
Salma Sultana Murder Case: छत्तीसगढ़ पुलिस न्यूज एंकर सलमा सुल्ताना के कत्ल का खुलासा कर चुकी है. इस मामले में सलमा के ब्वॉयफ्रेंड और जिम ट्रेनर मधुर साहू के अलावा उसके दो साथी और शामिल थे. वो भी पुलिस के हत्थे चढ़ चुके हैं. जिनकी पहचान कौशल श्रीवास और अतुल शर्मा के तौर पर की गई है. पूछताछ के दौरान मधुर साहू और कौशल श्रीवास ने कुबूल किया है कि उन दोनों ने सलमा का कत्ल उसी रोज कर दिया था, जब वो मधुर से मिलने के लिए कुसमुंडा से कोरबा आई थी.
मधुर के साथ शामिल थे तीन लोग
पुलिस को कोरबा के इस चर्चित हत्याकांड की तफ्तीश में ये भी पता चला है कि सलमा का कत्ल करने के बाद मधुर और कौशल ने अपने तीसरे साथी अतुल शर्मा की मदद से उसकी लाश को कोरबा दर्री मार्ग के किनारे एक सुनसान जगह पहुंचाया था और फिर वहीं पर उसे दफ्ना दिया था. अब इन तीनों के पकड़े जाने के बाद पुलिस पांच साल पहले निकाले गए उनके मोबाइल सीडीआर का एनालिसिस भी कर रही है.
ये थी सलमा के कत्ल की वजह
पुलिस की तहकीकात में सलमा सुल्ताना के कत्ल की वजह भी तकरीबन साफ हो गई है. तफ्तीश में ये पता चला है कि सलमा के ब्वॉयफेंड मधुर के साथ उसका रुपये-पैसों को लेकर विवाद चल रहा था. सलमा ने जो लोन ले रखा था, मधुर वो चुकाना नहीं चाहता था. ऊपर से सलमा चूंकि एक पत्रकार थी और बहुत से लोगों से उसका मिलना जुलना था, तो मधुर उसके चरित्र पर भी शक करता था. उसे लोगों से मिलने जुलने से रोका करता था. इस बात को लेकर अक्सर मधुर और सलमा के बीच विवाद भी होता था. इसी झगड़े से ऊब कर मधुर ने सलमा की जान लेने का फैसला कर लिया था. और फिर उसकी गला घोंट कर हत्या कर दी थी.
मधुर का लैपटॉप और दूसरे डिवाइस जब्त
अब पुलिस ने मधुर साहू का लैपटॉप और दूसरे डिवाइस भी बरामद कर लिए हैं, जिसमें दोनों की जिंदगी में चल रही उथल-पुथल से जुड़े कई सबूत पुलिस के हाथ लगे हैं. पुलिस को मधुर के फोन और लैपटॉप से कुछ ऑडियो क्लिप भी मिले हैं, जो इस केस में अहम सबूत साबित हो सकते हैं.
पांच साल बाद ऐसे खुला कत्ल के ये मामला
इसी साल मई के महीने में दर्री के एसपी सिटी रॉबिन्सन गुड़िया अपने इलाके के पेंडिंग मामलों की फाइलें देख रहे थे, तभी उन्हें एक अजीब सी बात पता चली कि सलमा की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज होने के बाद भी तफ्तीश एक इंच भी आगे नहीं बढ़ी थी. एसपी ने अब बड़ी खामोशी से सलमा के बारे में जानकारी जुटाने की शुरुआत की. इस कोशिश में उन्हें पता चला कि अपनी गुमशुदगी से पहले 2018 में सलमा ने एक बैंक से लोन ले रखा था. और उस लोन की किश्तें एक लड़का चुकाया करता था. लेकिन हैरानी की बात ये थी कि वो सलमा की गुमशुदगी के कई महीने बाद तक भी बैंक में लोन की किश्तें चुकाता रहा और फिर एक रोज़ उसने ये सिलसिला भी बंद कर दिया था. पुलिस ने बैंक वालों से बात की, तो पता चला बकाया किश्तें मांगने पर उस लड़के ने बैंक वालों के साथ बदतमीजी करनी शुरू कर दी थी.
सलमा के जानकारों से भी पूछताछ
इसके बाद पुलिस ने उस लड़के से पूछताछ की. लड़के ने खुद को सलमा का दोस्त बताया, लेकिन उसकी गुमशुदगी से जुड़े सारे सवालों से वो खुद को अंजान बताता रहा. इसके बाद एसपी रॉबिन्सन की अगुवाई पुलिस ने टीम ने सलमा को जानने वाले कई दूसरे लडकों और पत्रकारों से भी पूछताछ की, लेकिन पुलिस को सलमा की गुमशुदगी के बारे में कुछ भी पता नहीं चला.
