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कोरोना

कोरोना वायरस के इलाज में वैज्ञानिकों को 'महत्वपूर्ण कामयाबी', तैयार की नई दवा

aajtak.in
  • 15 सितंबर 2020,
  • अपडेटेड 3:42 PM IST
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अमेरिका की यूनिवर्सिटी ऑफ पिट्सबर्ग स्कूल ऑफ मेडिसिन (UPMC) के वैज्ञानिकों को कोरोना वायरस से बचाव और इलाज को लेकर एक 'महत्वपूर्ण कामयाबी' मिली है. वैज्ञानिकों ने कहा है कि उन्होंने सबसे छोटे बायोलॉजिकल मॉलेक्यूल को अलग कर लिया है जो कोरोना वायरस को न्यूट्रलाइज करता है. 

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नए ढूंढे गए मॉलेक्यूल से वैज्ञानिकों ने Ab8 दवा तैयार की है. असल में यह मॉलेक्यूल एंटीबॉडी का हिस्सा है. यह सामान्य आकार के एंटीबॉडी से 10 गुना छोटा है. चूहों पर इस दवा का परीक्षण किया गया. जिन चूहों को ये दवा दी गई उनके कोरोना से संक्रमित होने का खतरा 10 गुना कम पाया गया. 

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यह मॉलेक्यूल ह्यूमन सेल से जुड़ता नहीं है, इसलिए इसके निगेटिव साइड इफेक्ट होने का खतरा नहीं है. रिसर्चर्स का कहना है कि कोरोना के इलाज में Ab8 दवा महत्वपूर्ण साबित हो सकती है.

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यूनिवर्सिटी ऑफ पिट्सबर्ग में संक्रामक रोग विभाग के प्रमुख और स्टडी के सह लेखक जॉन मेलर्स ने कहा कि Ab8 न सिर्फ कोरोना के इलाज में एक थेरेपी की तरह काम आएगी, बल्कि यह लोगों को कोरोना से संक्रमित होने से बचाने में भी कारगर हो सकती है. 

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नई खोज के बाद वैज्ञानिकों को दवा का ह्यूमन ट्रायल शुरू करना होगा. हालांकि, Ab8 दवा का मूल्याकंन कई यूनिवर्सिटी के रिसर्चर्स ने किया है. अब तक सभी वैज्ञानिकों ने अपनी जांच में पाया है कि दवा वायरस को सेल्स में प्रवेश करने से वाकई में रोक देती है.

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