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बेटे की 'कातिल' CEO की हरकत से परेशान गोवा पुलिस, होटल में मिले कफ सिरप ने बदली मर्डर केस की थ्योरी

स्टार्टअप कंपनी माइंडफुल एआई लैब की फाउंडर और सीईओ सूचना सेठ (Suchana Seth) को लेकर लगातार कई खुलासे हो रहे हैं. वो जिस होटल के कमरे में ठहरी हुई थी, वहां से कफ सिरप की दो बोतलें बरामद की गई हैं. इसके साथ ही पुलिस सूत्रों का कहना है कि वो इस केस की जांच में सहयोग नहीं कर रही है.

अपने ही बेटे की सूचना सेठ को लेकर लगातार कई खुलासे हो रहे हैं. अपने ही बेटे की सूचना सेठ को लेकर लगातार कई खुलासे हो रहे हैं.
aajtak.in
  • पणजी,
  • 10 जनवरी 2024,
  • अपडेटेड 9:18 PM IST

Killer Mother Soochna Seth: चार साल के मासूम बेटे की हत्या के आरोप में गिरफ्तार हुई माइंडफुल एआई लैब की फाउंडर और सीईओ सूचना सेठ को छह दिनों के लिए पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है. पुलिस टीम उससे लगातार मर्डर केस के बारे में पूछताछ कर रही है. पुलिस सूत्रों का कहना है कि वो जांच में सहयोग नहीं कर रही है. एक घाघ महिला की तरह बिल्कुल शांत बैठी रहती है. यहां तक कि उसका कहना है कि उसने अपने बेटे का कत्ल नहीं किया है. उसने अभी तक अपना जुर्म स्वीकार नहीं किया है, लेकिन ये माना है कि उसके पति के साथ रिश्ते ठीक नहीं थे. वो गोवा अपने बच्चे को घुमाने लाई थी, क्योंकि बीच पर खेलना उसे पसंद था.

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दूसरी तरफ गोवा के सोल बनयान ग्रैंड होटल में तलाशी के दौरान पुलिस को कफ सिरफ की दो बोतल मिली है. एक बोतल कफ सिरप सूचना सेठ अपने साथ लेकर आई थी, जबकि दूसरी उसने होटल के स्टाफ से कहकर मंगाया था. इसके बाद मर्डर की एक नई थ्योरी सामने आ रही है. अनुमान लगाया जा रहा है कि हत्यारोपी सीआईओ ने पहले अपने बेटे को कफ सिरप पिलाकर अचेत कर दिया होगा. उसके बाद तौलिए या तकिए से गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी होगी. कफ सिरप के नशे में होने की वजह से बच्चे ने न तो कोई संघर्ष किया, न ही रोया-चिल्लाया. इस तरह हत्याकांड को बड़े आराम से अंजाम देने के बाद वो गोवा से बंगलुरु के लिए निकल गई.

इस वारदात के सामने आने के बाद अनुमान लगाया गया था कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एथिक्स एक्सपर्ट और डेटा साइंटिस्ट सूचना सेठ मानसिक तौर पर ठीक नहीं होगी. गिरफ्तारी के बाद उसने खुद पुलिस से कहा था कि वो डिप्रेशन में है. लेकिन पुलिस हिरासत में वो बिल्कुल नॉर्मल लग रही है. यहां तक उन्हीं सवालों के जवाब दे रही है, जिसे देना चाहती है. उसके वकील ने बताया कि स्टार्ट कंपनी माइंडफुल एआई लैब शुरू करने के बाद उसका काम ठीक नहीं चल रहा था. पति के साथ हो रहे झगड़े की वजह से भी वो परेशान रहती थी. यह भी बताया गया है कि कोर्ट के फैसले के बाद उसे लग रहा था कि उसके बेटे को पति छीन लेगा. इसे वो बर्दाश्त नहीं कर पा रही थी.
 
