
कोरोना संक्रमण की रफ्तार को थामने के लिए गोवा सरकार ने बीते दिनों एक दवाई के इस्तेमाल की मंजूरी दी है. गोवा सरकार ने राज्य में 18 साल से अधिक उम्र वाले लोगों को Ivermectin इस्तेमाल करने की सलाह दी है. लेकिन गोवा सरकार के इस निर्देश के बाद अब विश्व स्वास्थ्य संगठन ने इस दवाई के इस्तेमाल को गलत बताया है.
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की मुख्य वैज्ञानिक डॉक्टर सौम्या स्वामीनाथन ने एक ट्वीट कर कहा कि 'किसी भी नई बीमारी के लिए इस्तेमाल हो रही दवाइयों की सुरक्षा और प्रभावकारिता जरूरी होती है. WHO क्लीनिकल ट्रायल के इतर कोविड के इलाज में आइवरमेक्टिन के इस्तेमाल के खिलाफ है.'
विश्व स्वास्थ्य संगठन के अलावा जर्मन हेल्थकेयर एंड लाइफ साइंसेज़ Merck भी कोरोना रोगियों के लिए Ivermectin के इस्तेमाल को मना कर चुका है. कंपनी के मुताबिक, प्री-क्लिनिकल जांच में कोरोना के इलाज में Ivermectin का प्रभाव नहीं देखने को मिला है.
विश्व स्वास्थ्य संगठन की ओर से दूसरी बार Ivermectin के खिलाफ चेतावनी दी गई है. अब ये चेतावनी तब आई है जब बीते दिन गोवा सरकार ने बड़ा फैसला लिया है. गोवा सरकार के मुताबिक, 18 साल से अधिक उम्र वाले लोगों को Ivermectin की पांच टैबलेट दी जाएंगी. इनको जिले के सरकारी अस्पतालों और अन्य जगहों पर उपलब्ध करवाया जाएगा.
दावा है कि Ivermectin के इस्तेमाल से कोरोना संक्रमण होने का खतरा कम होता है, साथ ही कोरोना से हो रही मौतों के दर में भी कमी लाई जा सकती है. अमेरिकी FDA के मुताबिक, Ivermectin के इस्तेमाल से उल्टी, डायरिया, पेट में दर्द जैसे साइड इफेक्ट भी हो सकते हैं.