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Credit Card News: वियतनाम की आबादी से ज्यादा भारत में क्रेडिट कार्ड, अब बढ़कर हो गई इतनी संख्या

Credit Card New Data: ये तो सच है कि क्रेडिट कार्ड ने शॉपिंग को आसान बना दिया है. क्योंकि बैंक अकाउंट में पैसे नहीं होने के बावजूद क्रेडिट कार्ड से खरीदारी कर सकते हैं. इसके अलावा क्रेडिट कार्ड में कैशबैक और रिवॉर्ड पॉइंट्स का भी फायदा मिल जाता है.

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aajtak.in
  • नई दिल्ली,
  • 27 फरवरी 2025,
  • अपडेटेड 7:31 PM IST

क्रेडिट कार्ड (Credit Card) जेब में है तो फिर क्या टेंशन? दरअसल, आज के दौर में अधिकतर लोगों के पास क्रेडिट कार्ड्स हैं, कुछ लोग तो ऐसे भी हैं, जो तीन-चार क्रेडिट कार्ड्स होल्ड कर रहे हैं. क्रेडिट के फायदे और नुकसान दोनों हैं. लेकिन ये तो सच है कि क्रेडिट कार्ड ने शॉपिंग को आसान बना दिया है. क्योंकि बैंक अकाउंट में पैसे नहीं होने के बावजूद क्रेडिट कार्ड से खरीदारी कर सकते हैं. इसके अलावा क्रेडिट कार्ड में कैशबैक और रिवॉर्ड पॉइंट्स का भी फायदा मिल जाता है.

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अब जब इतनी सुविधाएं मिलेंगी, तो फिर क्रेडिट कार्ड की डिमांड में बढ़ोतरी लाजिमी है. इस बीच भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने एक आंकड़ा जारी किया है. RBI के मुताबिक बैंकों ने क्रेडिट कार्ड बिजनेस को तेजी से फैलाया है. आंकड़ों के मुताबिक देश में क्रेडिट कार्ड की संख्या बढ़कर 10.89 करोड़ तक पहुंच गई है. पिछले एक साल में HDFC बैंक, SBI कार्ड्स और ICICI बैंक के क्रेडिट कार्ड की कुल संख्या में 9.5% की बढ़ोतरी हुई है.

ये तीन बैंक क्रेडिट कार्ड बिजनेस में आगे 

जनवरी में 8.2 लाख नए क्रेडिट कार्ड जारी हुए हैं, जिसमें 3 लाख कार्ड के साथ HDFC बैंक सबसे आगे रहा, उसके बाद SBI कार्ड (2.4 लाख) और ICICI बैंक (1.8 लाख) का स्थान रहा. हालांकि बड़े बैंक धड़ल्ले से क्रेडिट कार्ड बेच रहे हैं, जबकि छोटे संस्थान थोड़ा सतर्क नजर आ रहा है, उसने केवल इस दौरान 1 लाख क्रेडिट कार्ड जारी किए. छोटे संस्थान बढ़ती हुईं देनदारियों और RBI गाइडलाइंस की वजह से क्रेडिट कार्ड बेचने में थोड़ा संभल कर कदम उठा रहे हैं.

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इस बीच कोटक महिन्द्रा बैंक ने क्रेडिट कार्ड से जुड़े जोखिमों को देखते हुए कम जारी करने की बात कही है. यही नहीं, आरबीआई के आंकड़ों से यह भी पता चला है कि जनवरी 2025 में क्रेडिट कार्ड खर्च में 2.1% की गिरावट आने वाली है. जिससे कुल खर्च दिसंबर 2024 में ₹1.89 लाख करोड़ के मुकाबले घटकर ₹1.85 लाख करोड़ हो जाएगा. यह दिसंबर में खर्च में 11.1% की वृद्धि के बाद आया है, हालांकि जनवरी के खर्च में पिछले वर्ष की तुलना में 10.6% की बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जो एचडीएफसी, एक्सिस और इंडसइंड बैंकों द्वारा देखी गई. अस्थाई गिरावट के बावजूद क्रेडिट कार्ड की डिमांड मजबूत बनी हुई है.

क्रेडिट कार्ड से लोग कम कर रहे हैं खर्च  

प्रमुख बैंकों में एचडीएफसी बैंक ने क्रेडिट कार्ड खर्च में 4.7% की गिरावट देखी जा रही है. जबकि एक्सिस बैंक ने 6.6% की गिरावट दर्ज की. इंडसइंड बैंक ने 5.5% की गिरावट का अनुभव किया. इस बीच, फिलिप कैपिटल की एक रिपोर्ट में अनुमान लगाया गया है कि क्रेडिट कार्ड सेगमेंट में कुल क्रेडिट लागत अगली 'एक से दो तिमाहियों में चरम पर पहुंचने की उम्मीद है. हालांकि जोखिम भी बढ़ने की संभावना है. 

ऐसे में फिलहाल देश में क्रेडिट कार्ड्स की संख्या बढ़कर करीब 11 करोड़ पहुंच गई है. यानी वियतनाम की आबादी से ज्यादा भारत नें क्रेडिट कार्ड्स जारी चुके हैं. वियतनाम की आबादी साल 2025 में करीब 10,09,87,686 है. यही नहीं, एक्सपर्ट्स मानकर चल रहे हैं कि आने वाले दिनों में इसकी डिमांड और बढ़ने वाली है. क्योंकि कुछ लोगों के लिए क्रेडिट कार्ड मुसीबत का सहारा होता है.

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