संस्कृत में PG, डेटा साइंस में मास्टर और AI में महारत 

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एआई कंपनी की मालिक 39 वर्षीय सूचना सेठ का जन्म कोलकाता में हुआ था. एक अच्छे परिवार से आने वाली सूचना बचपन से ही पढ़ने लिखने में बेहद तेज थी. कई भाषाओं पर उसका कमांड है. उसने फिजिक्स ऑनर्स में टॉप रैंक के साथ ग्रैजुएशन किया. इसके बाद संस्कृत में पोस्ट ग्रैजुएशन और फिर डेटा साइंस की पढ़ाई की है. आगे चल कर उसने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी एआई में भी महारत हासिल की. दुनिया की कई नामचीन यूनिवर्सिटी से जुड़ी रही है. एआई के एथिक्स के बारे में वो घूम-घूम कर लेक्चर यानी ज्ञान दिया करती थी. एआई की अच्छा और बुराई के बारे में बताया करती थी. सूचना के पास डेटा साइंस और एआई में काम करने का 12 साल का तजुर्बा है.

साल 2010 में लव मैरिज, 2020 में हो गया पति से अलगाव

इसके बाद में उसने बेंगलुरु में एक स्टार्टअप कंपनी की शुरुआत की थी. माइंडफुल एआई लैब नाम की इस कंपनी की वो फाउंडर और सीईओ है. साल 2010 में उसकी मुलाकात बंगलुरु में ही केरल के रहनेवाले वेंकटरमण से हुई थी. दोनों में प्यार हुआ, उसके बाद शादी कर ली. उसके पति वेंकट भी एक अच्छे और पढ़े लिखे परिवार से है. शादी के बाद सबकुछ ठीक चल रहा था. 9 साल बाद यानी साल 2019 में दोनों को एक बेटा हुआ. तब भी सबकुछ ठीक था. लेकिन साल 2020 में कोरोना आते ही मियां-बीवी के रिश्ते में कड़वाहट आनी शुरू हो गई. दोनों में झगड़ा इस कदर बढ़ा कि अलग-अलग रहने लगे. पर बेटा मां के पास था. इस अलगाव के बावजूद वेकंटरमण अक्सर अपने बेटे से मिलने आया करते थे. 

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पति की खुशियां छीनने के चक्कर में बेटे को मार डाला

सूचना सेठ अपने पति को बेटे से मिलने नहीं देती. अलगाव का ये मामला अब अदालत तक पहुंच चुका था. दोनों ने तलाक की अर्जी डाल दी थी. दोनों ही बेटे की कस्टडी चाहते थे. वेंकट ने कोर्ट में कई बार ये शिकायत की कि सूचना उसे उसके बेटे से मिलने नहीं देती. आखिरकार साल 2023 के खत्म होते होते बंगलुरु की जिला कोर्ट ने दोनों के अलगाव पर अपना फैसला सुनाया. कानूनी तौर पर दोनों का तलाक हो गया. लेकिन इसके साथ ही अदालत ने एक और फैसला दिया कि बेटा अपनी मां के पास ही रहेगा. लेकिन पिता महीने में चार बार हर संडे अपने बेटे से मिल सकता है. बस कोर्ट का यही फैसला सूचना को नागवार गुजरा. वेंकट की खुशी छीनने के चक्कर में उसने अपने ही बेटे का कत्ल कर दिया.

यह भी पढ़ें: होटल स्टाफ की सूझबूझ, कैब ड्राइवर की चालाकी...'कातिल' मां की गिरफ्तारी की Inside Story 

होटल स्टाफ और ड्राइवर के जरिए सूचना तक पहुंची पुलिस

पूरे देश को झकझोर देने वाली इस वारदात का खुलासा तब हुआ जब हत्यारोपी मां टैक्सी लेकर गोवा से बेंगलुरु के लिए रवाना हो गई. होटल स्टाफ उस कमरे में पहुंचा जहां वो अपने बच्चे के साथ ठहरी हुई थी. उन्होंने कमरे में खून के धब्बे देखे, उसके तुरंत लोकल पुलिस को सूचित कर दिया. पुलिस की एक टीम होटल पहुंची. पूरे मामले की जानकारी ली. इसके बाद पुलिस ने फौरन अपना दिमाग लगाया और होटल के ट्रैवल डेस्क से उस ट्रैवल एजेंसी का नंबर लिया, जिसने सूचना सेठ के लिए इनोवा कार भेजी थी. अब कार के ड्राइवर का नंबर गोवा पुलिस के पास था. पुलिस ने उस ड्राइवर को फोन मिलाया. फोन मिलाते ही उससे कहा कि वो कार में बैठी मैडम से उसकी बात कराए. 

