
कोरोना वैक्सीन को लेकर बिहार के कई गांवों में अभी भी भ्रांतियां फैली हुई हैं. ऐसा ही एक गांव है कटिहार का देवीपुर. इस गांव के वार्ड नंबर-20 के वार्ड मेंबर अनवर ने अभी वैक्सीन नहीं लगवाई है. उनका कहना है कि शुगर की वजह से उन्हें डॉक्टर ने मना किया है. वहीं बिहार सरकार का आदेश है कि जो पंचायत प्रतिनिधि वैक्सीन नही लगवाएगा वो पंचायत चुनाव नहीं लड़ सकता है. इसलिए अनवर को अगर फिर चुनाव लड़ना है तो वैक्सीन लगवाना ही होगा.
कटिहार के समेली प्रखंड के देवीपुर गांव की बात करें तो जिस वार्ड के सदस्य अनवर हैं, उसमें रहने वाले 930 लोगों में से किसी ने भी वैक्सीन नहीं लगवाई है. उसी वार्ड की सुल्ताना बेगम कहती हैं कि वैक्सीन लगाने से आदमी मर जाता है. कोरोना से मरें या वैक्सीन लगा के मरना तो है ही. कितने लोग वैक्सीन लगाने के बाद भी नहीं बचे.
हालांकि, देवीपुर गांव के वार्ड नंबर 4 के राधा मोहन सिंह का कहना है कि वैक्सीन लगाने के कारण उनके परिवार के कई लोगों का जीवन बचा है. राधा मोहन सिंह सरकारी हाल ही में रिटायर्ड हुए हैं.
वहीं, कई बार मुखिया का चुनाव लड़ चुके अकबर ने खुद भी वैक्सीन लगवाई और अपने बेटे का भी वैक्सीनशन करवाया. पर अभी तक वो अपनी पत्नी को वैक्सीन लगवाने के लिये राजी नहीं कर पाए हैं, उनका कहना कि की वो कोशिश में लगे हैं, जल्दी ही पत्नी का भी वैक्सीनशन करवाएंगे.
हेल्थ वर्कर सुजाता लगातार इस वार्ड में लोगो को वैक्सीनशन के लिए प्रेरित कर रही हैं. कई बार स्कूल में कैंप भी लगाया. लेकिन कोई वैक्सीनशन के लिए नहीं आया. आज फिर वो घर-घर जाकर लोगो मोटिवेट कर रही हैं, लेकिन वैक्सीन नहीं लगवाने के उन्हें हज़ार बहाने सुनने पड़ते हैं. कोई कहता कि मैं कमजोर हूं तो कोई कहता है कि मैं बीमार हूं. कोई कहता है कि वैक्सीन लगवाने से मौत हो जाती है तो कोई बाद में लगवाने की बात कहता है.