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Jaya Kishori Fee: कथावाचक जया किशोरी की कमाई, एक प्रोग्राम के लिए लेती हैं इतने पैसे!

Jaya Kishori Fees: जया किशोरी की एक झलक पाने के लिए प्रशंसक बेताब रहते हैं. उन्होंने हाल ही में अपने इंटरव्यू में कहा था कि वह कोई साधु या संन्यासिनी नहीं हैं, एक सामान्य लड़की हैं. वह अच्छी मोटीवेशनल स्पीकर भी हैं. इसके लिए उन्हें अवॉर्ड मिला है. 

कथावाचक जया किशोरी के बारे में कथावाचक जया किशोरी के बारे में
aajtak.in
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  • 17 मई 2023,
  • अपडेटेड 7:17 AM IST

''मीठे रस से भरयोरी, राधा रानी लगे, महारानी लागे...,
माहने खारो खारो यमुना जी को पानी लागे''...
जब ये भजन बजता है तो माहौल भक्तिमय हो जाता है. आप चाहें जहां भी हो, गुनगुना लगते हैं. मन झूमने लगता है. क्योंकि जब यह भजन जया किशोरी की मीठी आवाज में लोगों के कानों तक पहुंचती है, तो वो सब गम भूल जाते हैं और पलभर के लिए धुन में रम जाते हैं.

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जया किशोरी के कई भजन बेहद लोकप्रिय हैं, लोग सुकुन के दो पल में उसे सुनते हैं. इस बीच जया किशोरी की लोकप्रियता दिनों-दिन बढ़ती जा रही है. सोशल मीडिया के इस दौर में उनके लाखों फॉलोअर्स हैं. यूट्यूब और फेसबुक में जया किशोरी एक-एक वीडियो पर मिलियन व्यूअर्स हैं. इन माध्यम से भी जया किशोरी की टीम रेवेन्यू जेनरेट करती है.

जानिए जया किशोरी का असली नाम

लेकिन आज हम आपको बताएंगे, जया किशोरी एक कथा के लिए कितना पैसा लेती हैं. इसके अलावा उनके परिवार और पढ़ाई-लिखाई के बारे में बताएंगे. सबसे पहले आपको बता दें कि जया किशोरी जी का पूरा नाम जया शर्मा हैं. उनका जन्म 13 जुलाई 1995 को राजस्थान के सुजानगढ़ में एक गौड़ ब्राह्मण परिवार में हुआ है. 

जया किशोरी का परिवार 

जया के पिता का नाम राधे श्याम हरितवाल‌ (शिव शंकर शर्मा) है, उनकी माता का नाम गीता देवीजी हरितपाल है. जया शर्मा की एक बहन चेतना शर्मा भी है. इनका पूरा परिवार फिलहाल कोलकाता में रहता है. जया किशोरी का मन बचपन से ही भगवान की भक्ति में लग गया था. जया किशोरी खुद बताती हैं कि जब वो 6 साल की थीं, तभी से उन्होंने भक्तिमार्ग को अपना लिया था. बचपन में उनके घर में हनुमान जी का सुंदरकांड पढ़ा जाता था. 

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करीब 9 साल की उम्र में जया किशोरी ने संस्कृत में लिंगाष्टकम, शिव तांडव स्तोत्रम्, रामाष्टकम्, मधुराष्टकम्, श्रीरूद्राष्टकम्, शिवपंचाक्षर स्तोत्रम्, दारिद्रय दहन शिव स्तोत्रम् आदि कई स्तोत्रों को गाकर लोगों को प्रभावित किया था. छोटी-सी उम्र में ही भागवत गीता, नानी बाई का मायरो, नरसी का भात जैसी कथाएं सुनाकर पॉपुलर हुईं जया किशोरी आज पूरे देश ही नहीं, बल्कि विदेशों में भी मशहूर हैं. 

जब जया ने खुद के बारे में बताया

10 साल की उम्र में जया किशोरी ने अमोघफलदायी सम्पूर्ण सुंदरकांड गाकर लाखों लोगों के दिलों में विशेष स्थान बनाया था. उसके बाद से उनकी लोकप्रियता लगातार बढ़ती गई. प्रशंसक उनकी एक झलक पाने के लिए बेताब रहते हैं. उन्होंने हाल ही में अपने एक इंटरव्यू में कहा था कि वे कोई साधु या संन्यासिनी नहीं हैं, एक सामान्य लड़की हैं. 

जया किशोरी की कमाई

जया किशोरी एक कथा के लिए जिसमें नानी बाई को मायरो और श्रीमद भागवत कथा होता है, उसके लिए करीब 9 से 10 लाख रुपये तक लेती हैं, आधा बुकिंग के समय ही ले लिया जाता है, बाकी का कथा या मायरा के बाद लिया जाता है. इसमें से बड़ा हिस्सा जया किशोरी नारायण सेवा संस्थान को डोनेट कर देती हैं. यह संस्था दिव्यांग और अपंग लोगों के लिए अस्पताल चलाती है और गरीबों की सेवा करती है. नारायण सेवा संस्थान द्वारा कई गौशालाएं भी चलाई जाती है. 

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'किशोरी जी' की उपाधि
अगर पढ़ाई की बात करें तो जया किशोरी ने अपनी स्कूली पढ़ाई कोलकाता के महादेवी बिडला वर्ल्ड एकेडमी से की. उसके बाद उन्होंने बी.कॉम की पढ़ाई पूरी की. जया किशोरी को उनके गुरु पंडित गोविंद राम मिश्रा ने उनके भगवान श्री कृष्ण के प्रति प्रेम को देखते हुए उन्हें 'किशोरी जी' की उपाधि दी थी. 

जया किशोरी को अवॉर्ड
जया किशोरी एक अच्छी मोटीवेशनल स्पीकर भी हैं. इसके लिए उन्हें अवॉर्ड भी मिला है. सभी जानते हैं कि जया किशोरी भारत के साथ-साथ विदेशों में भी बड़े-बड़े समारोह में भाग लेती हैं. फेम इंडिया एशिया पोस्ट सर्वे 2019 के तहत यूथ आइकॉन सर्वे रिपोर्ट में जया किशोरी को 18,320 प्रबुद्ध लोगों के अध्यात्म श्रेणी में रखा गया था. 2021 में उन्हें बेस्ट मोटिवेशनल स्पीकर के खिताब से नवाजा गया है.

(रिपोर्ट: विजय चौहान, चूरु, राजस्थान)

 

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