महामारी के शुरुआती दौर में कोरोना वायरस का केंद्र रहे इटली में अब ठीक हो चुके कोरोना मरीजों की जांच की जा रही है जिनसे नई जानकारी सामने आ रही है. कोरोना से कई महीने पहले ठीक हो चुके लोगों को एक-एक करके हॉस्पिटल में बुलाया जा रहा है. खासकर इटली का बर्गामो कोरोना से काफी अधिक तबाही झेलने वाले इलाकों में शामिल था. यहां डॉक्टर हर ठीक हो चुके मरीजों से सवाल कर रहे हैं कि क्या वे स्वस्थ महसूस करते हैं? कोरोना से बीमार रहे आधे मरीजों का कहना है कि वे पूरी तरह रिकवर महसूस नहीं कर रहे.
वॉशिंगटन पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक, कोरोना निगेटिव हो चुके लोगों के ब्लड सैंपल लिए जा रहे हैं, हार्ट और फेफड़ों की जांच की जा रही है और लोगों से जिंदगी में आए बदलाव के बारे में भी पूछा जा रहा है, ताकि यह समझा जा सके कि कोरोना निगेटिव होने के बाद भी वायरस शरीर पर क्या असर छोड़ जाते हैं.
डॉक्टर ने कोरोना निगेटिव हो चुकीं एक 54 साल की महिला से पूछा कि आप कैसा महसूस कर रही हैं तो उन्होंने जवाब दिया कि वह 80 साल की महिला की तरह महसूस कर रही हैं. इटली के बर्गामो के स्वास्थ्य विशेषज्ञ अब चेतावनी दे रहे हैं कि कोरोना से बीमार रहे लोगों की रिकवरी अधूरी हो सकती है और कई बार उन्हें काफी लंबा वक्त भी लग सकता है.
संक्रामक रोग विशेषज्ञ सेरेना वेन्टुरेल्ली कहती हैं कि वायरस लोगों के शरीर से जा चुके हैं, लेकिन असर छोड़ गए हैं. हम लोगों से पूछ रहे हैं कि क्या आप बिल्कुल ठीक महसूस कर रहे हैं, करीब-करीब आधे लोगों का कहना है- 'नहीं.' शुरुआती 750 मरीजों में से करीब 30 फीसदी मरीजों के फेफड़े पर निशान पाए गए और उन्हें सांस लेने में दिक्कत महसूस हो रही थी.
कोरोना मरीज रहे लोगों के फॉलोअप से जुटाई गई जानकारी का इस्तेमाल अब इटली रिसर्च के लिए भी कर रहा है. बर्गामो के डॉक्टरों का कहना है कि साफतौर से यह बीमारी पूरे शरीर पर असर छोड़ देती है. लेकिन इसका असर अलग-अलग मरीजों पर भिन्न होता है.