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सैलरी- 15 लाख... फिर भी ओल्ड टैक्स रिजीम बेस्ट, जानिए किसके लिए New Tax Slab फायदे का सौदा

Old Tax Slab vs New Tax Slab: आइए जानते हैं कि 15 लाख रुपये की आय पर Old या New Tax Slab बेहतर? अगर आपकी भी सैलरी इसके आसपास है तो इस फॉर्मूले के तहत टैक्स छूट का लाभ उठा सकते हैं... 

New Tax Slab vs Old Tax Slab New Tax Slab vs Old Tax Slab
अमित कुमार दुबे
  • नई दिल्ली,
  • 16 जनवरी 2025,
  • अपडेटेड 1:22 PM IST

आयकर भरने का समय आ गया है, खासकर प्राइवेट कंपनियों में काम करने वाले कर्मचारी जोड़-तोड़ में जुट गए हैं. इस बीच अभी भी अधिकतर नौकरी-पेशा लोग इस बात को लेकर कंफ्यूज हैं कि उन्हें न्यू टैक्स स्लैब (New Tax Slab) के साथ जाना चाहिए या फिर उनके लिए ओल्ड टैक्स स्लैब (Old Tax Slab) ही बेस्ट है.

दरअसल, प्राइवेट कंपनियों ने ई-मेल के जरिये अपने कर्मचारियों को टैक्स सेविंग, यानी डिडक्शन का लाभ लेने के लिए इंवेस्टमेंट प्रूव (Investment Proof) जमा करने के लिए तारीख निर्धारित कर दी है. अब कर्मचारी अपनी सैलरी के हिसाब नाप-तौल में जुट गए हैं. 

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केंद्र सरकार के मुताबिक 67 फीसदी तक करदाता न्यू टैक्स स्लैब को अपना चुके हैं, क्योंकि कई बदलाव के बाद अब न्यू टैक्स स्लैब फायदे का सौदा साबित हो रहा है. लेकिन क्या हकीकत में न्यू टैक्स स्लैब चुनने से ओल्ड टैक्स स्लैब के मुकाबले कम टैक्स देने पड़ेंगे, यानी न्यू टैक्स रिजीम से ज्यादा टैक्स बचेंगे? 

आज हम आपको एक उदाहरण समझाने की कोशिश करेंगे कि अगर आपकी आय 15 लाख रुपये है, तो आपके लिए कौन-सा टैक्स स्लैब बेहतर रहेगा?

New Tax Slab के मुताबिक 15 साल तक आय पर 30 फीसदी आयकर का प्रावधान है, जबकि ओल्ड टैक्स रिजीम में 10 लाख से ऊपर की आय पर 30% आयकर लगता है. ऐसे में 15 लाख की सालाना आय पर दोनों टैक्स रिजीम में 30 फीसदी आयकर की व्यवस्था है. 

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सबसे पहले जानते हैं कि 15 लाख रुपये की आय पर Old या New Tax Slab बेहतर? अगर आपकी भी सैलरी इसके आसपास है तो इस फॉर्मूले के तहत टैक्स छूट का लाभ उठा सकते हैं... 

- ओल्ड टैक्स रिजीम में स्टैंडर्ड डिडक्शन (Standard Deduction) के तहत 50,000 रुपये तक का छूट मिलता है. इसे सबसे पहले अपनी आय में घटा दें. (15,00,000-50,000= 14,50,000 रुपये), यानी अब 14.50 लाख रुपये टैक्स के दायरे में आता है.
- उसके बाद आप 80C के तहत 1.5 लाख रुपये बचा सकते हैं. इसके लिए EPF, PPF, ELSS, NSC में निवेश करना होता है. आप दो बच्चों के ट्यूशन फीस में 1.5 लाख रुपये तक की रकम पर आयकर (Income Tax) छूट का लाभ उठा सकते हैं. अब आप डेढ़ लाख रुपये की आमदनी को भी घटा दें. (14,50,000- 1,50,000= 13,00,000 रुपये), अब टैक्स के दायरे में साढ़े 13 लाख रुपये आता है. 

