
फाइनेंशियल ईयर 2021-22 का चौथा क्वार्टर चल रहा है. अगले कुछ दिनों में आपकी कंपनियों के एचआर आपसे इस फाइनेंशियल ईयर का इंवेस्टमेंट प्रुफ मांगेंगे. अगर आपने पुराने टैक्स रिजीम को सेलेक्ट किया है तो आपको अपने इंवेस्टमेंट का प्रुफ देना होगा. अगर आपने अभी तक पूरा डिडक्शन क्लेम नहीं किया है तो इंवेस्टमेंट करने में देरी मत कीजिए. अगर आप सेक्शन 80C के तहत Income Tax में छूट प्राप्त करना चाहते हैं तो आप लाइफ इंश्योरेंस के प्रीमियम (Life Insurance Premium) पर Tax में 1.5 लाख रुपये तक की छूट प्राप्त कर सकते हैं.
Life Insurance के प्रीमियम पर मिलती है Tax में छूट
टैक्स एंड इंवेस्टमेंट एक्सपर्ट बलवंत जैन बताते हैं कि Income Tax Act के सेक्शन 80C के तहत इंडिविजुअल और HUF लाइफ इंश्योरेंस पॉलिसी (Life Insurance Policy) खरीदने या पहले से चल रही पॉलिसी के प्रीमियम के पेमेंट पर अन्य इंस्ट्रुमेंट के साथ-साथ कुल 1.5 लाख रुपये तक का डिडक्शन क्लेम कर सकते हैं. यह डिडक्शन पाने के लिए यह जरूरी नहीं है कि आपने भारतीय इंश्योरेंस कंपनी से इंश्योरेंस पॉलिसी खरीदी हो. अगर आप NRI हैं या ऐसे विदेशी नागरिक हैं जिनका भारत में कुछ टैक्सेबल इनकम बनता है तो आप देश से बाहर खरीदी गई पॉलिसी पर भी यह डिडक्शन क्लेम कर सकते हैं.
इन Policies पर मिलती है छूट
जैन ने बताया कि यह डिडक्शन टर्म इंश्योरेंस जैसे प्योर इंश्योरेंस प्रोडक्ट से लेकर ULIP जैसे इंश्योरेंस कम इंवेस्टमेंट प्रोडक्ट्स पर भी क्लेम की जा सकती है. कोई भी टैक्सपेयर खुद अपने, स्पाउस या बच्चों की लाइफ इंश्योरेंस पॉलिसी के प्रीमियम के पेमेंट पर डिडक्शन क्लेम कर सकता है.
मिलेगी इतनी छूट
एक अप्रैल, 2012 के बाद इश्यू की गई किसी भी Policy के सम-इंश्योर्ड के 10% या उससे कम प्रीमियम के पेमेंट पर ही डिडक्शन क्लेम किया जा सकता है. हालांकि, Physically Handicapped व्यक्ति के लिए यह दायरा 15 फीसदी का है. एक अप्रैल, 2012 से पहले खरीदी गई पॉलिसी पर 20% तक का डिडक्शन प्राप्त किया जा सकता है.
इन शर्तों को भी जान लीजिए
कम-से-कम दो साल तक एक्टिव रहने वाली Life Insurance Policy पर ही टैक्स छूट (Tax Benefit) का लाभ मिलता है. अगर ऐसा नहीं होता है तो पिछले वर्ष के डिडक्शन को रिवर्स कर दिया जाता है और उस साल के इनकम में जोड़ दिया जाता है जब पॉलिसी Lapse हुई थी.
Annuity Plan पर मिलती है छूट
अगर आप किसी Annuity Plan के प्रीमियम का भुगतान करते हैं तो भी आप 80C के तहत टैक्स में छूट प्राप्त कर सकते हैं.