
पूर्वी उत्तर प्रदेश के बलिया जिले में कोटे की दुकान को लेकर हुई खुली बैठक के दौरान हुई फायरिंग में एक व्यक्ति की जान चली गई. रेवती थाना क्षेत्र के दुर्जनपुर गांव में हुए इस गोलीकांड का आरोपी धीरेंद्र सिंह उर्फ डब्ल्यू भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) का नेता बताया जाता है. इस घटना को लेकर सियासत सरगर्म है और विपक्षी दल आक्रामक हैं.
आरोपी का सत्ताधारी दल से जुड़ाव की बात सामने आने के बाद समाजवादी पार्टी (सपा), कांग्रेस और बहुजन समाज पार्टी (बसपा) बीजेपी को घेरने में जुटे हैं. सपा नेता और पूर्व विधायक जय प्रकाश अंचल और कांग्रेस नेता सीबी मिश्रा ने मृतक के परिजनों से मुलाकात की. वहीं, बीजेपी के जिलाध्यक्ष को सफाई देनी पड़ी कि धीरेंद्र पार्टी में किसी पद पर नहीं है.
जिलाध्यक्ष की सफाई के अगले ही दिन विवादित बयानों से हमेशा चर्चा में रहने वाले क्षेत्रीय विधायक सुरेंद्र सिंह ने यह स्वीकार किया है कि धीरेंद्र पार्टी का कार्यकर्ता था. क्षेत्रीय विधायक ने फायरिंग की घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताया और लगे हाथ यह भी गिना दिया कि धीरेंद्र के पिता, बहन और अन्य परिजन भी घायल हुए हैं.
बताया जाता है कि आरोपी धीरेंद्र सिंह सेना का रिटायर्ड जवान है. वह भूतपूर्व सैनिक संगठन की बैरिया तहसील इकाई का अध्यक्ष बताया जा रहा है. धीरेंद्र की गिनती बैरिया के विधायक सुरेंद्र सिंह के करीबियों में होती है.
अखिलेश यादव ने किया तंज
बलिया गोलीकांड को लेकर सूबे के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि सत्ताधारी बीजेपी के एक नेता ने एसडीएम और सीओ के सामने खुलेआम एक युवक की हत्या कर दी. उसके फरार हो जाने से कानून व्यवस्था का सच सामने आ गया है. अखिलेश ने सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि अब देखें क्या एनकाउंटर वाली सरकार अपने लोगों की गाड़ी भी पलटाती है या नहीं.
(बलिया से अनिल अकेला के इनपुट के साथ)