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देश की राजधानी में कोरोना से ठीक हो चुके मरीजों में सांस लेने, सूखे कफ बनने, फेंफड़ों में सिकुड़न, बदन दर्द और ऑक्सीजन की कमी जैसी शिकायतें सामने आ रही हैं. इस तरह की मुश्किल का सामना कर रहे मरीजों की जांच के लिए, देश के पहले 'पोस्ट कोविड क्लीनिक' की शुरुआत हो रही है.
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दिल्ली सरकार के राजीव गांधी सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल में 'पोस्ट कोविड क्लीनिक' तैयार किया गया है. राजीव गांधी दिल्ली का दूसरा बड़ा कोरोना अस्पताल है. ऐसे में संक्रमण के खतरे को ध्यान रखते हुए, इस अस्पताल में जहां कोरोना मरीजों का इलाज किया जा रहा है, उस बिल्डिंग से दूर एक अलग बिल्डिंग में इस क्लीनिक को तैयार किया गया है.
दरअसल, राजीव गांधी अस्पताल से अबतक करीब 1500 मरीज ठीक होकर जा चुके हैं. अस्पताल प्रशासन से मिली जानकारी के मुताबिक, पिछले एक महीने में कोरोना से ठीक हो चुके कई मरीज, अस्पताल को कॉल कर सांस लेने और सेहत से जुड़ी अन्य तकलीफ महसूस करने की शिकायत कर चुके हैं.
राजीव गांधी सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल के डायरेक्टर डॉक्टर बीएल शेरवाल ने बताया कि 'पोस्ट कोविड क्लीनिक' में अलग-अलग विभाग के डॉक्टर्स की एक टीम तैनात रहेगी जो मरीजों की जांच करेगी. क्लीनिक में मरीज की सेहत के अनुसार, काउंसलिंग, योग, मेडिटेशन की सलाह दी जाएगी. यहां लैब के साथ साथ ब्लड टेस्ट, एक्स-रे, और सिटी स्कैन की सुविधा होगी.
डॉक्टर शेरवाल ने कहा, 'कोरोना से ठीक हो चुके मरीज सांस लेने, सूखे कफ बनने, फेंफड़ों में सिकुड़न, बदन दर्द, और ऑक्सीजन की कमी की शिकायत कर रहे थे. इस वजह से ऐसे मरीजों के लिए एक सिस्टम बनाना जरूरी था. ठीक होने वाले कई मरीज 2 हफ्ते के बाद कोरोना जैसे लक्षण की शिकायत कर रहे हैं. इन्हीं बातों को ध्यान में रखकर एक छत के नीचे ठीक होने वाले मरीजों की जांच करना जरूरी है.'
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आगे डॉक्टर बीएल शेरवाल ने कहा, 'पोस्ट कोविड क्लीनिक में 3 डेस्क बनाई गईं हैं. एक डेस्क में फिजिशियन, दूसरी में प्रोनोलॉजिस्ट, तीसरे में सायकॉलजिस्ट मौजूद होंगे. यहां मरीज की शुरुआती जांच होगी, और जांच से सामने आए लक्षण के आधार पर टेस्ट भी किए जाएंगे. तुरंत ही मरीज को काउंसलिंग रूम में भेज दिया जाएगा जहां उन्हें जरूरत पड़ने पर क्लीनिक के भीतर बने योग सेंटर में पहुंचाया जाएगा.'
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"पोस्ट कोविड क्लीनिक" में मरीजों की संख्या बढ़ने पर अलग से योग सेंटर भी बनाए जाने की चर्चा है. अस्पताल प्रशासन का कहना है कि फिलहाल ठीक होने वाले मरीजों को एडमिट करने के बजाय उनकी काउंसलिंग पर फोकस किया जाएगा. ऐसे में क्लीनिक के अगले चरण में 'पोस्ट कोविड वार्ड' खोले जाने की प्लानिंग भी जोरों पर है. साथ ही अस्पताल मरीजों को ऑनलाइन माध्यम से क्लीनिक से जोड़ने की चर्चा भी कर रहा है.