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कोरोना से जंग के लिए आया एक और हथियार, आज से मरीजों को मिलेगी DRDO की एंटी-कोविड दवाई

ये दवा पानी में घोलकर पीने वाली है. ये एक सैशे में पाउडर फॉर्म में मिलेगी. इसे पानी में घोलकर मरीजों को दिया जा सकता है. दावा है कि ग्लूकोज़ पर आधारित इस 2-DG दवा के सेवन से कोरोना मरीजों को ऑक्सजीन पर ज्यादा निर्भर नहीं होना पड़ेगा. साथ ही वे जल्दी स्वस्थ हो जाएंगे.

कोरोना टीकाकरण (फ़ोटो- पीटाई) कोरोना टीकाकरण (फ़ोटो- पीटाई)
अभिषेक भल्ला
  • नई दिल्ली ,
  • 16 मई 2021,
  • अपडेटेड 12:03 AM IST
  • 2DG कल से मरीजों को मिलना होगी शुरू
  • DRDO की एंटी-कोविड दवा है 2DG

कोरोना महामारी से लड़ने के लिए डीआरडीओ (DRDO) की एंटी-कोविड दवा, 2DG कल (17 मई) से मरीजों को मिलनी शुरू हो जाएगी. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन आज सुबह 10:30 बजे इस एंटी-कोविड ड्रग के पहले बैच को लॉन्च करेंगे. कल तक दिल्ली के विभिन्न अस्पतालों में लगभग 10,000 खुराक उपलब्ध हो जाएगी. 
 
DRDO की एक लैब, इंस्टीट्यूट ऑफ न्यूक्लियर मेडिसिन एंड एलाइड साइंसेज (INMAS) द्वारा एंटी-कोविड दवा ‘2-डीऑक्सी-डी-ग्लूकोज’ (2-DG) को हैदराबाद स्थित डॉक्टर रेड्डी लैब (Dr Reddy) के साथ मिलकर तैयार किया है. क्लीनिकल-ट्रायल के बाद ड्रग्स कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया ने हाल ही में इसे इमरजेंसी इस्तेमाल के लिए हरी झंडी दी है.

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आपको बता दें कि ये दवा पानी में घोलकर पीने वाली है. ये एक सैशे में पाउडर फॉर्म में मिलेगी. इसे पानी में घोलकर मरीजों को दिया जा सकता है. दावा है कि ग्लूकोज़ पर आधारित इस 2-DG दवा के सेवन से कोरोना मरीजों को ऑक्सजीन पर ज्यादा निर्भर नहीं होना पड़ेगा. साथ ही वे जल्दी स्वस्थ हो जाएंगे. ये वायरस से प्रभावित सेल्स में जाकर जम जाती है और वायरस सिंथेसिस व एनर्जी प्रोडक्शन को रोककर वायरस को बढ़ने से रोकती है.

डीआरडीओ ने दावा किया है कि क्लीनिक्ल-ट्रायल के दौरान जिन कोरोना मरीजों को ये दवाई दी गई थी, उनकी RT-PCR रिपोर्ट जल्द निगेटिव आई है. बताया जा रहा है कि पिछले साल (अप्रैल 2020) से इस दवा पर काम चल रहा था. 

टी-कोविड दवा, 2DG को लेकर डीआरडीओ का कहना है कि ट्रायल में ये पाया गया कि कोरोना मरीज 2डीजी दवा लेने से ढाई दिन पहले ही सही हो रहे थे. यानी कि एसओसी के मुकाबले 2डीजी से किये इलाज का अधिक असर दिखा. DRDO ने बताया है कि इसे बेहद आसानी से उत्पादित किया जा सकता है. इसलिए पूरे देश में 2DG जल्द ही आसानी से उपलब्ध हो जाएगी. क्योंकि इसमें बेहद जेनेरिक मॉलिक्यूल हैं और ग्लूकोस जैसा ही है. 

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