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कोरोना: दूसरी लहर से सबक, तीसरी लहर को लेकर अलर्ट पर हैं राज्य सरकारें

देश में कोरोना (Corona) की तीसरी लहर (Third wave) की आशंका को देखते हुए केंद्र से लेकर राज्य सरकारें तक अलर्ट पर हैं. इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल (ICMR) रिसर्च ने अपनी एक रिसर्च का हवाला देते हुए कहा है कि अगस्त के अंत तक देश में रोजाना लगभग एक लाख केस आएंगे.

तीसरी लहर की आशंका को लेकर सतर्कता (फोटो-पीटीआई) तीसरी लहर की आशंका को लेकर सतर्कता (फोटो-पीटीआई)
aajtak.in
  • नई दिल्ली,
  • 19 जुलाई 2021,
  • अपडेटेड 2:18 PM IST
  • तीसरी लहर को लेकर कोई कसर नहीं छोड़ना चाहतीं राज्य सरकारें
  • यूपी उत्तराखंड में कांवड़ यात्रा रद्द, प्रवेश पर सख्ती
  • हरियाणा में लॉकडाउन बढ़ा, नाइट कर्फ्यू लागू

देश में कोरोना (Corona) की तीसरी लहर (Third wave) की आशंका को देखते हुए केंद्र से लेकर राज्य सरकारें तक अलर्ट पर हैं. इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल (ICMR) रिसर्च ने अपनी एक रिसर्च का हवाला देते हुए कहा है कि अगस्त के अंत तक देश में रोजाना लगभग एक लाख केस आएंगे. विशेषज्ञों ने इसे संभावित तीसरी लहर कहा है. अभी भारत में रोजाना तकरीबन 40 हजार नए केस आ रहे हैं और लगभग 500 कोरोना मौतें प्रतिदिन रिपोर्ट की जा रही हैं.

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हालांकि ICMR की स्टडी में ये भी इशारा है कि थर्ड वेव दूसरी लहर की तरह खतरनाक नहीं होगी. बता दें कि दूसरी लहर के दौरान देश में प्रतिदिन नए कोरोना केस की संख्या 4 लाख तक पहुंच गई थी. अब देश में अबतक करीब 40 करोड़ लोगों को कोरोना टीके की कम से कम एक डोज लग चुकी है. 

तीसरी लहर (Third wave) के संक्रमण की आशंका को देखते हुए केंद्र और राज्य सरकारें किसी तरह का खतरा मोल नहीं लेना चाहती हैं. और कोरोना गाइडलाइन के सख्ती से पालन के अलावा कोरोना से लड़ने में जरूरी फैक्टर जैसे टेस्टिंग, ट्रेसिंग, ऑक्सीजन प्लांट, बेड और जरूरी दवाओं के प्रोडक्शन पर ध्यान दे रही है. 

उत्तर प्रदेश-उत्तराखंड में कांवड़ यात्रा रद्द 

थर्ड वेव की आशंकाओं के बीच उत्तराखंड सरकार ने हरिद्वार में होने वाली वार्षिक कांवड़ यात्रा रद्द कर दी है. इस यात्रा में देश भर से शिवभक्त आते हैं और गंगा जल उठाते हैं, जिसकी वजह से बड़े पैमाने पर लोगों का जमावड़ा होता है. कोरोना संक्रमण को देखते हुए राज्य सरकार ने कांवड़ यात्रा को रद्द कर दिया है. 

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कावंड़ यात्रा में उत्तर प्रदेश के लोग बड़ी संख्या में जल उठाने जाते हैं. यूपी सरकार ने कोरोना संक्रमण की आशंका को देखते हुए अपने राज्य में इस यात्रा को रद्द कर दिया है. कांवड़ यात्रा के दौरान भगवान शिव के भक्त उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब, हिमाचल, दिल्ली, राजस्थान और देश के कई और राज्यों से कांवड़ लेकर हरिद्वार पहुंचते हैं. उत्तराखंड द्वारा इस यात्रा को रद्द किए जाने एक बड़ा धार्मिक समागम बंद हो गया है. 

यूपी में प्रवेश के लिए एंट्री सर्टिफिकेट जरूरी

उत्तर प्रदेश ने सिर्फ कांवड़ यात्रा रद्द कर दी है. बल्कि दूसरे राज्यों से अपनी सीमा में प्रवेश को लेकर नियम भी सख्त कर दिया है. यूपी में प्रवेश के लिए अब RT-PCR की कोरोना निगेटिव रिपोर्ट दिखाना अनिवार्य होगा. यूपी सरकार के अनुसार जिन राज्यों में कोरोना का पॉजिटिविटी रेट 3 फीसदी से ज्यादा है, उन राज्यों से यूपी में प्रवेश करने वाले लोगों को कोरोना की निगेटिव रिपोर्ट लानी होगी. ये रिपोर्ट 4 दिन से ज्यादा पुरानी नहीं होनी चाहिए.

