कोरोना वायरस की महामारी ने पूरी दुनिया में कोहराम मचाकर रख दिया है. इस वायरस के चलते अब तक 27,000 लोगों की मौत हो चुकी है. हालांकि इस जानलेवा वायरस के कारण पृथ्वी पर एक ऐसा सकारात्मक बदलाव देखने को मिला है जिसका सपना भारत समेत कई राष्ट्र देख रहे थे.
यूरोपियन स्पेस एजेंसी द्वारा जारी जानकारी के मुताबिक, कोरोना वायरस के डर से दुनिया में प्रदूषण का स्तर काफी गिर गया है. जिस प्रदूषण को कंट्रोल करने के लिए भारत, चीन और अमेरिका जैसे देश सालों से जुटे थे, कोरोना ने पलक झपकते ही उसका सफाया कर दिया है.
न सिर्फ चीन, बल्कि इटली और स्पेन में भी जहरीली नाईट्रोजन डाईऑक्साइन के स्तर में काफी गिरावट दर्ज की गई है. विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसा क्वारनटीन की वजह से संभव हो पाया है.
बता दें कि इस जहरीली गैस का कारण सड़कों पर चलने वाले वाहन, फैक्ट्रियां और थर्मल पावर स्टेशन हैं पिछले काफी समय से बंद पड़े हैं.
यूरोपियन स्पेस एजेंसी ने खुद इसकी तस्वीरें जारी की हैं. यूरोप की यह तस्वीर कॉपरनिकस सेंटिनेल-5पी सैटेलाइन के जरिए जनवरी में ली गई थी. इस जहरीली गैस का असर इटली में सबसे ज्यादा दिखाई दे रहा है.
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जबकि 11 मार्च को ली गई इस तस्वीर में इटली जहरीली गैस से मुक्त नजर आ रहा है. इटली में यह परिवर्तन क्वारनटीन होने की वजह से हुआ है.
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यह तस्वीर इटल के वेनेटियन कैनल्स की है. यहां पानी की गहराई में तैरती मछलियां एकदम साफ दिख रही हैं. क्वारनटीन होने के बाद से इस जगह पर बोटिंग बंद हो चुकी है.
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अमेरिकी की अंतरिक्ष अनुसंधान एजेंसी ने हाल ही में वुहान में नाइट्रोजन डाईऑक्साइड में कमी देखने की बात कही थी. स्पेस एजेंसी का दावा था कि शहर में लॉकडाउन होने के बाद से जहरीली गैस में काफी कमी आई है.
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कोरोना वायरस की महामारी के चलते अब तक तकरीबन 19,000 लोगों की मौत हो चुकी है. जबकि 4 लाख से ज्यादा लोग इसकी चपेट में आ चुके हैं.
भारत में इसके खतरे को देखते हुए 21 दिन के लिए पूर्ण रूप से लॉकडाउन कर दिया गया है. सबसे ज्यादा नुकसान इटली में हुआ है जहां 6,820 लोगों की मौत हो चुकी है.