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बदलने वाला है म्यूचुअल फंड का नियम, अब केवल 250 रुपये में बन पाएंगे करोड़पति!

CII के एक कार्यक्रम में बोलते हुए माधबी पुरी बुच ने कहा कि म्यूचुअल फंड (Mutual Fund) उद्योग के साथ मिलकर इस पहल पर काम किया जा रहा है. जिससे निवेशक 250 रुपये मंथली SIP का लाभ उठा पाएंगे.

SIP Investment Formula SIP Investment Formula
aajtak.in
  • नई दिल्ली,
  • 02 सितंबर 2024,
  • अपडेटेड 8:56 PM IST

म्यूचुअल फंड के जरिये निवेशकों की संख्या बढ़ाने के लिए मार्केट रेगुलेटरी सेबी ने बड़ा फैसला लिया है. सेबी की चेयरपर्सन माधबी पुरी बुच ने कहा कि जल्द ही म्यूचुअल फंड में सिर्फ 250 रुपये महीने SIP लोग कर पाएंगे. इसका उद्देश्य जनसंख्या के व्यापक हिस्से तक इस योजना को पहुंचाना है और म्यूचुअल फंड और निवेशकों के लिए अधिक सुलभ बनाना है.

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CII के एक कार्यक्रम में बोलते हुए बुच ने कहा कि म्यूचुअल फंड (Mutual Fund) उद्योग के साथ मिलकर इस पहल पर काम किया जा रहा है. जिससे निवेशक 250 रुपये मंथली SIP का लाभ उठा पाएंगे. उन्होंने बताया कि उद्योग इस पहल को लागू करने के लिए एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड्स इन इंडिया (AMFI) और इस क्षेत्र के प्रमुख खिलाड़ियों के साथ चर्चा कर रहा है.

अब 250 रुपये महीने SIP की सुविधा

उन्होंने कहा कि इस बात सुनिश्चित किया जा रहा है कि 250 रुपये की SIP को कैसे लोकप्रिय बनाया जाए, ताकि जन-जन तक इसकी पहुंच हो. बता दें, आदित्य बिड़ला सन लाइफ म्यूचुअल फंड ने कथित तौर पर इस ₹250 एसआईपी फॉर्मेट को बनाने में अहम भूमिका निभाई है, जो सफल होने पर भारत में किसी भी म्यूचुअल फंड हाउस की तरह से अपनी तरह का पहला कदम होगा. 

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बुच का मानना है कि जब लोगों के सामने ₹250 प्रति माह के साथ निवेश का विकल्प खुलेगा, तो वो बढ़-चढ़कर हिस्सा लेंगे, और फ्यूचर में बड़ा फंड बना पाएंगे. करीब 3 डॉलर प्रति माह का फॉर्मूला दुनियाभर के लोगों को चौंका रहा है. लेकिन भारत के लिए यही 'विकसित भारत' का रास्ता है. 

घर-घर तक पहुंचेगा SIP?

माधबी पुरी बुच ने कहा कि म्यूचुअल फंड उद्योग इस संभावित बदलाव के लिए तैयार है, उन्होंने कहा कि नियामक और उद्योग हितधारकों के बीच सह-निर्माण और सहयोग के महत्व पर जोर दिया. 

गौरतलब है कि अबतक कम से कम 500 रुपये महीने वाले SIP उपलब्ध हैं. वहीं इस कार्यक्रम में बुच ने रियल एस्टेट इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट (रीट) पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया और कहा कि ऐसी इकाइयों के सरलीकरण के नियम मौजूद हैं.

उन्होंने कहा, अगर मैं रीट पर एक शब्द भी कहूंगी तो मुझ पर हितों के टकराव का आरोप लगा दिया जाएगा.' बुच ने यह बात ऐसे समय में कही है जब अमेरिका की शॉर्ट सेलिंग कंपनी हिंडनबर्ग रिसर्च ने अपनी एक रिपोर्ट में उनके और निजी इक्विटी फर्म ब्लैकस्टोन से जुड़े संभावित हितों के टकराव के बारे में सवाल उठाए हैं. 
 

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