
कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) के ट्रस्टी बोर्ड की अगली बैठक 20 नवंबर को होने जा रही है. इस बैठक में इस पर विचार हो सकता है कि इस वित्त वर्ष यानी 2021-22 में पीएफ खाताधारकों को कितना ब्याज दिया जाए.
गौरतलब है कि पिछले दो साल से खाताधारकों को EPFO द्वारा 8.5 फीसदी ब्याज दिया जा रहा है. यह पिछले आठ साल की सबसे कम ब्याज दर है, लेकिन वित्त मंत्रालय की तरफ से ब्याज दर कम रखने का ही संकेत है. बाकी सभी बचत दरों पर भी इन दिनों ब्याज काफी कम मिल रही हैं. इसके पहले साल 2018-19 में पीएफ की ब्याज दर 8.65% फीसदी थी.
किन फंडों में होगा निवेश
इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के मुताबिक, ईपीएफओ की इस बैठक में यह भी तय हो सकता है कि पीएफ खाताधारकों के पैसे अल्टरनेटिव इनवेस्टमेंट फंड (AIFs), इन्फ्रास्ट्रक्चर इनवेस्टमेंट ट्रस्ट (InvITs) जैसे किन वैकल्पिक फंडों में निवेश किया जाए.
इस साल अप्रैल में श्रम मंत्रालय ने निवेश विकल्पों में बदलाव की अधिसूचना जारी की थी जिसके मुताबिक सेबी द्वारा रेगुलेट होने वाले एआईएफ के कैटेगिरी I और कैटेगिरी II के तहत जारी में निवेश करने की बात कही गई है.
शेयर बाजार में कितना है निवेश
केंद्र सरकार द्वारा दी गई छूट के मुताबिक ईपीएफओ पीएफ खाताधारकों के फंड का करीब 15 फीसदी हिस्सा इक्विटी यानी शेयरों में लगा सकता है. रिपोर्ट के मुताबिक इस साल 30 जून तक ईपीएफओ ने शेयर बाजार में करीब 7,715 करोड़ रुपये का निवेश कर रखा है.