यूपी के बिकरु कांड की फाइलें अभी जांच के दायरे से सिमटी भी नहीं थी कि प्रदेश का एक और जिला कासगंज जनपद, कानपुर के बिकरु कांड की तरह बन गया. मंगलवार रात को यहां कार्रवाई करने गई पुलिस टीम के एक दरोगा तथा एक सिपाही पर शराब माफिया ने हमला बोल दिया.
शराब माफिया द्वारा किये गए हमले से मिली गंभीर चोटों से एक सिपाही की मौके पर ही मौत हो गई तो वहीं पुलिस दारोगा को मौके पर पहुंचे पुलिस बल ने अर्धनग्न स्थिति में घायल पाया. मरने वाला सिपाही आगरा का रहने वाला है जबकि बुरी तरीके से घायल दारोगा मैनपुरी का है.
इस सनसनीखेज घटनाक्रम का संज्ञान लेते हुए प्रदेश के मुख्यमंत्री ने रासुका की कार्यवाही करते हुए गंभीर आदेश दे दिए हैं. कार्रवाई के दौरान हुए शहीद सिपाही के परिजनों को 50 लाख का मुआवजा देने जी घोषणा कर दी गई है और परिवार के एक व्यक्ति को नौकरी की घोषणा की है. वहीं स्वास्थ्य विभाग को घायल दरोगा के इलाज में कोई कोताही न बरतने के आदेश दिए हैं.
आपको बता दें कि ये पूरा मामला कासगंज जनपद के थाना सिढ़पुरा क्षेत्र के गांव नगला धीमर का है जहां पूर्व में भी सट्टेबाज खाईबाड़ी करने वालों ने इससे पूर्व पत्रकारों पर भी हमला अब से कुछ दिनों पूर्व में किया था. उस मामले में कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई थी. जिस हद तक होनी थी, उस हद तक दिखी नहीं. यदि सट्टेबाजों पर ठोस कार्रवाई समय पर हो जाती तो शायद आज यह दुखद बड़ी घटना न घटती.
फिलहाल इस समूचे घटनाक्रम के बाद पुलिस हरकत में आ गई है. शराब माफिया के सहयोगियों की धरपकड़ हेतु आवश्यक कार्रवाई की जा रही है.
पुलिस कांड के एक आरोपी को पुलिस ने मुठभेड़ के बाद मार गिराया. मुख्य आरोपी मोती धीमर घटना को अंजाम देकर अभी भी फरार है. मोती धीमर के भाई एलकार के रूप में मरने वाले की शिनाख्त हुई है.
यह मुठभेड़ सिढ़पुरा थाना क्षेत्र के नगला धीमर के निकट काली नदी किनारे हुई जहां कासगंज-पुलिस कांड के एक आरोपी को पुलिस ने मुठभेड़ के बाद मार गिराया.