
छोटी बचत योजनाओं (Small Saving Schemes) पर रिटर्न कम हो जाने के चलते अब लोगों का इनसे मोहभंग होने लगा है. खासकर पोस्ट ऑफिस सेविंग अकाउंट (Post Office Saving Account) और सीनियर सिटीजन सेविंग्स स्कीम (Senior Citizen Savings Scheme) से जुड़ने वाले लोगों की संख्या लगातार कम हुई हैं. कुल 12 छोटी बचत योजनाओं में सिर्फ एक सुकन्या समृद्धि योजना (Sukanya Samriddhi Yojana) में ही लोग अभी भी दिलचस्पी दिखा रहे हैं.
PPF, NSC में भी कम हुई लोगों की दिलचस्पी
वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी (MoS Pankaj Chaudhary) ने एक सवाल के लिखित जवाब में इसकी जानकारी दी. उन्होंने लोकसभा (Loksabha) में सोमवार को बताया कि पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF), नेशनल सेविंग सर्टिफिकेट (NSC), पोस्ट ऑफिस सेविंग अकाउंट, सीनियर सिटीजन सेविंग्स स्कीम समेत कुल 12 छोटी बचत योजनाओं से जुड़ने वाले नए लोगों की संख्या कम हो रही है. छोटी बचत योजनाओं से लोगों का मोहभंग ऐसे समय हो रहा है, जब दूसरी ओर डीमैट अकाउंट (Demat Account) के खुलने की रफ्तार रिकॉर्ड पर है. देश में पिछले तीन साल में डीमैट अकाउंट की संख्या दो गुनी से अधिक हो गई है.
ऐसे धीरे-धीरे दूर हो रहे हैं लोग
वित्त राज्य मंत्री ने बताया कि सभी छोटी बचत योजनाओं में वित्त वर्ष 2018-19 में कुल मिलाकर 4.66 करोड़ नए अकाउंट खुले थे. एक साल बाद यानी 2019-20 में इनकी संख्या कम होकर 4.12 करोड़ पर और 2020-21 में 4.11 करोड़ पर आ गई. चालू वित्त वर्ष में नवंबर महीने तक इन योजनाओं में महज 2.33 करोड़ नए अकाउंट ही खुल पाए हैं.
सुकन्या समृद्धि योजना लोगों को आ रही पसंद
मंत्री ने बताया कि छोटी बचत योजनाओं के नए अकाउंट में आ रही इस गिरावट में मुख्य योगदान पोस्ट ऑफिस सेविंग अकाउंट और सीनियर सिटीजन सेविंग्स स्कीम का है. इन दोनों योजनाओं के नए अकाउंट लगातार कम हुए हैं. दूसरी ओर सुकन्या समृद्धि योजना से जुड़ने वाले लोगों की संख्या लगातार बढ़ी है. मंत्री ने यह भी बताया कि सीनियर सिटीजन या गरीब तबके के लिए कोई नई छोटी बचत योजना शुरू करने की सरकार की कोई योजना नहीं है.