
उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में Maha Kumbh-2025 का आयोजन सोमवार 13 जनवरी से शुरू हो गया है. आस्था के इस पावन पर्व में पहुंचने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षित यात्रा और उनके आवागमन को सुविधाजनक बनाने के उद्देश्य से भारतीय रेलवे ने हजारों ट्रेनों के संचालन का ऐलान किया है और महाकुम्भ के पहले दिन 20 से ज्यादा स्पेशल ट्रेनें चलाई गई हैं. इनमें बनारस-प्रयागराज, गोरखपुर-झूंसी से लेकर छपरा-प्रयागराज तक शामिल हैं.
रेलवे ने कीं 23 ट्रेनें संचालित
Maha kumbh 2025 की शुरुआत प्रयागराज में जोर-शोर से हो चुकी है. सरकार ने जहां कुम्भ स्थल पर श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को लेकर चाक-चौबंद इंतजाम किए हैं, तो वहीं भारतीय रेलवे भी पूरे दम-खम के साथ इस महाआयोजन में शामिल होने वाले श्रद्धालुओं की यात्रा को आसान बनाने के लिए स्पेशल ट्रेनों का संचालन शुरू कर दिया है. महाकुम्भ के पहले दिन 23 स्पेशल ट्रेनें विभिन्न स्टेशनों से संचालित की जा रही हैं.
13 जनवरी को संचालित होने वाली ट्रेनों और उनकी टाइमिंग पर नजर डालें, तो बनारस से झूंसी रेलवे स्टेशन के लिए स्पेशल ट्रेन (05113-05109), झूंसी से बनारस स्पेशल ट्रेन (05114-05110), प्रयागराज रामबाग से बनारस और बनारस से प्रयागराज रामबाग के लिए (05108-05105), गोरखपुर से झूंसी स्टेशन के लिए और झूंसी से गोरखपुर के लिए (05179-05178), इसके अलावा बिहार के छपरा से प्रयागराज आने और यहां से जाने के लिए (051125-051126) ट्रेन का संचालन किया जा रहा है.
40 करोड़ श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद
प्रयागराज में आयोजित हो रहा महाकुम्भ 2025 सोमवार 13 जनवरी से 26 फरवरी तक चलेगा. इस दौरान यहां पर करीब 40 करोड़ श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना जताई जा रही है. बात करें, खास स्नानों की तो सोमवार को पूर्णिमा स्नान से शुरू हुए महाकुम्भ के दौरान 15 जनवरी को मकर संक्रांति स्नान, 29 जनवरी को मौनी अमावस्या का शाही स्नान होगा, जबकि 3 फरवरी को बसंत पंचमी स्नान और 12 फरवरी माघी पूर्णिमा स्नान आयोजित किया जाएगा. इसके बाद 26 फरवरी को महा शिवरात्रि स्नान के साथ इस इस महाआयोजन का समापन होगा.
गौरतलब है कि Maha Kumbh दुनिया के सबसे बड़े धार्मिक आयोजनों में टॉप पर है, क्योंकि देश-विदेश से श्रद्धालु यमुना, सरस्वती और गंगा नदियों के पवित्र संगम में स्नान करने के लिए प्रयागराज आते हैं. प्रयागराज के अलावा कुंभ का आयोजन हरिद्वार, उज्जैन और नासिक में किया जाता है.