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इटावाः चोरी के वाहनों की फेक RC बनवाने वाले गैंग का पर्दाफाश, 41 वाहन बरामद, 3 शातिर गिरफ्तार

परवेज़ सागर
  • 04 जनवरी 2021,
  • अपडेटेड 5:15 PM IST
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उत्तर प्रदेश के इटावा जिले में पुलिस ने एक ऐसे गैंग का पर्दाफाश किया है, जो फर्जी दस्तावेजों के सहारे चोरी किए गए ट्रक, टैंकर और अन्य वाहनों का रजिस्ट्रेशन करा कर उन्हें बेच देता था. इस काम को अंजाम देने के लिए ये गैंग नागालैंड, मणिपुर और अन्य राज्यों से एनओसी कराकर चोरी के वाहनों का फर्जी रजिस्ट्रेशन कराता था. पुलिस ने इस गैंग के 3 सदस्यों को गिरफ्तार किया है. साथ ही फर्जी आरसी वाले 41 वाहन बरामद किए हैं, जिनकी कीमत करीब 7.50 करोड़ रुपये बताई जा रही है. 

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इटावा के एसएसपी आकाश तोमर ने बताया कि कुछ समय पहले एआरटीओ इटावा ने थाना सिविल लाइन पर एक अभियोग दर्ज कराया था. पुलिस ने उनकी शिकायत पर आईपीसी की धारा 420, 467, 468, 471, 474, 34, 120बी के तहत मामला दर्ज कर लिया था. एआरटीओ ने पुलिस को बताया था कि कुछ अज्ञात व्यक्ति चोरी किए गए ट्रक, टैंकर, छोटे वाहनों का फर्जी तरीके से रजिस्ट्रेशन करा रहे हैं. वे नागालैंड और मणिपुर आदि राज्यों में वाहनों के चेसिस नंबर बदलकर एनओसी लेकर जनपद इटावा और आसपास के जिलों में रजिस्ट्रेशन कराते हैं.  

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पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए इस मामले की जांच शुरू की. इसी दौरान बीती 5 नवंबर को मुखबिर की सूचना पर एसओजी इटावा और थाना सिविल लाइन पुलिस की संयुक्त टीम ने चोरी किए हुए ट्रैक्टरों का फर्जी तरीके से रजिस्ट्रेशन कराकर उन्हें बेचने और इस्तेमाल करने वाले 3 अभियुक्तों को गिरफ्तार कर जेल भेजा. उनके कब्जे से 12 ट्रैक्टर और कई दस्तावेज भी बरामद हुए. 

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इस मामले की गंभीरता को भांपकर एसएसपी आकाश तोमर ने बीते दिसंबर में कई टीम गठित की और उन्हें विभिन्न जनपदों में सबूत और सुराग जुटाने के काम पर लगा दिया. उनकी टीम ने अन्य जनपदों में मुखबिरों की सहायता से कई फर्जी गाड़ियों को चिन्हित किया. सारी जानकारी जुटाई. जांच में पता चला कि एक गिरोह इस काम को अंजाम दे रहा है. वो चोरी किए गए वाहनों को फर्जी तरीके से दूर के प्रदशों में चेसिस नंबर बदलकर एनओसी लेकर जनपद इटावा और औरैया से रजिस्ट्रेशन कराता है.

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एसएसपी आकाश तोमर के अनुसार जांच में परिवहन विभाग के कई जनपदों के आरटीओ, क्लर्क व दलाल भी संलिप्त पाए गए. इसके बाद एसएसपी ने अपने तीनों एएसपी के नेतृत्व में कई टीम अलग से गठित की और उन्हें इस गैंग के पीछे लगाया. इसी दौरान एसओजी इटावा और थाना सिविल लाइन पुलिस की टीम को मुखबिर से सूचना मिली कि कुछ अज्ञात व्यक्ति लायन सफारी के सामने बंद पड़े प्लांट के पास कई ट्रक, टैंकर, स्कॉर्पियो और टाटा आर्या गाडी लेकर जमा हुए हैं. इन सभी चोरी के वाहनों को फर्जी आरसी के सहारे दलालों के माध्यम से मध्य प्रदेश में बेचने की तैयारी है.

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सूचना के आधार पर सभी टीम मौके पर पहुंची और पूरे इलाके को घेर लिया. इस दौरान स्कॉर्पियो और टाटा आर्या कार से भागने की कोशिश करने वाले 3 बदमाशों को पुलिस ने घेराबंदी करके गिरफ्तार कर लिया. जबकि एक बदमाश मौके से भाग निकला. उसकी तलाश की जा रही है. वाहनों की जांच में सारा राज खुलकर सामने आ गया. सभी वाहन चोरी के हैं. जिन पर फर्जी आरसी लगाई गई हैं. आरोपी ने पूछताछ में बताया कि सारे वाहन चोरी के हैं. उनके चेसिस नंबर नागालैंड से बदलवाकर रजिस्ट्रेशन कराया गया है. इस काम में जनपद औरैया के एआरटीओ और आरटीओ कार्यालय के कर्मचारियों के साथ मिलीभगत करके एनओसी ली गई है. ये सभी वाहन मध्य प्रदेश में बेचे जाने थे. 

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एसएसपी आकाश तोमर ने बताया कि पकड़े गए बदमाशों के कब्जे से एक पॉकेट डायरी भी बरामद हुई है. जिसमें 35 वाहनों के नंबर लिखे हुए थे. जो नागालैंड से फर्जी चेसिस नंबर डलवाकर और एनओसी लेकर जनपद इटावा और औरैया के तत्कालीन एआरटीओ, उनके क्लर्कों व एआरटीओ के दलालों के साथ मिलकर फर्जी तौर पर रजिस्ट्रेशन कराए गए थे. वाहनों के नंबरों के संबंध में पता चला कि उक्त ट्रक, टैंकर और अन्य वाहन जनपद कानपुर नगर, कानपुर देहात, एटा, मैनपुरी, बरेली, शाहजहांपुर एवं अन्य आस-पास के जनपदों में चल रहे हैं.

गिरफ्तार किए गए बदमाशों की पहचान दिलीप कठेरिया पुत्र शिवराम सिंह निवासी जसवन्तनगर, राजीव गुप्ता पुत्र राधेश्याम गुप्ता निवासी शाहजहांपुर और राघवेन्द्र सिंह पुत्र रामदास यादव निवासी सारगपुरा कचैरा रोड, इटावा के रूप में हुई है. इनके कब्जे से 11 ट्रक, 18 टैंकर, 1 डीसीएम, 2 स्कॉर्पियो कार, 1 जायलो कार, 2 सेंट्रो कार, 1 मारूति अर्टिगा कार, 1 हुंडई वरना, 1 मैक्स पिकअप, 1 लोडर, 1 टाटा आर्या कार और 1 टाटा इंडिगो कार बरामद हुई है.

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