
बड़ी उम्मीदों के साथ 2023 में डीमैट अकाउंट (Demat Account) खोलवाए थे, इसी अकाउंट से म्यूचुअल फंड में SIP कर रहे थे, थोड़ा बहुत पैसा शेयर बाजार (Stock Market) में भी लगा रहे थे. शुरुआत में सबकुछ ठीक-ठाक था. हर महीने जो भी पैसा बचता था, उससे शेयर खरीद लेते थे. अक्सर लोगों से सुना था कि लंबी अवधि में बाजार से अच्छा पैसा बन जाता है. हमने भी इसी उम्मीद के साथ शेयर बाजार में पैसा लगाना शुरू किया था. अब दो साल होने को है, शेयर बाजार से पैसा बनना तो दूर, कैपिटल भी साफ हो रहा है, यानी मूलधन बचाना मुश्किल हो रहा है.
दरअसल, ये दर्द भरी कहानी हमारे एक जानकार अभिषेक की है, वैसे अभिषेक जैसे लाखों लोग हैं, जो आज ठगा महसूस कर रहे हैं. पिछले दो से तीन साल में जितने भी Demat Account खुले हैं, उसमें अधिकतर अकाउंट होल्डर युवा हैं और वो इस उम्मीद के साथ बाजार में आए थे कि थोड़ा-थोड़ा निवेश करके वो अपना मजबूत पोर्टफोलियो बना लेंगे.
साल 2023 में करीब 35 लाख नए डीमैट अकाउंट, साल 2024 में आंकड़ा बढ़कर 46 लाख हो गया, यानी हर महीने करीब 4 लाख डीमैट अकाउंट खुल रहे थे, अब पिछले दो साल में अभिषेक जैसे लाखों युवा शेयर बाजार से जुड़े, और उन्होंने कमाई का मोटा हिस्सा बाजार में लगाना शुरू किया. लेकिन अब वो पछता रहे हैं.
अभिषेक कहते हैं कि आज से 6 महीने पहले पोर्टफोलियो करीब ढाई लाख रुपये का था, जिसमें 25 फीसदी से ज्यादा प्रॉफिट था, देखकर अच्छा लगता था. लेकिन धीरे-धीरे करके सारा प्रॉफिट साफ हो गया, अब कैपिटल भी हर रोज कम हो रहा है. यानी अब मूलधन बचाना चुनौती है. कुल निवेश करीब 1.75 रुपये का था, लेकिन प्रॉफिट साफ होने के बाद अब कैपिटल, यानी निवेश की राशि घटकर भी 1.40 लाख रुपये हो गई. पाई-पाई जोड़कर जो बाजार में 1.75 लाख रुपये लगाया था, उसमें प्रॉफिट तो साफ हुआ ही, कैपिटल भी 40 हजार डूब चुका है. कुछ मिलाकर SIP का भी यही हाल है. एक समय SIP में 10 फीसदी से ज्यादा सालाना रिटर्न दिखा रहा था, जो अब निगेटिव में जा चुका है.
इस बीच अब उन्हीं एक्सपर्ट को देखता हूं, जो एक समय कहते थे कि इस शेयर को खरीद लो, उस शेयर को खरीद लो, ये सेक्टर बेहतर प्रदर्शन करने वाला है. लेकिन अब वही लोग शेयर बेचने की सलाह दे रहे, जब सबकुछ साफ हो गया. अब क्या बेचूं, बेचने को पोर्टफोलियो में बचा ही क्या है, कई शेयर के भाव आधे हो चुके हैं. फिर कुछ लोग कहते हैं कि अगर लंबी अवधि का नजरिया है, तो घबराना नहीं चाहिए. क्यों न घबराएं? हर रोज बाजार गिर रहा है, और गाढ़ी कमाई साफ हो रही है. ऐसा ही चलता रहा तो कि कुछ दिन में हम जैसे निवेशकों का पोर्टफोलियो भी साफ हो जाएगा, फिर लंबी अवधि का नजरिया क्या करेगा?
