
आम दिनों की तुलना में त्योहारों के दौरान लोगों के खर्चे बढ़ जाते हैं. लेकिन कुछ लोग चाहकर भी अतिरिक्त खर्च नहीं कर पाते हैं, क्योंकि उनके हाथ खाली होते हैं. उनकी शिकायत रहती है कि कमाई तो अच्छी है, लेकिन खर्चे इतने ज्यादा हैं कि पैसे बचते नहीं. अगर आपकी भी यही लाचारी या समस्या है, तो इसके आसान उपाय हैं.
दरअसल, हर कोई चाहता है कि मां लक्ष्मी की कृपा से उनकी आर्थिक स्थिति इस दिवाली (Diwali) से बेहतर हो. आज हम आपको 5 ऐसी गलतियों के बारे में बताने जा रहे हैं जो अधिकतर लोग करते हैं और फिर हमेशा आर्थिक तंगी का रोना-रोते हैं. इस दिवाली से आप मां लक्ष्मी की अराधान के साथ-साथ ये 5 कदम उठाएं. अगली दिवाली पर आप कुछ हद तक हाथ-खाली का रोना नहीं रोएंगे.
इस गलतफहमी को पहले करें दूर
अक्सर लोग ये बहाने बनाते हैं कि अभी आमदनी से ज्यादा खर्चे हैं, इसलिए सेविंग नहीं हो पाती है. जब तक आप इस बहाने से बाहर नहीं निकलेंगे तब तक हाथ खाली का रोना रोते रहेंगे. निवेश की शुरुआत करने के लिए कोई मोटी रकम की जरूरत नहीं होती है. आप हर महीने नियमित तौर एक छोटी राशि निवेश कर बड़ा फंड बना सकते हैं. शुरुआत में आप अपनी आमदनी का 10वां हिस्सा निवेश कर सकते हैं. उसके बाद जैसे-जैसे आमदनी बढ़ती जाए निवेश को भी बढ़ाते जाएं.
निवेश के लिए तारीख-पर-तारीख क्यों?
निवेश को लेकर अक्सर लोग कहते हैं कि कुछ समय के बाद शुरू करेंगे. ऐसे लोगों के लिए वो वक्त कभी नहीं आता. क्योंकि वे निवेश को गंभीरता से नहीं लेते. आज की तारीख में जितना जरूरी बचत पर फोकस करना है, उतना ही निवेश को लेकर भी गंभीर होने की जरूरत है. वक्त कभी किसी का इंतजार नहीं करता है.
फिजूलखर्ची पर लगाम
अगर आप निवेश के लिए बचत करना चाहते हैं तो सबसे पहले फिजूलखर्ची पर लगाम लगाएं. इसके लिए अपनी शौक और आदतों को सीमित करें. अगर होटल और रेस्तरां में खाना खाने की आदत है तो इसमें बदलाव करें. इससे न सिर्फ आपका स्वास्थ्य बेहतर रहेगा, बल्कि फिजूलखर्ची से भी बच पाएंगे. साथ ही शॉपिंग के दौरान हाथ में लिस्ट रखें, और जो जरूरी हो उसे ही खरीदें.
सही जगह पर करें निवेश
अक्सर लोगों की शिकायत होती है कि निवेश कहां करें, जहां निवेश सुरक्षित हो और रिटर्न भी बेहतर मिले. आप बचत की राशि को तीन भागों में बांटें. उसमें से एक तिहाई रकम पोस्ट ऑफिस (Post Office) या बैंक में फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) करें. उसके बाद एक तिहाई राशि को PPF अकाउंट में जमा करें. इसके अलावा बेहतर रिटर्न के लिए बाकी राशि को आप म्यूचुअल फंड और शेयर बाजार में भी निवेश कर सकते हैं. लेकिन बिना वित्तीय सलाहकार की मदद से आप Mutual Fund और Stock Market में निवेश न करें.
हेल्थ इंश्योरेंस (Health Insurance) सबसे जरूरी
आज के दौर में हॉस्पिटल का खर्च बहुत ज्यादा बढ़ गया है. इस खर्च को आम आदमी नहीं उठा सकता है. इसलिए हेल्थ इंश्योरेंस बहुत जरूरी है. बिना हेल्थ इंश्योरेंस एक बार अस्पताल में एडमिट की नौबत आने पर सारी जमा-पूंजी निकल जाती है. इसलिए इस खर्चे को रोकने के लिए हेल्थ इंश्योरेंस जरूर ले लें. बाजार में व्यक्तिगत हेल्थ प्लान से लेकर फैमिली फ्लोटर प्लान तक शामिल हैं.