
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को 10 राज्यों और 2 केंद्र शासित प्रदेशों में 65 लाख स्वामित्व प्रॉपर्टी कार्ड (SVAMITVA Property Card) बांटा. इस कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री वर्चुअली जुड़े हुए थे. उन्होंने कहा कि पांच साल पहले शुरू की गई इस योजना के तहत सवा 2 करोड़ लोगों को अपने घर का पक्का कानूनी प्रमाण मिला है. पहले गांव में लोगों के पास लाखों-लाख करोड़ की संपत्ति होने के बावजूद उसकी इतनी कीमत नहीं थी. क्योंकि उनके पास कानूनी दस्तावेज होते ही नहीं थे. अब 100 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा की इकोनॉमिक एक्टिविटीज का रास्ता खुल गया है.
2.25 करोड़ प्रॉपर्टी कार्ड तैयार
उन्होंने कहा कि आज के समय में गांव की अर्थव्यवस्था महत्वपूर्ण है. उन्होंने आगे कहा कि पहले घर या जमीन मिलकियत को लेकर विवाद होते थे. दबंग घर और जमीन पर कब्जा कर लेते थे और कोई दस्तावेज नहीं होने के कारण बैंक भी किनारा कर लेते थे. इस योजना के तहत 12 राज्यों के 230 जिलों के 50 हजार से ज्यादा गांव शामिल हैं. अब तक 1.53 लाख से ज्यादा गांवों के लिए लगभग 2.25 करोड़ संपत्ति कार्ड (SVAMITVA Scheme Property Card) तैयार किए जा चुके हैं.
क्या है प्रॉपर्टी कार्ड योजना?
यह केंद्र की ओर से चलाई जाने वाली सरकारी स्कीम है, जिसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 24 अप्रैल को 9 राज्यों में पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर शुरू की थी. इस योजना में ड्रोन तकनीक के जरिए जमीनों की मैपिंग और मालिकों का एक रिकॉर्ड तैयार किया जाता है. इसके बाद संपत्ति के मालिकों को एक कार्ड मुहैया कराया जाता है. इसका लक्ष्य ग्रामीणों को संपत्तियों का मालिकाना हक दिलाना है. 31 राज्य और केंद्रशासित प्रदेश अभी तक इस योजना के तहत हैं.
सिक्किम, तेलंगाना और तमिलनाडु ने केवल पायलट फेज में थे. पश्चिम बंगाल, बिहार, नागालैंड और मेघालय इस योजना में शामिल नहीं हुए हैं. स्वामित्व योजना त्रिपुरा, गोवा, उत्तराखंड और हरियाणा में यह योजना पूरी तरह लागू हो चुकी है. मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और छत्तीसगढ़ और कई केंद्र शासित प्रदेशों में ड्रोन सर्वे पूरा हुआ है. इस योजना के तहत कार्ड दिया जाता है, जिसमें जमीन की पूरी जानकारी होती है. इस कार्ड की मदद से आप आसानी से बैंक लोन भी ले सकते हैं.
इस योजना के 5 बड़े फायदे