
LIC के IPO को ओपन होने में कुछ दिन बचे हैं. सरकार ने इस IPO को हिट कराने की रणनीति में जुट गई है. इसी कड़ी में LIC पॉलिसी होल्डर्स को खास छूट दी जा रही है. रिटेल निवेशक LIC के IPO में 4 मई से 9 मई तक पैसे लगा पाएंगे. एंकर निवेशकों के लिए LIC का यह मेगा आईपीओ 2 मई को खुलेगा.
अगर आप LIC पॉलिसी धारक हैं तो फिर आपको आईपीओ में रिजर्वेशन के साथ कीमतों में छूट मिलेगी. सरकार की कोशिश है कि पॉलिसी धारक इस IPO में बढ़-चढ़कर हिस्सा लें. मिल रही जानकारी के मुताबिक LIC पॉलिसी धारक को IPO में 10% का आरक्षण मिलेगा. इसके अलावा पॉलिसी धारकों के लिए IPO में प्रति शेयर 60 रुपये की छूट होगी.
इस बीच लोक संपत्ति प्रबंधन विभाग (दीपम) के निदेशक राहुल जैन का एक बयान आया है, उनका कहना है कि पॉलिसी धारकों में इस आईपीओ को लेकर उत्सुकता है. उन्होंने बताया कि करीब 6.48 करोड़ पॉलिसी धारकों ने कट-ऑफ तिथि (28 फरवरी- 2022) तक अपने पैन नंबर को पॉलिसी डिटेल के साथ जोड़ा है.
पॉलिसी धारक ले सकते हैं बढ़-चढ़कर हिस्सा
दीपम के निदेशक की मानें तो इस IPO को जबर्दस्त प्रतिक्रिया मिल सकती हैं. उन्होंने बताया कि पॉलिसीधारक चाहे जो भी हों, अगर उन्होंने अपने पैन कार्ड की जानकारी 28 फरवरी तक पॉलिसी विवरण में जोड़ी है, तो वे आरक्षित श्रेणी के जरिए LIC के IPO में भागीदारी कर सकते हैं. बता दें, आईपीओ में एलआईसी पॉलिसी धारकों को 60 रुपये की छूट मिलेगी.
राहुल जैन ने कहा कि ये 6.48 लाख पॉलिसीधारक आईपीओ में भागीदारी कर सकते हैं. बशर्ते वे डीमैट खाता खुलवा लें. रिटेल निवेशक को IPO में कम से कम एक लॉट के लिए अप्लाई करना होता है. LIC IPO के लॉट में 15 शेयर होंगे. अगर प्राइस बैंड (Price Band) की बात करें तो 902 रुपये से 949 रुपये तय किया गया है.
वैल्यूएशन 6 लाख करोड़ रुपये
बता दें, पहले सरकार देश की सबसे बड़ी जीवन बीमा कंपनी में पहले 5% हिस्सेदारी बेचने वाली थी. लेकिन अब आईपीओ के लिए सरकार महज 3.5% शेयर हिस्सेदारी बेचेगी. आईपीओ के लिए LIC का वैल्यूएशन 6 लाख करोड़ रुपये किया गया है.
LIC IPO सरकार के विनिवेश लक्ष्य का हिस्सा है. सरकार ने वित्त वर्ष 2022-23 में विनिवेश से 65 हजार करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य रखा है. पहले यह आईपीओ 31 मार्च 2022 तक आना था. लेकिन रूस-यूक्रेन युद्ध (Russia-Ukraine War) के चलते बदले वैश्विक हालातों के बीच इसकी डेट आगे खिसका दी गई.