पीएम मोदी ने कोरोना वैक्सीन को लेकर अफवाहों से बचने की सलाह दी. पीएम ने कहा कि इस तरह की अफवाहों पर लगाम लगाने की जिम्मेदारी राज्यों की है. कोरोना वैक्सीनेशन को लेकर वैज्ञानिक समुदाय की सलाह के आधार पर हम काम करते रहेंगे, हम उसी दिशा में चले हैं.
पीएम मोदी ने कहा कि ये हम सभी के लिए गौरव की बात है कि जिन दो वैक्सीन को इमरजेंसी यूज का ऑथराइजेशन दिया गया है वो दोनों ही मेड इन इंडिया हैं. भारत को टीकाकरण का जो अनुभव है, जो दूर-सुदूर क्षेत्रों तक पहुंचने की व्यवस्थाएं हैं वो कोरोना टीकाकरण में बहुत काम आने वाली हैं.
मुख्यमंत्रियों संग बैठक में पीएम मोदी ने कहा कि सबसे पहले फ्रंट लाइन वर्कर्स को कोरोना का वैक्सीन लगेगा. इसके बाद सफाई कर्मियों को टीका लगेगा. इसके बाद पुलिसकर्मियों, सुरक्षाकर्मियों, सुरक्षा बल के जवानों को कोरोना का वैक्सीनेशन होगा. दूसरे चरण में 50 वर्ष से ऊपर के लोगों और जो लोग संक्रमण के लिए ज्यादा संवेदनशील हैं, उन्हें टीका लगेगा.
वैक्सीन की तैयारियों को लेकर पीएम मोदी की अभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों संग बैठक चल रही है. अभी गृह मंत्री अमित शाह इस मीटिंग को संबोधित कर रहे हैं. इसमें वैक्सीनेशन की तैयारियों को लेकर चर्चा चल रही है.
आज शाम 5 बजे कोरोना की वैक्सीन गुजरात पहुंच सकती हैं. अहमदाबाद एयरपोर्ट से ग्रीन कोरीडोर बनाकर वैक्सीन को गांधीनगर के स्टोरेज डेपो ले ज़ाया जा सकता है. जींस के बाद गुजरात के जो 6 वैक्सीनेश सेन्टर है, वहां पर कल वैक्सीन पहुंचायी जाएगी.
उत्तर प्रदेश में आज कोरोना वैक्सीन के आखिरी ड्राई रन का खुद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ निगरानी करेंगे. यूपी के सभी जनपदों में 1500 टीकाकरण केंद्र और 3000 बूथ बनाए गए हैं. सीएम योगी खुद तीसरे व अंतिम पूर्वाभ्यास की निगरानी करेंगे और लखनऊ, गोरखपुर, वाराणसी, मेरठ और सिद्धार्थनगर के मुख्य चिकित्सा अधिकारियों से वर्चुअल के माध्यम से जुड़ेंगे.
16 जनवरी से कोरोना वैक्सिनेशन की शुरुआत होने वाली है. ऑक्सफोर्ड की वैक्सीन कोविशील्ड को पुणे स्थित सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया के लैब से देश के अलग-अलग हिस्सों में भेजने की तैयारी कर ली गई है. आज शाम या कल सुबह वैक्सीन को पुलिस सिक्योरिटी में देश के अलग-अलग हिस्सों में भेजा जाएगा.
देश में 16 जनवरी से शुरू होने जा रहे हो कोरोना टीकाकरण कार्यक्रम को लेकर बिहार में भी व्यापक तैयारियां की गई है. जानकारी के मुताबिक, बिहार में कोरोना का वैक्सीन 14 जनवरी से पहले बिहार पहुंच जाएगा, जिसके बाद इसे विभिन्न जिलों में पहुंचाया जाएगा ताकि 16 जनवरी से सभी जगहों पर टीकाकरण का कार्यक्रम शुरू हो सके.
स्वास्थ्य विभाग के सूत्रों के मुताबिक बिहार को दिए जाने वाला वैक्सीन सबसे पहले हवाई मार्ग से पटना पहुंचेगा जिसके बाद उसे फ्रीजर वैन में रखकर पटना के नालंदा मेडिकल कॉलेज और अस्पताल परिसर में स्थित स्टेट वैक्सीन स्टोर में लाया जाएगा जहां से इसे विभिन्न जिलों के टीका केंद्रों पर भेजा जाएगा.
ये पहले ही तय हो चुका है कि वैक्सीनेशन के पहले चरण में 30 करोड़ भारतीयों को वैक्सीन लगाई जाएगी, जिन्हें तीन ग्रुप्स में बांटा गया है. पहला ग्रुप होगा - हेल्थकेयर वर्कर्स का. इसमें स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े एक करोड़ कर्मचारी शामिल होंगे. दूसरा ग्रुप होगा - फ्रंटलाइन वर्कर्स का, इसमें केंद्र और राज्यों की पुलिस, अर्धसैनिक बलों के जवान-अफसर, आपाताकालीन सेवाओं से जुड़े कर्मचारी और निगम कर्मचारियों समेत दो करोड़ लोग शामिल होंगे. तीसरा ग्रुप होगा - 50 वर्ष से अधिक उम्र वाले नागरिक और गंभीर बीमारियों से जूझ रहे 50 वर्ष से कम उम्र के लोग, जिनकी संख्या है - 27 करोड़, जिन्हें संक्रमण का खतरा ज्यादा है.
कोरोना वैक्सीनेशन को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ बड़ी बैठक करने वाले हैं. शाम 4 बजे होने वाली इस बैठक में टीकाकरण की अंतिम तैयारियों पर मंथन होगा. मोदी, राज्यों के वैक्सीनेशन से जुड़े सवालों के जवाब भी देंगे. इस दौौरान टीकाकरण के खर्च का मुद्दा भी उठ सकता है. ज्यादातर राज्य सरकारें मुफ्त टीकाकरण की वकालत कर रही हैं. देश में 16 जनवरी से टीकाकरण अभियान के बीरे में पीएम मोदी पहले ही ऐलान कर चुके हैं. पहले दौर में 3 करोड़ लोगों को टीका लगाने की तैयारी है.