा को स्थिर बनाए रखता है. चुनाव आयोग के मुताबिक, अगर किसी व्यक्ति का वोटर आईडी (Voter ID) में नाम नहीं है तो उसे वोटिंग का अधिकार नहीं होगा. इसके साथ ही वोटर आईडी का इस्तेमाल आप पहचान पत्र और अन्य कामों के लिए भी कर सकते हैं.
Voter ID को लिंक करना अनिवार्य नहीं
गौरतलब है कि केंद्र सरकार ने आधार कार्ड को Voter ID से लिंक करने के लिए कुछ दिन पहले ही एडवाइजरी जारी की थी, जिसके बाद इसपर विपक्ष की ओर से आपत्ति जताई गई थी. विवाद बढ़ने के बाद सरकार का जवाब आया था कि जो लोग चाहे वहीं आधार से वोटर आईडी को लिंक करा सकते हैं. सभी के लिए आधार को Voter ID से लिंक करना अनिवार्य नहीं है.