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रसोई का खर्च होगा कम, LPG Cylinder से इतनी सस्ती पड़ती है PNG!

आम आदमी की रसोई का खर्च दिन-ब-दिन बढ़ता जा रहा है. राशन, सब्जी से लेकर रसोई गैस (LPG Cooking Gas Cylinder) वगैरह के महंगे होने से उसकी जेब में कुछ बच ही नहीं पाता है. ऐसे में अगर आप PNG यानी की पाइप्ड नेचुरल गैस पर स्विच करते हैं, तो गैस के खर्च को काफी बचा सकते हैं. जानें कितनी LPG से सस्ती पड़ती है PNG.

एलपीजी से सस्ती पड़ती है पीएनजी! एलपीजी से सस्ती पड़ती है पीएनजी!
शरद अग्रवाल
  • नई दिल्ली,
  • 13 जनवरी 2022,
  • अपडेटेड 7:42 AM IST
  • LPG और PNG के दाम में अंतर
  • PNG का इस्तेमाल के हिसाब से भुगतान
  • 4 करोड़ पीएनजी कनेक्शन का लक्ष्य

आम आदमी की रसोई का खर्च दिन-ब-दिन बढ़ता जा रहा है. राशन, सब्जी से लेकर रसोई गैस (LPG Cooking Gas Cylinder) वगैरह के महंगे होने से उसकी जेब में कुछ बच ही नहीं पाता है. ऐसे में अगर आप PNG यानी की पाइप्ड नेचुरल गैस पर स्विच करते हैं, तो गैस के खर्च को काफी बचा सकते हैं. जानें कितनी LPG से सस्ती पड़ती है PNG.

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LPG और PNG के दाम में अंतर

देश की राजधानी दिल्ली में अभी बिना सब्सिडी वाले 14.2 किलोग्राम घरेलू एलपीजी सिलेंडर का दाम 899.50 रुपये है. इस तरह एक किलोग्राम गैस का दाम 63.35 रुपये पड़ता है. वहीं इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड (IGL) के पीएनजी का दाम मामूली बढ़ाने के बाद भी 35.61 रुपये प्रति स्टैंडर्ड क्यूबिक मीटर है.

PNG से होगी इतनी बचत

अब एक किलोग्राम एलपीजी 1.16 स्टैंडर्ड क्यूबिक मीटर के बराबर होती है. इस तरह 1 किलोग्राम एलपीजी गैस के बराबर पीएनजी का दाम 41.30 रुपये बैठेगा. इस तरह एक सिलेंडर के लिए अभी आप जहां 899.50 रुपये का भुगतान करते हैं, वहीं इतनी ही PNG के लिए 586.46 रुपये देने होंगे. अगर आप हर महीने एक सिलेंडर इस्तेमाल करते हैं तो आपके 313.04 रुपये की बचत होगी. 

इस्तेमाल के हिसाब से भुगतान

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PNG के लिए आपको बिल का भुगतान इस्तेमाल के हिसाब से करना होता है. अगर आपका उपयोग कम है तो आपका बिल कम आएगा. इतना ही नहीं सर्दियों में एलपीजी सिलेंडर में गैस नीचे बैठ जाती है, लेकिन PNG में ऐसी दिक्कत नहीं होती. वहीं ये गैस सिलेंडर की तरह आपकी किचन में जगह भी नहीं घेरता है.

4 करोड़ पीएनजी कनेक्शन का लक्ष्य

मोदी सरकार ने देश की 70 फीसदी आबादी के पास पीएनजी कनेक्शन पहुंचाने के लिए बड़ा प्लान बनाया है. इसके हिसाब से देश के करीब 400 जिलों में लगभग 4 करोड़ पीएनजी कनेक्शन दिए जाने हैं. हाल में सरकार ने शहरी गैस वितरण के लिए कंपनियों को लाइसेंस देने की 11वें दौर की बोलियां का चक्र पूरा किया है. देश के 27 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में कुल 228 भौगोलिक एरिया के लिए सीएनजी और पीएनजी का लाइसेंस कंपनियों को दिया जाना है.

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