
पिछले कई महीनों से क्रिप्टोकरेंसी (Cryptocurrency) में लगातार गिरावट देखने को मिल रही है. कई दिग्गज कह रहे हैं कि क्रिप्टोकरेंसी का बुलबुला फूट चुका है. लेकिन इस बीच हांगकांग क्रिप्टोकरेंसी को कानूनी अमलीजामा पर विचार कर रहा है.
दरअसल आने वाले दिनों में हांगकांग के लोग क्रिप्टोकरेंसी में लेन-देन कर पाएंगे. हांगकांग ने एशिया में क्रिप्टोकरेंसी का हब बनने के लिए एक मास्टर प्लान तैयार किया है, जिसके तहत क्रिप्टोकरेंसी (Cryptocurrency) में रिटेल ट्रेडिंग की इजाजत देने की तैयारी की गई है. जिसके बाद लोग क्रिप्टो को डिजिटल-एसेट के तौर खरीद-फरोख्त कर पाएंगे.
हांगकांग में क्रिप्टो पर कानून संभव
हांगकांग की सरकार की ओर से सोमवार को इसपर फैसला लिया गया है. सरकार ने कहा कि आसानी से लोगों तक इसकी पहुंच कैसे हो, इस पर तेजी से काम किया जाएगा. साथ ही दुनियाभर के वैश्विक क्रिप्टो एक्सचेंजों को कारोबार के लिए आमंत्रित किया गया है. इसके अलावा नई वर्चुअल-एसेट लाइसेंसिंग नियम पर भी काम हो रहा है.
बता दें, जहां हांगकांग ने क्रिप्टोकरेंसी को लेकर बड़ा फैसला लिया है. वहीं चीन में इससे उलट क्रिप्टो पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा है. पिछले दिनों एक रिपोर्ट आई थी, जिसमें कहा गया था कि दुनियाभर में क्रिप्टोकरेंसी के सबसे ज्यादा नए निवेशक भारत, ब्राजील और हांगकांग के थे.
हांगकांग की आर्थिक स्थिति मजबूत नहीं
हांगकांग की वित्तीय सेवा और ट्रैजरी ब्यूरो ने सोमवार को टेक कॉन्फ्रेंस में इस प्लान की घोषणा की है. मालूम हो कि कोविड से पहले पूरी दुनिया से बड़ी संख्या में लोग हांगकांग घूमने जाते थे. लेकिन महामारी की वजह से पर्यटकों की संख्या में भारी गिरावट आई. इसलिए क्रिप्टो के पीछे आर्थिक फैसले को भी जोड़कर देखा जा रहा है.
फिलहाल रिटेल निवेशक बिनेंस (Binance) जैसे बिना लाइसेंस वाले एक्सचेंजों पर क्रिप्टो ट्रेड कर सकते हैं. लेकिन VASP सिस्टम लागू होने के बाद फिर केवल VASP लाइसेंस प्राप्त एक्सचेंज ही किसी भी क्रिप्टो सेवाओं की पेशकश कर सकेंगे, इनमें से कुछ रिटेल निवेशक को भी क्रिप्टो सर्विस ऑफर कर सकेंगे.