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कोरोना वैक्सीन को लेकर खुशखबरी, एम्स डायरेक्टर बोले- अगले महीने तक भारत को मिल जाएगा टीका

कोरोना वैक्सीन पर डॉक्टर रणदीप गुलेरिया ने कहा कि भारत में जो टीके बनाए जा रहे हैं, वह अंतिम चरण के ट्रायल में है. इस महीने के अंत तक या अगले महीने की शुरुआत तक हमें कोरोना वैक्सीन के इमरजेंसी वैक्सीनाइजेशन की इजाजत मिल जाए.

दिल्ली एम्स के निदेशक डॉक्टर रणदीप गुलेरिया दिल्ली एम्स के निदेशक डॉक्टर रणदीप गुलेरिया
aajtak.in
  • नई दिल्ली,
  • 03 दिसंबर 2020,
  • अपडेटेड 5:33 PM IST

देश में कोरोना की दूसरी लहर थमती नजर आ रही है. पिछले 24 घंटे में कोरोना के करीब 35 हजार नए मामले सामने आए हैं. कोरोना की थमती रफ्तार पर दिल्ली एम्स के निदेशक डॉक्टर रणदीप गुलेरिया ने खुशी जाहिर की है. उन्होंने कहा कि हम कोरोना ग्राफ देख रहे हैं और अगर नियमों का पालन करते रहे तो यह गिरावट जारी रहेगी.

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डॉक्टर रणदीप गुलेरिया ने कहा कि आने वाले तीन महीने काफी महत्वपूर्ण हैं. अगर हम सावधानी बरतना जारी रखते हैं तो कोरोना महामारी के खतरे को टाल सकते हैं. कोरोना वैक्सीन पर डॉक्टर रणदीप गुलेरिया ने कहा कि भारत में जो टीके बनाए जा रहे हैं, वह अंतिम चरण के ट्रायल में है.

डॉक्टर रणदीप गुलेरिया ने उम्मीद जताई कि इस महीने के अंत तक या अगले महीने की शुरुआत तक हमें कोरोना वैक्सीन के इमरजेंसी वैक्सीनाइजेशन की इजाजत मिल जाए. हमें वैक्सीन डिस्ट्रीब्यूशन को लेकर सख्त कदम उठाने की जरूरत है, जिससे जनता को वैक्सीन देना शुरू किया जा सके.

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डॉक्टर रणदीप गुलेरिया ने कहना है कि कोरोना वैक्सीन को लेकर अच्छा डेटा उपलब्ध है कि टीके बहुत सुरक्षित हैं. वैक्सीन की सुरक्षा और प्रभावकारिता से कोई समझौता नहीं किया गया है. 70,000-80,000 स्वयंसेवकों ने टीका लगवाया, कोई महत्वपूर्ण गंभीर प्रतिकूल प्रभाव नहीं देखा गया. डेटा से पता चलता है कि अल्पावधि में टीका सुरक्षित है.

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डॉक्टर रणदीप गुलेरिया ने कहा कि जब हम बड़ी संख्या में लोगों को टीका लगाते हैं, तो उनमें से कुछ को कोई न कोई बीमारी हो सकती है, जो टीके से संबंधित नहीं हो सकती है.


 

 

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