
केंद्र सरकार की ओर से जारी किए गए ताजा डेटा से पता चलता है कि कोरोना महामारी में गंभीर कोविड-19 मरीजों के लिए जो वेंटिलेटर्स खरीदे गए, उनमें से अधिकतर बिना इस्तेमाल किए ही धूल फांक रहे हैं.
केंद्र सरकार की ओर से जिन 60,948 वेंटिलेटर्स का ऑर्डर दिया गया था, उनमें से 23,699 वेंटिलेटर्स ही देश भर में कोविड इलाज के लिए निर्धारित विभिन्न अस्पतालों में इंस्टाल किए जा सके हैं. सरकारी डेटा में दिखाया गया है कि किस राज्य को मांग के हिसाब से कितने वेंटिलेटर्स आवंटित हुए? कितने वेंटिलेटर्स की डिलिवरी की गई और कितने इंस्टाल हुए.
सरकारी डेटा दिखाता है कि आवंटित 36,825 वेंटिलेटर्स में से राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को 30,893 वेंटिलेटर्स डिलिवर किए गए. हालांकि इनमें से 23,669 वेंटिलेटर्स को ही इंस्टाल किया जा सका है.
महाराष्ट्र
देश भर में महाराष्ट्र में कोरोनावायरस सक्रिय केसों की संख्या सबसे अधिक है. कुल केसों का बोझ भी महाराष्ट्र पर सबसे अधिक है. इस राज्य को 4,434 वेंटिलेटर्स आवंटित हुए. इनमें से 4,427 वेंटिलेटर्स डिलिवर किए जा चुके हैं और 3,559 इंस्टाल हुए हैं.
आंध्र प्रदेश
इस वक्त आंध्र प्रदेश में महाराष्ट्र के बाद दूसरे नंबर पर सबसे ज्यादा सक्रिय केस हैं. इस दक्षिणी राज्य के लिए आवंटित 4,960 वेंटिलेटर्स में से 3,960 डिलिवर किए गए और 3,910 का इंस्टालेशन हुआ.
कर्नाटक
सक्रिय कोरोना केसों के मामले में कर्नाटक तीसरे नंबर पर है. यहां 2,025 वेंटिलेटर्स आवंटित और डिलिवर हुए और उनमें से 1,189 इंस्टाल किए गए हैं.
उत्तर प्रदेश
उत्तर प्रदेश के लिए 4,016 वेंटिलेटर्स आवंटित किए गए. इनमें से 1,988 डिलीवर किए गए. अभी तक राज्य में 1,413 वेंटिलेटर्स का इंस्टालेशन हुआ है.
पंजाब
पंजाब सबसे अधिक मृत्यु दर वाले राज्यों में से एक है. यहां 810 आवंटित वेंटिलेटर्स में से 509 डिलिवर किए गए. इस राज्य में सिर्फ 289 वेंटिलेटर्स ही इंस्टाल हुए हैं.
बिहार
इसी तरह बिहार में 500 वेंटिलेटर्स आवंटित और डिलिवर किए गए. जिनमें से 319 ही इंस्टाल किए गए.
असम
असम के लिए 1,000 वेंटिलेटर्स आवंटित और डिलिवर किए गए. इनमें से सिर्फ 380 ही इंस्टाल हुए हैं.
सिक्किम
सिक्किम को 10 वेंटिलेटर्स आवंटित किए गए. लेकिन इनमें से न कोई डिलिवर हुआ और न ही इंस्टाल.
केंद्र सरकार की ओर से पहले ही 60,948 वेंटिलेटर 2568.40 करोड़ की लागत से खरीदने के आदेश जारी किए राज्यों को वेटिंलेटर वितरण वहां की स्थिति और जरूरत के आधार पर किया गया.
अस्पतालों में भर्ती गंभीर कोविड-19 मरीजों के लिए वेंटिलेटर्स की खरीद को लेकर विपक्ष की ओर से सवाल उठाए जाते रहे हैं. पश्चिम बंगाल से तृणमूल कांग्रेस सांसद महुआ मित्रा ने मांग की थी कि सरकार को सदन के पटल पर बताना चाहिए कि कितने वेंटिलेटर्स भौतिक रूप से अस्पतालों और राज्यों को डिलिवर किए गए.
18 सितंबर को, लोकसभा में एक लिखित जवाब में, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया था, “मेक इन इंडिया पहल के हिस्से के रूप में सरकारी और प्राइवेट सेक्टर, दोनों के निर्माताओं की पहचान की गई और उन्हें आवश्यक मानदंड बताए गए. उन्हें DGHS (डायरेक्टर जनरल हेल्थ सर्विस) की ओर तकनीकी गाइडेंस भी दी गई ताकि तकनीकी मूल्यांकन से पहले खामियों की पहचान कर उन्हें दूर किया जा सके.
देश में ‘मेक इन इंडिया’ वेंटिलेटर्स के निर्माण के लिए जो एजेंसियां निर्धारित की गईं, उनके नाम हैं-