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Banking Fraud: UPI से करते हैं पेमेंट तो लग सकता है चूना, ऐसे बचाएं मेहनत का पैसा

How To Prevent Banking Fraud: मुफ्त में मिलने वाली चीज की कीमत बहुत अधिक होती है. कभी भी ऐसे प्रलोभनों पर ध्यान न दें. अनजाने लिंक पर क्लिक नहीं करें. ऑनलाइन शॉपिंग सिर्फ भरोसेमंद प्लेटफॉर्म से करें. तगड़ा ऑफर देने वाले फोन कॉल, ईमेल और मैसेज को नजरअंदाज करें.

ठगों से बचने के लिए सावधान रहना जरूरी ठगों से बचने के लिए सावधान रहना जरूरी
aajtak.in
  • नई दिल्ली,
  • 21 दिसंबर 2021,
  • अपडेटेड 10:52 AM IST
  • UPI से चूना लगा रहे हैं साइबर अपराधी
  • तेजी से बढ़ रहे हैं साइबर फ्रॉड के मामले

नोटबंदी और कोरोना महामारी के बाद डिजिटल बैंकिंग (Digital Banking) का इस्तेमाल तेजी से बढ़ा है. अब लोग मॉल में शॉपिंग से लेकर सब्जी और राशन के लिए भी डिजिटल पेमेंट (Digital Payment) करने लगे हैं.

गूगलपे (GPay), पेटीएम (Paytm), फोनपे (PhonePe), अमेजनपे (Amazon Pay) जैसे यूपीआई एप्स (UPI Apps) ने डिजिटल बैंकिंग को आसान बना दिया है. इसके साथ ही बैकिंग फ्रॉड (Banking Fraud) के खतरे बढ़ गए हैं.

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साइबर ठग आपकी गाढ़ी कमाई को चूना लगाने के लिए तरह-तरह के हथकंडे अपनाते हैं और यूपीआई ऐप इन अपराधियों का मेन टारगेट होता है. हालांकि कुछ जरूरी बातों पर ध्यान देकर अपनी मेहनत का पैसा बचाया जा सकता है.

लालच बुरी बला, इसे टालें

बैंकिंग फ्रॉड के ज्यादातर मामलों में लालच सबसे बड़ा फैक्टर पाया जाता है. लालच को यूं ही बुरी बला नहीं बताया गया है. साइबर ठग कैशबैक (Cashback), गिफ्ट वाउचर (Gift Voucher), लॉटरी (Lottery) आदि का प्रलोभन देकर भोले-भाले लोगों को फंसाते हैं. इस बात की गांठ बांध लें कि मुफ्त में मिलने वाली चीज की कीमत बहुत अधिक होती है. कभी भी ऐसे प्रलोभनों पर ध्यान न दें. अनजाने लिंक पर क्लिक नहीं करें. ऑनलाइन शॉपिंग सिर्फ भरोसेमंद प्लेटफॉर्म से करें. तगड़ा ऑफर देने वाले फोन कॉल, ईमेल और मैसेज को नजरअंदाज करें.

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किसी एक भरोसेमंद यूपीआई ऐप का करें इस्तेमाल

अलग-अलग यूपीआई ऐप अलग तरीके के ऑफर देते हैं. इन ऐप से जब भी पेमेंट किया जाता है, यूजर को कुछ रिटर्न गिफ्ट दिया जाता है. इसके चलते ज्यादातर लोग कई यूपीआई ऐप इंस्टॉल कर लेते हैं. ध्यान रखें कि जितना ज्यादा ऐप आप इस्तेमाल करेंगे, उन्हें मैनेज करना उतना मुश्किल होगा. एक भी ऐप में कुछ लूपहोल रह गया तो ठग आपकी पूरी कमाई में सेंध लगा सकते हैं. वैसे भी आप किसी एक यूपीआई ऐप से दूसरे सभी ऐप के यूजर को पेमेंट कर सकते हैं.

अपने साथ पेमेंट ऐप को भी रखें अपडेट

समय के साथ अपडेट होना बहुत जरूरी है. जैसे-जैसे टेक्नोलॉजी बदल रही है, अपने आप को उसके साथ बदलें. खुद को अपडेट रखने के साथ-साथ पेमेंट ऐप को भी अपडेट करते रहें. कंपनियां समय-समय पर ऐप के नए अपडेट लाती रहती हैं. ये अपडेट पूरे पेमेंट इकोसिस्टम की सुरक्षा बेहतर बनाने के लिए होती है. अत: कभी भी ऐप अपडेट को इग्नोर न करें.

बदलते रहें यूपीआई पिन

यूपीआई से पेमेंट के लिए पिन (UPI PIN) सबसे अहम चीज है. इसके बिना कोई पेमेंट नहीं हो सकता है. अपना पिन किसी से साझा नहीं करें. अगर किसी को आपका यूपीआई पिन पता चल गया है तो इसे तुरंत बदल दें. कुछ समय पर पिन बदलते रहना अच्छी आदत है. सभी बैंक अपने ग्राहकों को इस बारे में सावधान करते रहते हैं. 

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पेमेंट ऐप को रखें पासवर्ड प्रोटेक्टेड

आजकल लोगों की स्मार्टफोन पर निर्भरता बढ़ गई है. फोन ने बैंक को लोगों की जेब में ला दिया है. इससे खतरे भी बढ़े हैं. अगर आपका फोन चोरी हो गया तो आपका पूरा पैसा एक झटके में चोर के हाथों लग सकता है. इससे बचने के लिए फोन को लॉक रखें और मजबूत पासवर्ड यूज करें. पेमेंट और बैंकिंग से जुड़े सभी ऐप को अलग से पासवर्ड प्रोटेक्टेड (Password Protected) बनाकर रखें. सारे स्मार्टफोन में ऐप ओपन करने के लिए अलग से पासवर्ड लगाने की सुविधा दी जाती है.

 

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