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विनिवेश पर सरकार की कोशिशें नाकाम! एयर इंडिया के लिए अब तक एक दावेदार

एयर इंडिया को खरीदने के लिए कतार में टाटा समूह एक मात्र बोलीदाता है, जबकि अंतिम बोली की तिथि मात्र एक महीने दूर रह गई है.

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aajtak.in
  • नई दिल्ली,
  • 09 जुलाई 2020,
  • अपडेटेड 5:31 PM IST
  • लंबे समय से भारी कर्ज में है एयर इंडिया
  • सरकार ने बनाई है विनिवेश की योजना

केंद्र सरकार की तमाम कोशिशों के बाद भी एयर इंडिया को खरीदने में कोई दिलचस्पी नहीं दिखा रहा है. यही वजह है कि अब तक टाटा समूह एक मात्र बोलीदाता है, जबकि अंतिम बोली की तिथि मात्र एक महीने दूर रह गई है. एयरलाइन बिजनेस में पहले से मौजूद टाटा समूह ने एयर इंडिया को खरीदने में रुचि दिखाई है. दिलचस्प बात ये है कि एयर इंडिया किसी समय टाटा के पास ही थी. 

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बोली की अंतिम तिथि 31 अगस्त
टाटा समूह बोली के लिए आगे बढ़ सकता है, जबकि इसकी ज्वाइंट वेंचर एयरलाइन, सिंगापुर एयरलाइंस ने कोविड-19 की चिंताओं के कारण एयर इंडिया की बोली से जुड़ने से इंकार कर दिया है. टाटा समूह फिलहाल एयरलाइंस को उचित महत्व दे रहा है. बहरहाल, बोली की अंतिम तिथि 31 अगस्त है और सरकार इस तिथि को आगे बढ़ाने के पक्ष में नहीं है. टाटा समूह के अलावा अन्य बोलीदाताओं के बारे में आगे उचित प्रक्रिया के जरिए पता चल पाएगा.

एयरलाइन पर कोरोना की मार 

बता दें कि वैश्विक स्तर पर विमानन कंपनियां कोविड-19 महामारी और उसके परिणामस्वरूप हवाई यात्रा व पर्यटन में आए व्यवधानों के कारण गंभीर संकट में हैं.  वहीं, एयर इंडिया की बात करें तो कोविड-19 से काफी पहले से गंभीर वित्तीय संकट का सामना कर रही है. महामारी में इसकी वित्तीय स्थिति और खराब हो गई है.

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एयर इंडिया पर कितना कर्ज
इसी साल विमानन मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने बताया था कि एयर इंडिया पर 2016-17 में 48, 447 करोड़ रुपये का कर्ज था, जो कि 2017-18 में बढ़कर 55,308 करोड़ रुपये और 2018-19 में 58, 255 करोड़ रुपये हो गया.

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