- अगर आप अलग से नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) में सालाना 50,000 रुपये तक निवेश करते हैं, तो सेक्शन 80CCD (1B) के तहत आपको अतिरिक्त 50 हजार रुपये Income Tax बचाने में मदद मिलती है. अब इस रकम को भी कुल आय में घटा दें. (13,00,000-50,000= 12,50,000 रुपये), अब आपकी 12.50 लाख कमाई टैक्स के दायरे में आता है. 

- होम लोन (Home Loan) वाले अतिरिक्त 2 लाख रुपये बचा सकते हैं. अगर आपने होम लोन ले रखा है तो फिर इनकम टैक्स के सेक्शन 24B के तहत 2 लाख के ब्याज पर टैक्स छूट का लाभ उठा सकते हैं. इसे भी आप सालाना आय में माइनस कर दें. (12,50,000-2,00,000= 10,50,000 रुपये), अब केवल 10.50 लाख रुपये टैक्स में दायरे में आता है. 

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- इनकम टैक्स के सेक्शन 80D के तहत मेडिकल पॉलिसी लेकर आप 25 हजार रुपये तक टैक्स बचा सकते हैं. इस हेल्थ इंश्योरेंस में आपका, आपकी पत्नी और बच्चों का नाम होना चाहिए. इसके अलावा अगर आपके माता-पिता सीनियर सिटीजन (Senior Citizen) हैं तो फिर उनके नाम पर हेल्थ इंश्योरेंस (Health Insurance) खरीदकर 50,000 रुपये तक का अतिरिक्त डिडक्शन पा सकते हैं. लेकिन अगर उनकी उम्र 60 से कम है तो 25 हजार रुपये तक का क्लेम कर सकते हैं. हम यहां 25000 रुपये ही मानकर ही चल रहे हैं. (10,50,000- 50,000= 10,00,000 रुपये), यानी अब टैक्स देनदारी के दायरे में 10 लाख रुपये की आमदनी आती है. ओल्ड टैक्स रिजीम के हिसाब से इस डिडक्शन के बाद अब आपका आयकर 1,17,00 रुपये बनता है.

अब New Tax Slab में देखते हैं कि अगर आपकी आमदनी 15 लाख रुपये है तो फिर कितना टैक्स पड़ेगा? आयकर नियम के मुताबिक न्यू टैक्स रिजीम में कोई डिडक्शन का लाभ नहीं मिलता है. 

ऐसे में 15 लाख की आय पर करदाता को न्यू टैक्स रिजीम में सिर्फ 75 हजार रुपये के स्टैंडर्ड डिडक्शन का लाभ मिलेगा. इस तरह आप 15 लाख रुपये की आय में सबसे पहले 75000 रुपये को घटा दें (1500000-75000= 1425000 रुपये). अब आप इनकम टैक्स कैलकुलेटर की मदद की देख सकते हैं कि न्यू टैक्स रिजीम में 14.25 लाख रुपये की आय पर 1,30,000 रुपये आयकर बनता है. 

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यानी अगर आप निवेश कर डिडक्शन का लाभ लेते हैं तो फिर ओल्ड टैक्स रिजीम अभी भी फायदे का सौदा है. या यूं कहें कि 15 लाख की आमदनी पर भी ओल्ड टैक्स रिजीम बेस्ट है. हालांकि इसके लिए आपको 4.50 लाख रुपये का डिडक्शन क्लेम करना होगा, जिसके बारे में ऊपर विस्तार से बताया गया है. 

अगर आप कोई निवेश नहीं करते हैं तो फिर 15 लाख की आय पर ओल्ड टैक्स रिजीम के तहत करीब 2,57,400 रुपये का आयकर बनता है, ऐसी स्थिति में फिर न्यू टैक्स स्लैब शानदार विकल्प रहेगा. क्योंकि बिना कोई निवेश न्यू टैक्स रिजीम में केवल 1,30,000 रुपये का ही इनकम टैक्स बनता है. यानी सीधे-सीधे 1,27,400 रुपये आयकर बचा सकते हैं. 
 
 

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