अमेरिका में अगले महीने राष्ट्रपति चुनाव हैं और इससे पहले मौजूदा राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का कोरोना से बीमार होना, अहम मुद्दा बन गया है. ट्रंप हॉस्पिटल से वापस व्हाइट हाउस पहुंच चुके हैं, लेकिन अब तक इस बात की पुष्टि नहीं की गई है कि ट्रंप कोरोना जांच में निगेटिव आए हैं. इसी वजह से ट्रंप को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं.
शनिवार को ट्रंप के डॉक्टर ने बयान जारी कर कहा कि ट्रंप से अन्य लोगों को वायरस फैलने का खतरा अब नहीं है. हालांकि, उन्होंने यह नहीं कहा कि ट्रंप निगेटिव पाए गए हैं. दूसरी ओर ट्रंप ने यह भी ऐलान किया है कि वे अब कोरोना की दवाइयां नहीं ले रहे, लेकिन इस पर भी सवाल उठ रहे हैं.
डेली मेल की रिपोर्ट के मुताबिक, शनिवार को सामने आईं तस्वीरों में दिखाई देता है कि ट्रंप के हाथ पर नया बैंडेज लगा हुआ है जिससे यह समझा जा रहा है कि उन्हें अब भी दवाइयां दी जा रही हैं. मेडिकल एक्सपर्ट ने बताया कि जहां पर बैंडेज लगा है, आमतौर पर आईवी फ्लूड देने के लिए उस हिस्से का इस्तेमाल होता है, अपवाद के तौर पर ही वहां से जांच के लिए ब्लड सैंपल लिए जाते हैं.
ट्रंप के कोरोना से बीमार होने के ठीक बाद भी एक्सपर्ट ने कई सवाल उठाए थे क्योंकि राष्ट्रपति की ओर से पूरी जानकारी नहीं दी गई थी. अमेरिकी मीडिया और एक्सपर्ट सवाल पूछ रहे हैं कि पहली बार ट्रंप कब पॉजिटिव पाए गए? और यह भी कि ट्रंप कोरोना से कितने अधिक बीमार हुए? असल में हॉस्पिटल में भर्ती रहने के दौरान ही व्हाइट हाउस के अधिकारी ने बयान दिया था कि ट्रंप के महत्वपूर्ण अंगों की हालत चिंताजनक है. हालांकि, बाद में इस बयान को खारिज कर दिया गया.
वहीं, अमेरिका की प्रमुख स्वास्थ्य संस्था सीडीसी का कहना है कि कोरोना से गंभीर बीमार होने वाले लोगों को 20 दिन तक आइसोलेट रहना पड़ सकता है. वहीं, ट्रंप को कोरोना से बीमार हुए अभी 10 दिन हुए हैं. साउथ कैरोलिना में संक्रामक रोगों की डॉक्टर क्रुतिका कुप्पली कहती हैं- 'मुझे नहीं लगता कि ट्रंप अभी पूरी तरह खतरे से बाहर आए हैं. 74 साल की उम्र, अधिक वजन की वजह से वे कोरोना के रिस्क कैटेगरी में आते हैं.'
बता दें कि सोमवार को ट्रंप एक चुनावी सभा को संबोधित करने वाले हैं, जिसकी वजह से ये डर बना हुआ है कि कहीं ट्रंप से अन्य लोग कोरोना संक्रमित न हो जाएं. वहीं, ट्रंप के डॉक्टर के बयान का यह मतलब निकाला जा रहा है कि उनके शरीर में वायरस की मात्रा घट रही है, लेकिन वे पूरी तरह से कोरोना निगेटिव नहीं हुए हैं.