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Mahakumbh 2025: हर 4 मिनट में स्पेशल ट्रेन... महाकुंभ में अमावस्या स्नान के लिए रेलवे की खास व्यवस्था

Mouni Amavasya के पवित्र स्नान पर प्रयागराज में चल रहे महाकुंभ में करीब 10 करोड़ श्रद्धालुओं के डुबकी लगाने की उम्मीद है और इसके लिए Indian Railway ने खास व्यवस्था की है, जिसके तहत यात्रियों को हर 4 मिनट में स्पेशल ट्रेन मिलेगी.

मौनी अमावस्या पर भारतीय रेलवे चला रहा 150 से ज्यादा स्पेशल ट्रेनें मौनी अमावस्या पर भारतीय रेलवे चला रहा 150 से ज्यादा स्पेशल ट्रेनें
aajtak.in
  • नई दिल्ली,
  • 28 जनवरी 2025,
  • अपडेटेड 9:24 AM IST

उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में चल रहे महाकुंभ (Mahakumbh 2025) मेले में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है. खासतौर पर पवित्र स्नानों के लिए अलग ही उत्साह देखने को मिल रहा है. 13 जनवरी से शुरू हुए इस महाआयोजन में अब तक करोड़ों श्रद्धालु डुबकी लगा चुके हैं और 29 जनवरी को मौनी अमावस्या (Mouni Amavasya) के दिन ही करीब 10 करोड़ तीर्थयात्रियों के डुबकी लगाने का अनुमान है. इसे देखते हुए भारतीय रेलवे ने इनकी यात्रा को सुगम बनाने के लिए खास व्यवस्था की है, जिसके तहत प्रयागराज के स्टेशनों से हर 4 मिनट में स्पेशल ट्रेन संचालित की जाएगी. 

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एक ही दिन में 150 स्पेशल ट्रेनें
मौनी अमावस्या बुधवार को है और इस दिन यात्रियों की ज्यादा तादाद को मद्देनजर रखते हुए भारतीय रेलवे ने प्रयागराज स्टेशनों से हर चार मिनट में स्पेशल ट्रेन चलाने की तैयार की है. Mouni Amavasya प्रमुख स्नानों में से एक है और इसके लिए तैयारियों के क्रम में रेल मंत्रालय के अधिकारियों ने कहा कि एक ही दिन में कम से कम 150 स्पेशल ट्रेनें चलाई जाएंगी, जो एक बड़ी उपलब्धि होगी. बता दें कि इससे पहले साल 2019 में हुए अर्धकुंभ के दौरान मौनी अमावस्या पर 85 ट्रेनें चलाई गई थीं, जिससे ये आंकड़ा लगभग दोगुना है.  

क्यों खास है मौनी अमावस्या? 
हिंदू पंचांग के अनुसार, माघ माह की अमावस्या को मौनी अमावस्या के नाम से जाना जाता है. इस दिन मौन रखकर उपवास और स्नान का विशेष महत्व है. मौनी का अर्थ है मौन और इस दिन मौन रहकर आत्मशांति और संयम का पालन करने से मानसिक और आध्यात्मिक शक्ति प्राप्त होती है. इस दिन पवित्र नदियों में स्नान और दान करने से पापों का छय होता है और मोक्ष की प्राप्ति होती है. इस दिन गंगा स्नान का विशेष महत्व है और श्रद्धालु प्रयागराज के संगम में इस दिन स्नान करेंगे. यह दिन सूर्यदेव और पितरों की पूजा के लिए भी उत्तम माना जाता है. 

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अब तक 15 करोड़ श्रद्धालुओं ने लगाई डुबकी
प्रयागराज महाकुंभ मेला बीते 13 जनवरी को शुरू हुआ था और पहले ही दिन 1.65 करोड़ श्रद्धालुओं ने आस्था की डुबकी लगाई थी. ये महाआयोजन 26 फरवरी तक चलेगी और इसमें कुल मिलाकर करीब 45 करोड़ से ज्यादा श्रद्धालुओं के आने का अनुमान जाहिर किया गया है. फिलहाल, महाकुंभ को शुरू हुए 15 दिन बीत चुके हैं और अब तक का आंकड़ा देखें तो 15 करोड़ से ज्यादा श्रद्धालुओं ने स्नान किया है. 

रेलवे स्टेशनों पर भी खास व्यवस्था 
भारतीय रेलवे (Indian Railway) ने प्रयागराज महाकुंभ आने-जाने वाले यात्रियों की सुविधा के लिए स्थानीय रेलवे स्टेशनों पर भी खास व्यवस्थाएं की हैं और इनके तहत प्रयागराज रामबाग और झूसी स्टेशनों पर 80 UTS काउंटर और 20 ATVM (ऑटोमेटिक टिकट वेंडिंग मशीन) लगाई गई हैं, इसके अलावा भीड़ को नियंत्रित करने के लिए 30 मोबाइल यूटीएस काउंटर भी स्टेशन परिसर में सक्रिय किए गए हैं.

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