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गोवा पुलिस ने हत्यारोपी मां से पूछा- आपका बेटा कहां है? 

मैडम यानी सूचना सेठ के लाइन पर आते ही गोवा पुलिस ने उससे पूछा कि आपका बेटा कहां है? वो आपके साथ वापस क्यों नहीं गया? सूचना ने बेखौफ जवाब दिया कि वो गोवा में ही एक रिश्तेदार के पास है. कुछ दिन बाद लौटेगा. उसने बाकायदा गोवा के अपने उस रिश्तेदार का पता भी पुलिस को दे दिया. पुलिस को लगा कि शायद वो गलत शक कर रही है. फिर भी पुलिस ने सूचना के दिए पते पर पुलिस की एक टीम भेजी. लेकिन वो पूरा इलाक़ा छान मारने के बावजूद वो पता नहीं मिला. सूचना का दिया पता फर्जी था. अब गोवा पुलिस को लगा कि मामला गड़बड़ है. लिहाजा तुरंत पुलिस ने दोबारा उस कार ड्राइवर को फोन किया, जिसमें हत्यारोपी मां लाश लिए बैठी थी. 

पुलिस के इशारे पर थाने में कार लेकर पहुंचा कैब ड्राइवर

गोवा पुलिस ने धीमे से ड्राइवर से कहा कि जैसे ही तुम्हें अपने करीब कोई पुलिस स्टेशन दिखाई दे, फौरन गाड़ी को वहीं ले जाना. इसके बाद फोन करना. तब कैब बेंगलुरु से 200 किलोमीटर पहले कर्नाटक के ही चित्रदुर्ग इलाके से गुजर रही थी. तभी ड्राइवर की नजर चित्रदुर्ग में ही मौजूद आईमंगला पुलिस स्टेशन पर पड़ी. उसने फौरन गाड़ी को पुलिस स्टेशन में घुसा दिया. इससे पहले कि सूचना सेठ कुछ समझ पाती, ड्राइवर ने गोवा पुलिस की बात आई मंगला पुलिस स्टेशन में मौजूद पुलिस वालों को बताई और फोन मिला कर पुलिस से उनकी बात करा दी. गोवा पुलिस ने आईमंगला पुलिस को सारी बात बताते हुए सूचना और उसके सामान की तलाशी लेने की रिक्वेस्ट कर दी.

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इनोवा कार में रखे बड़े बैग को खोलते पुलिस के उड़े होश

कर्नाटक पुलिस ने इनोवा कार की तलाशी लेने शुरू कर दी. उसमें एक बड़ा बैग मिला, जिसे खोलेत ही पुलिस के होश उड़ गए. उसमें एक बच्चे की लाश थी. पुलिस ने हत्यारोपी मां सूचना सेठ को फौरन हिरासत में ले लिया. इसके बाद गोवा पुलिस को सूचित कर दिया. बच्चे की लाश मिलने के बाद गोवा पुलिस के मन में तमाम सवाल थे. चार साल के जिस बच्चे की लाश बैग में थी, वो कौन था? क्या वो सूचना का बेटा था? यदि बेटा था, तो फिर एक मां ने अपने ही हाथों अपने बेटे को क्यों मारा? कत्ल करने के बाद वो लाश को बैग में रख कर 550 किलोमीटर की दूरी तय कर बेंगलुरु क्यों जा रही थी? अगर उसे लाश ठिकाने ही लगाना था, तो उसने गोवा में ऐसा क्यों नहीं किया? और सबसे बड़ा सवाल ये कि एक मां अपने बच्चे का कत्ल क्यों करेगी? कत्ल के बाद लाश के साथ सफर क्यों करेगी? इन्हीं सवालों के साथ गोवा पुलिस की टीम इस केस की जांच में जुटी है.

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