मधुर साहू के पार्टनर ने पुलिस को दिया था सुराग
इस मामले में एक बड़ा ट्विस्ट तब आया, जब एक रोज़ एक लड़के शराब के नशे में कहीं खुद को सलमा की गुमशुदगी के हर राज से वाकिफ बताया और कहा कि इस कांड में कोरबा के एक जिम टेनर मधुर साहू का हाथ है. इत्तेफाक से शराब के नशे में उस लड़के ने ये बातें मधुर साहू के बिजनेस पार्टनर से कही, जिसका मधुर के साथ रुपये-पैसों की लेन-देन को लेकर विवाद चल रहा था. पार्टनर ये बात पुलिस को बता दी और अब पुलिस का शक मधुर पर गहरा गया.
आरोपियों ने कुबूल किया अपना गुनाह
इसके बाद पुलिस ने मधुर साहू और उसके कुछ साथियों से दोबारा पूछताछ की, लेकिन सभी पुलिस को झूठी कहानियां सुनाते रहे. फिर एक वक्त तो ऐसा भी आया जब मधुर ने सलमा का कत्ल करने की बात तो कबूल कर ली, लेकिन लाश ठिकाने लगाने की जगह झूठी बता दी. इसके बाद पुलिस अलग-अलग जगहों पर लाश को तलाशती रही. लेकिन जब लाश नहीं मिली तो पुलिस ने सख्ती की. जिसके चलते मधुर और उसके एक साथी ने ये कुबूल कर लिया कि उन्होंने ना सिर्फ पांच साल पहले ही सलमा की हत्या कर दी थी, बल्कि उसकी लाश को कोरबा दर्री मार्ग पर सड़क के किनारे दफ्ना दिया था.
लाश की तलाश में परेशानी
अब दिक्कत ये थी कि पांच सालों में कोरबा दर्री मार्ग का पूरा का पूरा भूगोल ही बदल चुका था. कोरबा दर्री मार्ग पहले सिंगल लेन हुआ करता था, जो अब फोन लेन हाई-वे में बदल चुका था. सड़क बनाने के लिए आस-पास के इलाके में बड़ी मात्रा मिट्टी का भराव भी किया गया था. ऐसे में पुलिस के लिए लाश दफनाने की सही जगह की पहचान करना और उसे खोद निकालना कोई आसान काम नहीं था. ऊपर से खुद लाश दफनाने वाले भी लाश की लोकेशन को लेकर कन्फ्यूज थे. हालांकि पूछताछ में उन्होंने बताया था कि जिस जगह पर उन्होंने सलमा की लाश दफ्नाई थी, वहां एक पेड़ हुआ करता था.
खुदाई के लिए तकनीक की मदद
अब पुलिस ने ना सिर्फ कोरबा दर्री मार्ग का पुराना नक्शा निकाला, तस्वीरें निकाली, बल्कि वन विभाग से भी उस पेड़ वाली जगह की पहचान पता करने के लिए मदद की गुजारिश की. यही नहीं पुलिस ने फिर जमीन के नीचे दफ्न लाश का पता लगाने के लिए थर्मल रडार और सैटेलाइट इमेजेज की मदद ली. स्क्रीनिंग मशीन से जगह की पहचान करने के बाद ग्राउंड पेनिटरेशन रडार से पिन प्वाइंट इनफॉर्मेशन जुटाई गई. और तब उस जगह पर जेसीबी और पोकलेन से खुदाई चालू की गई.
7 घंटे की खुदाई के बाद मिली सलमा की लाश
इतेफाक से ये जगह ठीक फोर लेन रोड के बगल में थी, जहां सड़क बनाने के दौरान मिट्टी का भराव तो किया गया था, लेकिन सड़क उस जगह के ऊपर से नहीं गुजरी थी. ऐसे में पुलिस को सड़क तोड़ने की जरूरत नहीं पड़ी. और करीब सात घंटों की खुदाई के बाद पुलिस ने आखिरकार वो कर दिया, जो पिछले पांच सालों में नहीं हो सका था. पुलिस को यहां बोरे में बंद एक लाश बरामद हुई. लाश की हालत काफी खराब हो चुकी थी. लेकिन पुलिस को मौके से हड्डियों के अलावा खोपड़ी, बाल और वो बेडशीट हाथ लगी, जिसका इस्तेमाल कातिलों ने सलमा की लाश को दफनाने के लिए किया था. इनमें सलमा के कपड़ों की पहचान घरवालों ने कर ली थी.
फोरेंसिक जांच और डीएनए
इस बात में तो शक की गुंजाइश नहीं के बराबर है कि वो लाश सलमा की है. लेकिन मामले को पुख्ता करने के लिए पुलिस फॉरेंसिक जांच के साथ-साथ डीएनए एग्जामिनेशन की भी मदद ले रही है, ताकि सलमा के घरवालों के डीएनए से लाश की डीएनए मैच करवा कर ये एनश्योर किया जा सके कि लाश उसी लड़की की है. इस तरह से पुलिस ने पांच साल पुरानी इस कत्ल की पहेली को सुलझा लिया है.
(कोरबा से गेंदालाल शुक्ल का इनपुट)