Advertisement

कुमार मंगलम बिड़ला-सुधा मूर्ति को पद्म भूषण...'Big Bull' राकेश झुनझुनवाला को पद्म श्री अवॉर्ड, काम के लिए सम्मान

Padma Awards 2023: भारतीय शेयर बाजार के बिग बुल कहे जाने वाले Rakesh Jhunjhunwala को मरणोपरांत पद्मश्री (Padma Shri) अवॉर्ड से सम्मानित किया गया है. उनका निधन बीते साल 14 अगस्त 2022 को हो गया था. उन्हें भारत का वॉरेन बफे भी कहा जाता था.

उद्योग जगत की तीन हस्तियों को मिला सम्मान उद्योग जगत की तीन हस्तियों को मिला सम्मान
aajtak.in
  • नई दिल्ली,
  • 26 जनवरी 2023,
  • अपडेटेड 12:28 PM IST

आज पूरा देश 74वां गणतंत्र दिवस (Republic Day) मना रहा है. ये समारोह देश के कॉरपोरेट सेक्टर के लिए बेहद खास है. सरकर की ओर से पद्म पुरस्कारों (Padma Awards 2023) से सम्मानित किए जाने वाली शख्सियतों में उद्योग जगत की हस्तियों को शामिल किया गया है. एक ओर जहां आदित्य बिड़ला ग्रुप के चेयरमैन कुमार मंगलम बिड़ला (KM Birla) और इंफोसिस को-फाउंडर एन नारायाण मूर्ति की पत्नी सुधा मूर्ति (Sudha Murthi) को पद्म भूषण से सम्मानित किया गया. तो दूसरी ओर बीते साल दुनिया को अलविदा कह गए भारतीय शेयर बाजार के Big Bull राकेश झुनझुनवाला (Rakesh Jhunjhunwala) को मरणोपरांत पद्म श्री अवॉर्ड से नवाजा गया है. 

Advertisement

भारत के 'वॉरेन बफे' थे राकेश झुनझुनवाला
इस बार पद्म पुरस्कारों से सम्मानित होने वाली शख्सियतों की लिस्ट में कुल 106 नामों को शामिल किया गया. इनमें से 91 को पद्मश्री, 6 को पद्म विभूषण और 9 को पद्म भूषण सम्मान दिया गया है. देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान पाने वालों की लिस्ट में उद्योग जगत की तीन बड़ी हस्तियों को शामिल किया गया. इनमें दिवंगत राकेश झुनझुनवाला, उद्योगपति कुमार मंगलम बिड़ला और सुधा मूर्ति हैं.

Rakesh Jhunjhunwala को मरणोपरांत पद्मश्री (Padma Shri) अवॉर्ड से सम्मानित किया गया है. उनका निधन बीते साल 14 अगस्त 2022 को हो गया था. महज 5 हजार रुपये से शेयर बाजार में अपनी शुरुआत करने वाले झुनझुनवाला ने ऐसी पहचान बनाई कि उन्हें भारत का वॉरेन बफे कहा जाने लगा. 

KM Birla ने कारोबार को बुलंदियों पर पहुंचाया
कम उम्र में ही बड़े कारोबारी ग्रुप की कमान संभालने वाले दिग्गज भारतीय उद्योगपति Kumar Mangalam Birla को पद्म भूषण (Padma Bhushan) अवॉर्ड से नवाजा गया है. 28 साल की उम्र में बिड़ला ग्रुप की जिम्मेदारी अपने कंधे पर उठाकर केएम बिड़ला ने अपने ग्रुप का जो विस्तार किया वो मिसाल है. घनश्याम दास बिड़ला के दादा, शिव नारायण बिड़ला ने साहूकारी करते हुए कपास व्यवसाय शुरू किया था. इसके बाद 1890 में जूट निर्माण कंपनी के रूप में पहला उद्योग स्थापित किया. आज दुनिया के 36 देशों में कंपनी का कारोबार है और यह बिड़ला समूह करीब 140,000 लोगों को रोजगार दे रहा है.

Advertisement

मारवाड़ी परिवार में 14 जून, 1967 को जन्मे कुमार मंगलम बिड़ला ने पिता आदित्य विक्रम बिड़ला के निधन के बाद 1995 में ग्रुप की कमान संभाली थी और उनके नेतृत्व में ग्रुप ने देश-विदेश की करीब 40 कंपनियों को समूह का हिस्सा बनाया. उन्होंने अपनी काबिलियत और मेहनत से आदित्य बिड़ला ग्रुप का टर्नओवर 60 अरब डॉलर पहुंचाने का काम किया है. 

सुधा मूर्ति की उधारी से शुरू हुई थी Infosys
Padma Awards 2023 की लिस्ट में इंफोसिस (Infosys) के को-फाउंडर एन आर नारायण मूर्ति की पत्नी सुधा मूर्ति (Sudha Murthy) भी शामिल हैं. उन्हें पद्म भूषण अवॉर्ड (Padma Bhushan) से सम्मानित किया गया है. आईटी दिग्गज इंफोसिस आज दुनिया भर में अपना कारोबार कर रही है और इसे शुरू करने में सबसे अहम रोल सुधा मूर्ति का ही रहा है. दरअसल, उनके दिए गए 10,000 रुपयों से ही इस कंपनी की नींव पड़ी थी. इसके बाद आज दुनिया में कंपनी की पहचान है. सुधा मूर्ति ब्रिटेन के भारतीय मूल के प्रधानमंत्री ऋषि सुनक की सास हैं. 


 

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement