38 साल की एक महिला डॉक्टर कुछ वक्त पहले कोरोना से बीमार हो गई थी. लेकिन कोरोना निगेटिव होने के कई हफ्ते बाद अब डॉक्टर को बिना सहारे के चलने में भी तकलीफ होती है. ब्रिटेन के वेल्स में रहने वाली नतेली मैकडरमॉट की रीढ़ की हड्डी को कोरोना वायरस की वजह से नुकसान पहुंचा है और अब वह लॉन्ग कोविड से जूझ रही हैं. (फोटो साभार- Youtube/BGE Association)
पेशे से बाल संक्रामक रोग विशेषज्ञ नतेली ने डर जताया है कि हो सकता है कि उन्हें अब व्हीलचेयर पर ही रहना पड़े. अभी नतेली बिना किसी सहारे के मुश्किल से 200 मीटर चल पाती है. न्यूरोलॉजिस्ट का मानना है कि वायरस ने नतेली के शरीर के कई अंगों को नुकसान पहुंचाया है.
ब्रिटेन की नेशनल हेल्थ सर्विस से जुड़े ऐसे तीन डॉक्टरों के बारे में जानकारी सामने आई है जिनकी उम्र 30 से 40 के बीच है, लेकिन वे लॉन्ग कोविड से जूझ रहे हैं. नतेली भी उनमें से एक है. वहीं, ब्रिटेन ने लॉन्ग कोविड से जूझ रहे हजारों मरीजों के लिए स्पेशल क्लिनिक्स का संचालन शुरू कर दिया है.
नतेली ने इससे पहले पश्चिमी अफ्रीका में इबोला के मरीजों का भी इलाज किया था. वह ब्रिटेन के एक अस्पताल में बच्चों के वार्ड में काम कर रही थीं. समझा जाता है कि इसी दौरान वह कोरोना वायरस की चपेट में आ गईं.
कोरोना की वजह से नतेली की रीढ़ की हड्डी को नुकसान पहुंचा है, साथ ही ब्लैडर, बॉवेल और यूरिनरी ट्रैक्ट में भी संक्रमण हो गया है. उन्हें अपने हाथों में दर्द होता है और कोई भी चीज उठाने में कमजोरी महसूस करती हैं.