अमेरिका के बड़े संक्रामक रोग वैज्ञानिक डॉ. एंथोनी फॉसी ने चेतावनी दी है कि अगर दुनिया भर के देश सही तरीके नहीं अपनाएंगे तो कोरोना वायरस 1918 में फैली महामारी की तरह गंभीर रूप ले लेगा. उन्होंने ये बात जॉर्जटाउन यूनिवर्सिटी में आयोजित ग्लोबल हेल्थ इनीशिएटिव वेबीनार में कही. (फोटोः रॉयटर्स)
डॉ. फॉसी ने बताया कि 1918 में फैली स्पैनिश फ्लू महामारी के चलते 5 से 10 करोड़ लोग मारे गए थे. यह दुनिया की सबसे भयावह महामारी थी. मैं उम्मीद करता हूं कि ऐसी स्थिति कोरोना के साथ न आए, लेकिन इसने शुरुआत कर दी है.
दुनियाभर के देशों की लापरवाही और इंसानी फितरत इस बीमारी को और गंभीर बना रही है. हालांकि, डॉ. एंथोनी फॉसी ने यह उम्मीद जताई है कि एक दिन वे दवाएं इस बीमारी को रोकने में कामयाब होंगी जिनका अभी ट्रायल चल रहा है. (फोटोः रॉयटर्स)
डॉ. एंथोनी फॉसी के साथ वेबीनार में शामिल सेंटर फॉर डिजीस कंट्रोल (सीडीसी) के डायरेक्टर डॉ. रॉबर्ट रेडफील्ड ने कहा कि अमेरिका में 34 लाख से ज्यादा लोग कोरोना पॉजिटिव हैं. ये संख्या और ज्यादा हो सकती है. क्योंकि सभी लोगों की जांच नहीं हो पा रही है.
डॉ. रेडफील्ड ने जर्नल ऑफ द अमेरिकन मेडिकल एसोसिएशन के हवाले से बताया कि अगर कोई दवा नहीं सफल हुई तो कोरोनावायरस से जूझने में हमें 2 से 3 साल लग जाएंगे. लेकिन इससे ज्यादा खतरनाक बात ये है कि साल 2021 के शुरुआती चार महीने लोगों के लिए बेहद कठिन जाने वाले हैं.(फोटोः रॉयटर्स)
जॉन्स हॉपकिंस यूनिवर्सिटी के मुताबिक इस समय दुनिया भर में 1.35 करोड़ से ज्यादा लोग कोरोना वायरस से संक्रमित है. सबसे ज्यादा 34.95 लाख संक्रमित लोग अमेरिका में हैं. अमेरिका में ही सबसे ज्यादा मौतें भी हुई हैं. यहां पर 1.37 लाख से ज्यादा लोग मारे गए हैं. (फोटोः गेटी)
हैरानी की बात ये है कि कई देशों को पिछाड़कर भारत सबसे ज्यादा बीमार लोगों की सूची में तीसरे स्थान पर पहुंच गया है. अमेरिका के बाद 19.66 लाख बीमार लोगों के साथ ब्राजील दूसरे और 9.36 लाख संक्रमित लोगों के साथ भारत तीसरे स्थान पर पहुंच गया है. (फोटोः एपी)