हरियाणा में लॉकडॉउन बढ़ा

यूपी ने अपनी सीमा में प्रवेश पर सख्ती बढ़ा दी है तो हरियाणा में लॉकडाउन को बढ़ा दिया गया है. राज्य सरकार ने लॉकडाउन 26 जुलाई तक बढ़ा दिया है. इसके अलावा नाइट कर्फ्यू को फिर से लागू कर दिया है. अब राज्य में रेस्तरां, ढाबे और बार रात 11 बजे तक खुल सकेंगे. और खाने-पीने की वस्तुओं की रात 11 बजे तक होम डिलीवरी हो सकेगी. राज्य में विवाह और अंतिम संस्कार में 100 लोग शामिल हो सकेंगे. राज्य में रात 11 बजे से लेकर सुबह 5 बजे तक नाइट कर्फ्यू लागू रहेगा. 

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दिल्ली में प्रोटोकॉल तोड़ने पर मार्केट बंद

देश की राजधानी दिल्ली में कई बाजारों में कोरोना प्रोटोकॉल का उल्लंघन हो रहा है. ऐसे बाजारों पर कार्रवाई करते हुए उन्हें तत्काल बंद किया जा रहा है. दिल्ली के सरोजिनी नगर मार्केट को कोविड प्रबंधन का उल्लंघन के कारण अगले आदेश तक के लिए बंद कर दिया गया है. इससे पहले, दिल्ली के कई प्रमुख बाजार, जिनमें करोल बाग और लाजपत नगर शामिल हैं को भी कोविड-19 मानदंडों का उल्लंघन करने के लिए बंद किया गया था.

टीके की दोनों डोज के बावजूद असम में प्रवेश के लिए कोविड टेस्ट जरूरी

असम में भी इस बार पूरी तरह से अलर्ट है. असम सरकार ने कहा है कि उसकी सीमा में प्रवेश के लिए टीके की दोनों खुराक लेने के बावजूद कोरोना का टेस्ट करवाना पड़ेगा. 

मणिपुर में 10 दिनों का पूर्ण कर्फ्यू

तीसरी लहर के कहर को रोकने के लिए पूर्वोत्तर के राज्य अलर्ट हैं. मणिपुर में 18 जुलाई से लेकर अगले 10 दिनों तक पूर्ण कर्फ्यू लगा दिया गया है. तीसरी लहर की दस्तक से पहले इस प्रतिबंध को लागू करने वाला मणिपुर पहला राज्य बन गया है. मुख्यमंत्री एन. बिरेन सिंह के मुताबिक, जरूरी संस्थानों के अलावा बाकी सभी तरह के संस्थान पूरी तरह बंद रखे जाएंगे. 

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उत्तराखंड में एंट्री के लिए कोविड निगेटिव सर्टिफिकेट जरूरी, चार धाम यात्रा रद्द

उत्तराखंड में जब सैलानियों को छूट दी गई तो दिल्ली-एनसीआर से पर्यटकों का रेला पहाड़ पहुंच गया. वहां से आई तस्वीरें काफी डराने वाली थीं. इसके बाद राज्य सरकार ने सख्ती दिखाते हुए राज्य में प्रवेश के लिए कोविड निगेटिव सर्टिफिकेट अनिवार्य कर दिया है. यही नहीं पर्यटन स्थलों पर सोशल डिस्टेंसिंग का सख्ती से पालन किया जा रहा है. राज्य सरकार ने चार धाम यात्रा भी रद्द कर दी है. 

हिमाचल प्रदेश में भी सख्ती

हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला समेत राज्य के अन्य शहरों में बड़ी संख्या में पर्यटक उमड़ रहे हैं. हिमाचल सरकार ने पुलिस को निर्देश दिया है कि वो पर्यटकों के बीच कोरोना गाइडलाइंस का संख्ती से पालन करवाएं. इसके लिए अधिकारियों को चालान करने की भी छूट दी गई है. बाजार में हर दुकान के बाहर ग्राहकों के खड़े होने के लिए गोले लगाना अनिवार्य होगा. 

अबतक 40 करोड़ लोगों को टीका

इस बीच देश में अबतक 40 करोड़ लोगों को कोरोना टीके की कम से कम एक डोज लग गई है. नीति आयोग के सदस्य वीके पॉल ने कहा है कि प्रधानमंत्री ने कहा है कि तीसरी लहर को रोका जाए. उन्होंने कहा कि अबतक लगभग 40 करोड़ लोगों को टीका लग गया है, लेकिन 45 साल से ऊपर की हमारी आधी आबादी को ही अबतक टीका लग पाया है. ये ऐसा आयु वर्ग है जिसे कोरोना का सबसे ज्यादा खतरा है. इसलिए इस आयु वर्ग को वैक्सीनेट करने की कोशिश की जा रही है, लेकिन इसमें लगभग 100 दिन और लगेंगे. इसलिए 100 दिनों में हमें सतर्क रहने की जरूरत है. 

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ऑक्सीजन सप्लाई दुरुस्त करने की जरूरत 

कोरोना संक्रमण की आशंकाओं के बीच प्रधानमंत्री ने देश में ऑक्सीजन की सप्लाई दुरुस्त करने का निर्देश दिया है. 9 जुलाई को पीएम मोदी ने हाईलेवल मीटिंग की और 1,500 ऑक्सीजन प्लांट लगाने के निर्देश दिए. इन प्लांट्स को देश भर के अलग-अलग हिस्सों में लगाया जाएगा. प्रधानमंत्री मोदी ने राज्य सरकारों और अधिकारियों से यह भी कहा है कि हॉस्पिटल स्टाफ को ऑक्सीजन प्लांट के संचालन और रखरखाव के लिए भी जरूरी ट्रेनिंग दी जाए. 

 

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