माइक्रोसॉफ्ट के सह-संस्थापक और अरबपति बिल गेट्स ने कहा है कोविड-19 वैक्सीन को लेकर एक खबर मुझसे जोड़कर फैलाई जा रही है. खबर ये है कि मैं कोरोना वायरस वैक्सीन के जरिए लोगों के शरीर में माइक्रोचिप डलवाना चाहता हूं, ताकि लोगों और वायरस की स्थिति का पता चल सके. लेकिन ये खबर झूठी है. ये पूरी तरह से फेक न्यूज है. (फोटोः गेटी)
बिल गेट्स ने सीबीएस न्यूज को बताया कि वो चाहते हैं कि ये फेक न्यूज खत्म हो जाए. लोग सच्चाई जानें. मई में रूसी कम्युनिस्ट पार्टी के प्रमुख जेनाडी यूगेनोव ने एक लेख के जरिए बिल गेट्स पर आरोप लगाया था कि बिल गेट्स वैक्सीन के जरिए लोगों के शरीर में माइक्रो चिप्स लगाना चाहते हैं. ताकि लोगों की स्थिति का पता कर सकें. (फोटोः गेटी)
गेट्स ने कहा ये झूठा आरोप है. मैं अपनी तरफ से कोरोना वायरस को खत्म करने के लिए प्रयास कर रहा हूं. कई दवा कंपनियों को वैक्सीन बनाने और रिसर्च के लिए फंडिंग कर रखी है. आपको बता दें कि बिल गेट्स ने अपने फाउंडेशन के जरिए कई दवा कंपनियों को वैक्सीन की रिसर्च के लिए 100 मिलियन यूएस डॉलर्स दे रखे हैं. (फोटोः गेटी)
इस बीच, बिल गेट्स की मदद से GSK और क्योरवैक नाम की दो कंपनियां mRNA आधारित वैक्सीन बनाने में जुटी हुई हैं. इस समय ये दोनों कंपनियां पांच वैक्सीन mRNA और मोनोक्लोनल एंटीबॉडीज आधार पर बना रही हैं.
उधर, मॉडर्ना, BioNTech और फाइजर भी अपनी कोविड-19 वैक्सीन द एप्रोच नाम के प्रायोगिक पद्धत्ति से तैयार कर रही हैं. (फोटोः गेटी)
इस बीच, गूगल ने कहा है कि वह किसी भी दवा कंपनी को या किसी को भी ऐसे प्रचार नहीं लगाने देगी जो कोरोना वायरस महामारी के खिलाफ जाती हो. या वैज्ञानिक सोच के खिलाफ हो. (फोटोः गेटी)
गूगल ने कहा कि हम ऐसा कोई कंटेंट पैसे कमाने के लिए नहीं डालेंगे जो किसी कॉन्सपिरेसी थ्योरी से जुड़ती हो. किसी भी व्यक्ति, देश या संस्थान की ऐसी कोई खबर नहीं जाएगी गूगल पर जो किसी के खिलाफ हो कॉन्सपिरेसी के तहत चलाई गई हो. (फोटोः गेटी)