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Corona: वैक्सीन न लगवाने वालों में भी ओमिक्रॉन से संक्रमित होने पर बढ़ जाती है इम्यूनिटी!, स्टडी में खुलासा

भारत में कोरोना मरीजों की संख्या घट-बढ़ रही है. एक दिन पहले देश में कोरोना वायरस के 2364 केस सामने आए थे, जो दो दिन पहले के मुकाबले 29.3% केस बढ़ गए. वहीं नॉर्थ कोरिया में हालात चिंताजनक हो गए हैं, जहां कुछ दिन पहले 24 घंटे में 232,880 नए मामले सामने आ गए थे.

अमेरिका में शोधार्थियों ने किया अध्ययन (फाइल फोटो) अमेरिका में शोधार्थियों ने किया अध्ययन (फाइल फोटो)
aajtak.in
  • लॉस एंजेलिस,
  • 19 मई 2022,
  • अपडेटेड 7:13 PM IST
  • ग्लैडस्टोन इंस्टिट्यूट्स और यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया ने किया अध्ययन
  • कोरोना के अलग-अलग वैरिएंट से संक्रमित लोगों के ब्लड सैंपल से चूहों पर किया अध्ययन

कोरोना वायरस के वैरिएंट ओमिक्रॉन को लेकर एक चौंकाने वाली स्टडी सामने आई है. कोरोना वैक्सीन न लगवाने वाले ओमिक्रॉन वैरिएंट से संक्रमितों में दूसरे वैरिएंट से संक्रमित लोगों की तुलना में ज्यादा इम्यूनिटी पाई गई है. ग्लैडस्टोन इंस्टिट्यूट्स और यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया ने चूहे पर संक्रमितों के ब्लड सैंपल के जरिए अध्ययन करने के बाद इस बात का दावा किया है.

...लंबे समय तक नहीं रहती इम्यूनिटी

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अमेरिका में किए गए इस अध्ययन में शोधकर्ताओं ने पाया कि ओमिक्रॉन वैरिएंट एक कमजोर इम्यूनिटी बनाता है. उन्होंने पाया कि वे लोग जो टीका लगवा चुके हैं, अगर ओमिक्रॉन से संक्रमित हो जाते हैं तो उनमें कोरोना के दूसरे सभी वैरिएंट से लड़ने की क्षमता बढ़ जाती है. वहीं वैक्सीन की अधूरी डोज लेने वाले दूसरे वायरस से लड़ने में सक्षम तो हो जाते हैं लेकिन उसका असर लंबे समय तक नहीं रहता है.

...एक शॉट जितनी मिली इम्यूनिटी

ग्लैडस्टोन इंस्टिट्यूट्स ऑफ वायरोलॉजी के निदेशक और अध्ययन के सह-वरिष्ठ लेखक मेलानी ओट ने कहा, "अगर कोई वैक्सीनेटेड ओमिक्रॉन से संक्रमित पाया जाता है तो उसमें कोविड टीके के एक शॉट के बराबर इम्यूनिटी हो सकती है. यह कोरोना के खिलाफ थोड़ी सी सुरक्षा प्रदान करता है, लेकिन इसका असर लंबे समय तक नहीं रहता है."

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एयर-वे कोशिकाओं में पाया गया ओमिक्रॉन

शोधकर्ताओं ने बताया कि टीम ने सबसे पहले चूहों पर ओमिक्रॉन के असर की जांच की. इसके बाद SARS-CoV-2 और डेल्टा वैरिएंट से उसकी तुलना की, जिसमें उन्होंने देखा कि चूहों में Omicron के बहुत कम लक्षण मिले. यह वायरस निचले स्तर की एयर-वे कोशिकाओं में पाया गया.

संक्रमितों में T कोशिकाएं बनती पाई गईं

शोधकर्ताओं ने बताया कि ओमिक्रॉन अलग-थलग पड़ीं मानव कोशिकाओं को संक्रमित करने में सक्षम है, लेकिन इसका असर दूसरे वैरिएंट की तुलना में बहुत कम था. शोधार्थियों ने पाया कि ओमिक्रॉन से संक्रमित चूहों में हल्के लक्षण होने के बावजूद प्रतिरक्षा प्रणाली टी-कोशिकाओं और एंटीबॉडी बना रही है, जो आमतौर पर दूसरे वायरस से संक्रमित होने पर बहुत मुश्किल से दिखाई देता है. 
 

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