Advertisement

लगातार 5वें दिन शेयर बाजार में भारी गिरावट, Paytm स्टॉक गिरकर 910 रुपये पर पहुंचा

कंपनी ने हालिया आईपीओ के बाद जबसे ओपन मार्केट में कदम रखा है, तबसे लगातार नुकसान में है. पिछले सप्ताह पहली बार पेटीएम का शेयर 1000 रुपये के स्तर से नीचे आ गया था. पिछले एक महीने के दौरान पेटीएम शेयर 33 फीसदी से ज्यादा गिर चुका है.

नए रिकॉर्ड लो पर पेटीएम शेयर नए रिकॉर्ड लो पर पेटीएम शेयर
aajtak.in
  • नई दिल्ली,
  • 24 जनवरी 2022,
  • अपडेटेड 10:31 AM IST
  • इन्वेस्टर्स को हो चुका 57 फीसदी नुकसान
  • एक महीने में आई 33 फीसदी गिरावट

चौतरफा हो रही बिकवाली के बीच शेयर बाजार (Share Market) में लगातार 5वें दिन गिरावट का दौर जारी है. सोमवार को कारोबार खुलने के कुछ ही देर बाद सेंसेक्स 550 अंक से ज्यादा गिर गया. इस बीच पेटीएम के इन्वेस्टर्स का बुरा हाल सुधरने का नाम नहीं ले रहा है. सोमवार को पेटीएम शेयर (Paytm Share) और गिरकर 910 रुपये तक आ गया.

Advertisement

नए रिकॉर्ड लो पर पेटीएम स्टॉक

सुबह 10:15 बजे पेटीएम की पैरेंट कंपनी One97 Communications Ltd का शेयर 4.37 फीसदी गिरकर 917.95 रुपये पर ट्रेड कर रहा था. इस दौरान यह स्टॉक 52 सप्ताह के नए निचले स्तर 909.05 रुपये तक गिर गया. हालिया आईपीओ के बाद बाजार में लिस्टिंग होने के बाद से पेटीएम शेयर में लगातार गिरावट आई है.

एक महीने में आई 33 फीसदी गिरावट

कंपनी ने हालिया आईपीओ के बाद जबसे ओपन मार्केट में कदम रखा है, तबसे लगातार नुकसान में है. पिछले सप्ताह पहली बार पेटीएम का शेयर 1000 रुपये के स्तर से नीचे आ गया था. पिछले एक महीने के दौरान पेटीएम शेयर 33 फीसदी से ज्यादा गिर चुका है.

सच साबित होने वाला है Macquarie का अनुमान

ब्रोकरेज फर्म Macquarie Securities India ने बीते दिनों पेटीएम के लिए 900 रुपये का नया टारगेट प्राइस सेट किया था. जिस तरह से इसमें लगातार गिरावट आ रही है, ऐसा लगता है कि फर्म का अनुमान सही साबित होने वाला है. Macquarie पहली ब्रोकरेज कंपनी है, जिसने पेटीएम स्टॉक को 1,200 रुपये से नीचे का टारगेट प्राइस दिया.

Advertisement

इन्वेस्टर्स को हो चुका 57 फीसदी से ज्यादा नुकसान

Paytm की पैरेंट कंपनी One97 communications की लिस्टिंग 18 नवंबर 2021 को हुई थी. इसका इश्यू प्राइस 2,150 रुपये था. लिस्टिंग के दिन भी इसमें बड़ी गिरावट आई थी और यह 1,961.05 रुपये पर आ गया था. उसके बाद से अब तक कंपनी का शेयर लिस्टिंग प्राइस पर नहीं पहुंच पाया है. इश्यू प्राइस की तुलना में देखें तो आईपीओ में पैसे लगाने वाले इन्वेस्टर अब तक 57 फीसदी से ज्यादा के नुकसान में हैं.

 

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement