
आंध्र प्रदेश सरकार के फैसले के अनुसार, मुख्यमंत्री, मंत्री, विधायक के अलावा अन्य चुने हुए प्रतिनिधियों की सैलरी में सौ फीसदी की कटौती होगी. ये कटौती राज्य पर आए कोरोना वायरस के महासंकट की वजह से हुई है.
इनके अलावा राज्य में कार्यरत सभी ब्यूरोक्रेट्स (IAS-IPS-IFS) की सैलरी में 60 फीसदी तक की कटौती की गई है. अन्य सरकारी स्टाफ की तन्ख्वाह में 50 फीसदी, चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों की सैलरी में 10 फीसदी की कटौती की जाएगी.
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सरकार की ओर से इस फैसले के पीछे तर्क दिया गया है कि लॉकडाउन की वजह से राज्य के रेवन्यू पर बड़ा असर पड़ा है. इसके अलावा राज्य सरकार का राजस्व अधिकतर कोरोना से जंग लड़ने में खर्च हो रहा है, ऐसे में सरकार को इस तरह का फैसला लेने के लिए बाध्य होना पड़ा.
आंध्र प्रदेश में कोरोना वायरस के मामले लगातार बढ़ रहे हैं. मंगलवार को ही राज्य में एक दर्जन के करीब नए मामले सामने आए, जिसके कारण राज्य में कोरोना पीड़ितों का आंकड़ा 40 के पार पहुंच गया.
अन्य राज्यों ने भी लिया ऐसा फैसला
आपको बता दें कि कोरोना महामारी के इस संकट के बीच कई अन्य राज्य सरकारों ने इस प्रकार का फैसला लिया है. आंध्र प्रदेश से पहले तेलंगाना अपने नेताओं की तन्ख्वाह में कटौती की बात कर चुका है, तो वहीं महाराष्ट्र ने भी ऐसा ही करने की बात कही. हालांकि, महाराष्ट्र में बाद में दो हिस्सों में सैलरी देने की बात सामने आई.
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