अभिषेक कहते हैं, अगर अभी जो बचा है, वो बेचकर बाहर निकलता हूं, तो फिर 40 हजार का नुकसान उठाना पड़ेगा, इस भीड़ कई एक्सपर्ट्स ऐसे भी हैं, जो सलाह दे रहे हैं कि रिटेल निवेशक को पैनिक सेलिंग से बचना चाहिए. जिससे बेच भी नहीं पा रहा हूं, हर दिन इस उम्मीद के साथ सुबह की शुरुआत करते हैं कि आज गिरावट थम सकती है, और बाजार की चाल बदलेगी. लेकिन ऐसा हो नहीं रहा है.
अभिषेक कहते हैं कि क्या गारंटी है कि अगले कुछ महीनों या वर्षों में बाजार बेहतर हो जाएगा. अगर स्थिति यहां से और बिगड़ गई तो फिर क्या होगा. अब निवेश को जारी रखने में घबराने लगा हूं. दरअसल बाजार ने पिछले 6 महीनों में रिटेल निवेशकों को मानसिक तौर पर तोड़कर रख दिया है. अभिषेक इस गिरावट से घबराकर कहते हैं कि इससे बढ़िया तो फिक्स्ड डिपॉजिट ही है, जहां 8-9 फीसदी ब्याज की गारंटी है, और कैपिटल भी सुरक्षित रहता है.
अभिषेक जैसे लाखों निवेशक बेहाल हैं. उनका दर्द छलक जा रहा है कि ये शेयर बाजार हम जैसे लोगों के लिए नहीं है, कैसे गलत जगह फंस गए, अब क्या करें, समझ में नहीं आ रहा है, क्योंकि गिरावट थमने का कोई संकेत दिख नहीं रहा है और ऐसे हालात में सबकुछ बेचकर निकलने की भी हिम्मत नहीं हो रही है.
गौरतलब है कि शेयर बाजार में हाहाकार मचा है, गिरावट के मामले में 28 साल का रिकॉर्ड टूट गया है. लगातार 5वें महीने फरवरी में इंडेक्स (सेंसेक्स-निफ्टी) गिरावट के साथ बंद हुए. इस गिरावट ने हर निवेशक को आर्थिक तौर पर चोट पहुंचाई है. खासकर रिटेल निवेशकों में कोहराम मचा है. सेंसेक्स-निफ्टी अपने ऑलटाइम हाई से 15 फीसदी टूट चुका है. यही नहीं, मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स हाई से 20 फीसदी से ज्यादा फिसल चुका है.
बता दें, पिछले दो साल में जितने भी लोगों ने बाजार में निवेश की शुरुआत की है, वो सभी नुकसान में जा चुके हैं, अभिषेक जैसे लाखों लोग अब हर रोज कैपिटल गंवा रहे हैं, और ये दर्द धीरे-धीरे बढ़ता ही जा रहा है.
इस बीच शुक्रवार को बाजार में भारी गिरावट देखी जा रही है, सेंसेक्स 1400 से ज्यादा अंक टूट चुका है, जबकि निफ्टी 400 अंक से ज्यादा गिरकर 22100 के करीब पहुंच गया है. सैकड़ों मिडकैप और स्मॉल कैप शेयर गिरकर आधे दाम पर पहुंच गए हैं. ऐसे में कोहराम मचना तो लाजिमी है.
अभिषेक के पास अब क्या उपाय?
एक्सपर्ट की मानें तो इस गिरावट में रिटेल निवेश को नई खरीदारी से बचना चाहिए. लेकिन अगर आपके पोर्टफोलियो में फंडामेंटली मजबूत स्टॉक्स हैं और वो बहुत ज्यादा गिर गया है तो उसमें कुछ स्टॉक्स जोड़ सकते हैं, ताकि बाजार में तेजी आने पर वो ज्यादा प्रॉफिट दिला सके. वहीं अगर आप SIP कर रहे हैं, तो ऐसी गिरावट से बिल्कुल न घबराएं, SIP को जारी रखें. क्योंकि SIP को एक्सर्ट्स के द्वारा ऑपरेट किए जाते हैं, और वो जोखिम के हिसाब से निवेश को बढ़ाते-घढ़ाते हैं. यानी आपके फंड को एक्सपर्ट्स के द्वारा मैनेज किया जाता है. यही नहीं, जानकर बताते हैं कि जब भी बाजार में बड़ी गिरावट आए तो SIP निवेशकों के लिए ये एक बेहतर मौका होता है, अपने निवेश को बढ़ाने के लिए, ताकि फ्यूचर में जब में तेजी लौटे तो ज्यादा फायदा हो.