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क्‍या बंद हो जाएगी RBI की सॉवरेन गोल्‍ड बॉन्‍ड स्कीम? सस्‍ता सोना खरीदने का मिलता है मौका

तर्क दिया जा रहा है कि सरकार ने बजट 2024 में गोल्‍ड पर इम्‍पोर्ट ड्यूटी को 15 प्रतिशत से घटाकर 6 प्रतिशत कर दिया था, जिसके बाद सोने के दाम में भारी गिरावट आई है. इससे सॉवरेन गोल्‍ड बॉन्‍ड में निवेश करने वाले लोगों को भी नुकसान हुआ है.

Sovereign Gold Bond Scheme Sovereign Gold Bond Scheme
aajtak.in
  • नई दिल्‍ली ,
  • 03 अगस्त 2024,
  • अपडेटेड 8:13 AM IST

भारतीय रिजर्व बैंक ने लोगों को बाजार से कम भाव पर सोना खरीदने की सुविधा देते हुए 30 नवंबर, 2015 को सॉवरेन गोल्‍ड बॉन्‍ड (Sovereign Gold Bond Scheme) की शुरुआत की थी. अब ऐसी खबर आ रही हैं कि सरकार इस योजना को बंद कर सकती है. हालांकि सरकारी अधिकारियों ने बिजनेस टुडे टीवी को बताया कि सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड (एसजीबी) योजना को समाप्त करने का कोई निर्णय नहीं लिया गया है, लेकिन इसपर अंतिम फैसला सितंबर 2024 में किया जाएगा. 

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रिपोर्ट में कहा गया कि सितंबर 2024 में RBI की उधारी कैलेंडर बैठक के साथ होने वाली बैठक में इस योजना के भविष्य पर चर्चा की जाएगी. यह चर्चा SGB योजना आगे चालू रखने में महत्वपूर्ण होगी, क्‍योंकि यह धन जुटाने और सोने की फिजिकल डिमांड को कम करने की सरकार की रणनीति का एक महत्वपूर्ण हिस्सा रही है. 

क्‍यों बंद हो सकती है ये योजना? 
तर्क दिया जा रहा है कि सरकार ने बजट 2024 में गोल्‍ड पर इम्‍पोर्ट ड्यूटी को 15 प्रतिशत से घटाकर 6 प्रतिशत कर दिया था, जिसके बाद सोने के दाम में भारी गिरावट आई है. इससे सॉवरेन गोल्‍ड बॉन्‍ड में निवेश करने वाले लोगों को भी नुकसान हुआ है, क्‍योंकि मैच्‍योरिटी पर उन्‍हें बहुत कम रिटर्न मिलेगा. ऐसे में कुछ रिपोर्ट्स कह रहे हैं कि सरकार इसे बंद करने पर विचार कर सकती है. हालांकि इस दावे को अधिकारियों ने गलत बताया है और कहा कि एसजीबी पर रिटर्न दोहरे अंकों में रहेगा. 

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अधिकारियों ने योजना हो लेकर और क्‍या कहा? 
बीटीटीवी की रिपोर्ट के मुताबिक, अधिकारियों ने कहा कि आयात शुल्‍क में कमी का लक्ष्‍य बांड रिटर्न से जुड़ी समस्‍याओं को समाधान करने के बजाय डोमेस्टिक गोल्‍ड मार्केट को स्थिर करना और सोने को अध‍िक सुलभ बनाना है. एसजीबी योजना 2.5% की निश्चित वार्षिक ब्याज दर प्रदान करती है और उसके बाद बाजार से मिले रिटर्न का भी लाभ देती है. यानी निवेशकों को इस योजना के तहत डबल मुनाफा मिलता है. 

कैपिटल गेन पर टैक्‍स छूट 
इसके अतिरिक्त, यह योजना रिडेम्प्शन पर कैपिटल गेन टैक्‍स छूट प्रदान करती है. बॉन्ड का उपयोग लोन के लिए संपार्श्विक के रूप में भी किया जा सकता है या स्टॉक एक्सचेंजों पर कारोबार किया जा सकता है, जिससे निवेशकों के लिए उनकी तरलता और उपयोगिता बढ़ जाती है. 

अभी तक एक किश्‍त हुई है मैच्‍योर 
30 नवंबर, 2015 को लॉन्च की गई एसजीबी योजना की पहली किश्त नवंबर 2023 में भुनाई गई थी, तब निवेशकों को अच्‍छा मुनाफा मिला था. अगस्त 2016 में 2.75% की वार्षिक ब्याज दर के साथ 3,119 रुपये पर जारी 2016-17 सीरीज I, अगस्त 2024 में अंतिम मोचन के लिए निर्धारित है. ऐसे में अब देखना दिलचस्‍प होगा कि इस किश्‍त के मैच्‍योर होने पर निवेशकों को कितना मुनाफा मिलेगा. 

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