
हर कोई अपनी कमाई में से कुछ न कुछ बचत (Saving) करता है और इसे ऐसी जगह इन्वेस्ट करना चाहता है, जहां से उस जोरदार रिटर्न को मिले ही, बल्कि पैसा भी सुरक्षित रहे. ऐसी ही एक पोस्ट ऑफिस स्कीम (Post Office Scheme) है किसान विकास पत्र या KVP Scheme, जिसमें खास बात ये है कि ये निवेशकों का पैसा महज 115 महीनों में ही डबल कर देती है. आइए जानते हैं इस खास स्कीम के बारे में विस्तार से...
पैसा डबल करने वाली स्कीम
अगर आप भी बिना रिस्क उठाए ज्यादा पैसा कमाना चाहते हैं, तो पोस्ट ऑफिस की ये पॉपुलर स्कीम किसान विकास पात्र (KVP) शानदार साबित हो सकती है. ये योजना खासतौर पर ज्यादा मुनाफा देने के लिए शुरू की गई थी. इस सरकारी स्कीम में निवेश करने पर पैसा 115 महीनों में डबल (Double Income Scheme) हो जाता है. आप कम से कम 1000 रुपये 100 के गुणांक में निवेश कर सकते हैं. खास बात ये है कि इसमें अधिकमत लिमिट की कोई सीमा नहीं है. आप जितना चाहे, उतना पैसा लगा सकते हैं.
स्कीम में कितने अकाउंट हो सकते हैं ओपन
किसान विकास पात्र योजना (Kisan Vikas Patra Scheme) के तहत सिंगल और डबल दोनों तरह के अकाउंट खोले जा सकते हैं. 10 साल से ज्यादा उम्र बच्चे के नाम पर भी इस Govt Scheme में अकाउंट ओपन किया जा सकता है. इसके साथ ही कितने भी खाते एक व्यक्ति खोल सकता है. इसकी भी कोई लिमिट नहीं है. 2, 4, 6 आप जितने चाहे, उतने अकाउंट किसान विकास पात्र योजना के तहत ओपन कर सकते हैं.
7.5 फीसदी का ब्याज
पोस्ट ऑफिस की इस योजना के तहत ब्याज तिमाही आधार पर तय किया जाता है. वहीं पोस्ट ऑफिस की इस योजना के तहत अभी 7.5 फीसदी का ब्याज दिया जा रहा है. यह ब्याज सालाना आधार पर जारी किया जाता है.
5 लाख लगाकर पाएं 10 लाख रुपये
अगर कोई इस योजना के तहत 5 लाख रुपये का निवेश करता है और मैच्योरिटी यानी 115 महीने तक इस योजना में टिका रहता है तो उसे 7.5 फीसदी ब्याज के आधार पर 5 लाख रुपये सिर्फ ब्याज से मिलेंगे. इसका मतलब है कि मैच्योरिटी पर निवेशकों को 10 लाख रुपये मिलेंगे. ध्यान देने वाली बात है कि इसमें टैक्स शामिल है.
सरकार ने किसान विकास पत्र की मैच्योरिटी की अवधि पहले 123 महीने से घटाकर 120 महीने की थी. अब इसे और घटाकर 115 महीने कर दिया गया है. पोस्ट ऑफिस की वेबसाइट पर मौजूद जानकारी के अनुसार, किसान विकास पत्र में निवेश की राशि पर ब्याज की गणना कम्पाउंडिंग आधार पर होता है. इस स्कीम में निवेश की राशि पर ब्याज की गणना कम्पाउंडिंग आधार पर होता है.