मध्य प्रदेश के छतरपुर में एक ऐसा मामला सामने आया है जहां दूध पीते एक महीने के बच्चे ने कोरोना से जंग जीत ली है. दिलचस्प बात ये है कि उसे सिर्फ मां का दूध ही पिलाया गया. डॉक्टरों ने मां के दूध को कोरोना के खिलाफ हथियार बना दिया.
(प्रतीकात्मक तस्वीर- Getty)
दरअसल, पर्यटन नगरी खजुराहो के कोविड सेंटर में पिछले दिनों एक माह के
बच्चे को कोरोना पॉजिटिव पाया गया था. कोविड सेंटर प्रभारी डॉक्टर ने
मीडिया से बात करते हुए बताया कि 20 से 22 जुलाई के मध्य में परिवार एक माह
के बच्चे के साथ दिल्ली से खजुराहो आया था.
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बच्चे की मां एक महीने
पहले दिल्ली में कोरोना पॉजिटिव होकर स्वस्थ्य हो चुकी थी और खजुराहो
में आने के बाद दोबारा परिवार का सैंपल लिया गया था जिसमें बच्चे की कोरोना
रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी.
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इसके बाद बच्चे और उसकी मां को खजुराहो
कोविड केयर सेंटर में रखा गया, जिसमें बच्चे की मां की डाइट पर ध्यान दिया
गया और बच्चे को सिर्फ मां के दूध का स्तनपान ही कराया गया. लगातार
डॉक्टर्स की निगरानी में बच्चे का ध्यान रखा गया.
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इसी बीच गुरुवार
को बच्चे की रिपोर्ट निगेटिव आ गई. हालांकि बच्चे को कोविड केयर सेंटर
खजुराहो से डिस्चार्ज तो किया गया लेकिन बच्चे को अभी भी डॉक्टर्स की
देखरेख में रखा गया है.
(File Photo)
कोविड सेंटर, खजुराहो के प्रभारी डॉ. विनीत
शर्मा ने बताया कि बच्चा हमारी निगरानी में था और उसकी मां से साथ ही उसे
खजुराहो कोविड केयर सेंटर में रखा गया था. मां की डाइट पर विशेष ध्यान दिया
गया, बच्चे को सिर्फ मां के दूध का स्तनपान ही कराया गया. अब बच्चे की
रिपोर्ट नेगेटिव आई है.
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उन्होंने बताया कि बच्चे को कोविड केयर
सेंटर खजुराहो से डिस्चार्ज तो किया गया लेकिन बच्चे को अभी भी डॉक्टर्स
अपनी निगरानी में देखरेख कर रहे हैं. जल्द ही उसे घर भेज दिया जाएगा.
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मध्य
प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ट्वीट कर लिखा, 'मां की ममता
से बढ़कर इस दुनिया में और कुछ नहीं है. खजुराहो में एक नवजात शिशु ने
केवल माँ के दूध पर निर्भर रहकर कोविड 19 को हराया. कोविड केयर सेंटर
प्रभारी डॉ. विनीत शर्मा और पूरा स्टाफ बधाई के पात्र हैं जिन्होंने इस
बच्चे की देखभाल के लिए विशेष इंतजाम कर उसे पूर्ण स्वस्थ किया.'