
कर्मचारी भविष्य निधि संगठन द्वारा शुरू की गई कर्मचारी पेंशन स्कीम (EPS) के तहत एक नई मांग उठने लगी है. प्राइवेट सेक्टर के कर्मचारी मिनिमम पेंशन को लेकर मांग कर रहे हैं कि सरकार उनकी मिनिमम गारंटीड पेंशन में बढ़ोतरी करे. दरअसल केंद्र सरकार ने हाल ही में सरकारी कर्मचारियों के लिए UPS लाकर गारंटीड पेंशन देने का ऐलान किया था, जिसमें मिनिमम गारंटीड पेंशन 10 हजार रुपये है. तबसे कर्मचारी पेंशन योजना (EPS) के तहत प्राइवेट कर्मचारी मासिक पेंशन बढ़ाने के लिए दबाव बना रहे हैं.
UPS के तहत, सरकारी कर्मचारी रिटायरमेंट पर मासिक पेंशन पाने के हकदार हैं, जो उनके अंतिम 12 महीने के एवरेज बेसिक सैलरी का 50% होगा. न्यूनतम पेंशन की गारंटी 10,000 रुपये प्रति माह निर्धारित की गई है. इस पेंशन योजना में CPI के आधार पर महंगाई राहत को भी शामिल किया गया है. यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि केवल वे कर्मचारी जिन्होंने 25 साल की सेवा पूरी कर ली है, वे पूर्ण पेंशन के लिए पात्र होंगे.
प्राइवेट कर्मचारियों ने सरकार को लिखा पत्र
चेन्नई ईपीएफ पेंशनर्स वेलफेयर एसोसिएशन ने हाल ही में केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री मनसुख मंडाविया को पत्र लिखकर EPS के तहत पेंशनभोगियों के लिए न्यूनतम मासिक पेंशन को बढ़ाकर 9,000 रुपये करने तथा महंगाई भत्ता देने की वकालत की है.
एसोसिएशन ने ईपीएस के तहत करीब 75 लाख पेंशनर्स को शामिल करने पर जोर दिया और सरकारी कर्मचारियों के लिए शुरू की गई यूनिफाइड पेंशन योजना के साथ इसकी तुलना की, जिसे 23 लाख को लाभ पहुंचाने के लिए पेश किया गया. इसके अलावा, चेन्नई ईपीएफ पेंशनर्स वेलफेयर एसोसिएशन ने न्यूनतम पेंशन बढ़ाने के मामले को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समक्ष विचार रखने की इच्छा व्यक्त की.
EPFO पेंशन कैलकुलेशन
कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) के सदस्य रिटायरमेंट पर पेंशन के लिए पात्र हैं. मौजूदा नियमों के अनुसार, कर्मचारी और नियोक्ता दोनों मूल वेतन और महंगाई भत्ते का 12% EPF में आवंटित करते हैं. नियोक्ता का 12% योगदान दो भागों में बंटता है, जिसमें से 8.33% कर्मचारी पेंशन योजना (EPS) और बाकी 3.67% EPF में जाता है.
15000 रुपये पेंशन में अधिकतम निवेश
यह ध्यान देने योग्य है कि ईपीएस के लिए 8.33% का योगदान अधिकतम 15,000 रुपये तक सीमित है, चाहे कर्मचारी का वेतन कितना भी अधिक क्यों न हो. ईपीएस गाइडलाइन में संशोधन के बाद 2014 में ईपीएस योगदान पर यह सीमा तय की गई थी.
पेंशन को लेकर क्या मांगें?
पिछले सप्ताह पेंशनभोगियों के संगठन ईपीएस-95 राष्ट्रीय आंदोलन समिति के एक प्रतिनिधिमंडल ने कर्मचारी भविष्य निधि संगठन के वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात की और न्यूनतम मासिक पेंशन 7,500 रुपये की अपनी लंबे समय से चली आ रही मांग पर जोर दिया. ईपीएस-95 राष्ट्रीय आंदोलन समिति (एनएसी) ने एक बयान में कहा कि सदस्यों ने ईपीएस सदस्यों और उनके जीवनसाथी के लिए पूर्ण चिकित्सा कवरेज की भी मांग की.
ईपीएस-95 एनएसी सदस्य वर्तमान में केवल 1,450 रुपये की औसत मासिक पेंशन के स्थान पर 7,500 रुपये मासिक पेंशन की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं. इस महीने की शुरुआत में, केंद्रीय श्रम और रोजगार मंत्री मनसुख मंडाविया ने ईपीएस-95 एनएसी प्रतिनिधियों से मुलाकात की थी और उन्हें आश्वासन दिया था कि सरकार उनकी मांग को पूरा करने के लिए आवश्यक कदम उठाएगी.