
कोरोना वायरस के रोकथाम के लिए अभी तक बाजार में कोई भी वैक्सीन उपलब्ध नहीं है. ऐसे में सिर्फ लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता और बचाव ही इसकी सबसे बड़ी दवा है. इस महामारी से लड़ने में इम्युन सिस्टम का मजबूत होना जरूरी होता है. वहीं, जिन लोगों की इम्युनिटी मजबूत नहीं है वो काढ़ा और आयुर्वेदिक औषधियों का सेवन कर इसे मजबूत कर रहे हैं. लेकिन डॉक्टरों का मानना है कि बिना चिकित्सा परामर्श के काढ़ा और आयुर्वेदिक दवाइयों का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए.
लखनऊ पीजीआई के गैस्ट्रो विभाग के डॉ आकाश माथुर ने उन सभी लोगों से अपील की है जो बिना चिकित्सा परामर्श के काढ़ा और आयुर्वेदिक दवाइयों का सेवन कर रहे हैं वो इससे बचें. डॉक्टर माथुर का कहना है कि बाजार में कुछ भ्रांतियां हैं, जिसमें ये भी है कि हर्बल या आयुर्वेदिक दवाई से कोई साइड इफेक्ट नहीं होता है. लोग इन भ्रांतियों में नहीं आएं, क्योंकि बिना चिकित्सीय परामर्श के काढ़ा और आयुर्वेदिक दवाई लेना शरीर के लिए हानिकारक साबित हो सकता है.
डॉक्टर माथुर ने कहा कि ये देखने में आ रहा है कि लोग काढ़ा, हर्बल और आयुर्वेदिक चीजें बिना साइड इफेक्ट वाले समझकर ले रहे हैं. हमारे पास ऐसे मरीज आ रहे हैं जिनके लिवर में खराबी हो रही है. मेरी लोगों से यही अपील है कि काढ़ा और ऐसा कोई पदार्थ बिना चिकित्सीय परामर्श के ना लें, क्योंकि बिना चिकित्सीय परामर्श के काढ़ा लेना शरीर और विभिन्न अंगों के लिए हानिकारक साबित हो सकता है. लोग सोशल डिस्टेंसिंग का ख्याल रखें और मास्क जरूर पहनें. समय-समय पर हाथ धोते रहें. बिना किसी परामर्श के काढ़ा या अन्य चीजें लेने से बचें.