
कोरोना काल के इस मुश्किल दौर में हर ओर चुनौतियां हैं. राजस्थान में भी इस वक्त कोरोना का तूफान चल रहा है और अस्पतालों में मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है. इन हालातों में भी स्वास्थ्यकर्मी लगातार अपना 100 प्रतिशत देने में जुटे हैं, फिर चाहे इसके लिए अपनी जिंदगी ही क्यों ना दांव पर लगानी पड़े.
उदयपुर के एमबी अस्पताल में 29 साल की शिल्पी बतौर नर्स लोगों की सेवा में जुटी हैं. शिल्पी जब दूसरों की सेवा कर रही हैं, ऐसे मुश्किल वक्त में खुद उनकी मां इस वक्त आईसीयू में भर्ती हैं. लेकिन शिल्पी का कहना है कि अगर मुश्किल वक्त में वो काम नहीं करेंगे, तो कौन करेगा?
शिल्पी का कहना है कि उन्हें अपनी मां का भी ख्याल रखना है, साथ ही अन्य मरीजों का भी ध्यान रखना है. हमें काम के वक्त पर बैलेंस करना पड़ता है, अगर हम मरीजों का ख्याल नहीं रखेंगे तो कौन करेगा? मेरी मां अभी आईसीयू में हैं, अपनी शिफ्ट के बाद मैं अपनी मां को देखती हूं.
शिल्पी ने बताया कि वह इस वक्त अस्पताल से छुट्टी नहीं ले सकती है, लेकिन मां का इलाज भी कराना है. ऐसे में उन्होंने अपनी मां को दिल्ली से उदयपुर ही बुला लिया है, ताकि काम भी हो जाए और मां का ख्याल भी रखा जाए.
उदयपुर के इसी अस्पताल में 46 वर्षीय पिंकी राव भी बतौर हेल्पर काम करती हैं. वह भी अपने घर पर मां और दो साल के बच्चे को छोड़कर आई हैं. ये हालात सिर्फ एक अस्पताल या एक शहर के नहीं हैं, बल्कि हर जगह के ही हैं. जहां पर स्वास्थ्यकर्मी अपनी जान की बाजी लगाकर लोगों की कोरोना से जंग लड़ने में मदद कर रहे हैं.