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Tax Slab को लेकर जनता में कोई कंफ्यूजन नहीं, न्यू टैक्स रिजीम एक विकल्प है: पीयूष गोयल

पीयूष गोयल ने कहा कि विपक्ष के पास अडानी मामले में विरोध के लिए कोई मजबूत आधार नहीं है. दुनिया में भारत का वर्चस्व बढ़ रहा है. विदेशी मुद्रा में लगातार इजाफा हो रहा है, भारत को विश्वगुरु बनने से विपक्ष या एक-आध रिपोर्ट रोक नहीं सकती.

पीयूष गोयल का अडानी मसले पर बयान पीयूष गोयल का अडानी मसले पर बयान
aajtak.in
  • नई दिल्ली,
  • 06 फरवरी 2023,
  • अपडेटेड 9:29 PM IST

केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल का कहना है कि इस बजट से सभी लोग खुश हैं. उन्होंने कहा कि एक लाजवाब बजट प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और वित्त मंत्री ने दिया है. सभी उद्योग जगत बजट से खुश है. अभी तक कोई व्यक्ति नहीं मिला जो बजट से दुखी है. जनता को भी समझ में आ गया है कि उसे बजट में क्या मिला है.

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न्यू टैक्स स्लैब एक विकल्प

न्यू टैक्स स्लैब जनता के सामने एक च्वाइस है, पुराने टैक्स स्लैब का भी विकल्प रहेगा. क्या जनता को च्वाइस देना गलत काम है? किसी को जबर्दस्ती निवेश के लिए नहीं कह सकते हैं. पीयूष गोयल ने कहा कि इस सरकार ने भ्रष्टाचार को खत्म करने का काम किया है. हमारे देश में 100 से ज्यादा यूनिकॉर्न हैं, जो बिल्कुल छोटे शहरों से बाहर निकले हैं. 

उन्होंने कहा कि अडानी मामले को लेकर सरकार पर कोई आरोप नहीं है. किसी भी शेयर का वैल्यूएशन सरकार तय नहीं करती है, ये मार्केट तय करती है. उतार-चढ़ाव के लिए सरकार जिम्मेदार नहीं है. LIC और एसबीआई दोनों स्वतंत्र संस्थाएं हैं. सरकार के कहने पर निवेश नहीं करती हैं. दोनों सफाई दे चुकी है. इसलिए विपक्ष क्या चाहता है ये पता नहीं है? अडानी मामले में सरकार की चुप्पी को लेकर केंद्रीय मंत्री ने कहा कि हमारे ऊपर तो कोई आरोप ही नहीं है, न ही सरकार पर आरोप है.

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अडानी मामले में विपक्ष का विरोध निराधार

पीयूष गोयल ने कहा कि विपक्ष के पास अडानी मामले में विरोध के लिए कोई मजबूत आधार नहीं है. दुनिया में भारत का वर्चस्व बढ़ रहा है. विदेशी मुद्रा में लगातार इजाफा हो रहा है, भारत को विश्वगुरु बनने से विपक्ष या एक-आध रिपोर्ट रोक नहीं सकती. संसद को नहीं चलने देने का काम विपक्ष कर रहा है, अगर विरोध का कोई आधार है तो संसद के पटल पर रखें. बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति है. 

विपक्ष जनता की आवाज बनने में नामाक साबित हो रहा है. बजट पर चर्चा जरूरी है. लेकिन बजट का विरोध करने के लिए उनके पास कोई मजबूत आधार नहीं है. 2024 में एक बार फिर जनता का आशीर्वाद मोदी को मिलने वाला है, जनता ने अपना मन बना लिया है. 

 

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