
राजस्थान के जयपुर जिले में एक डॉक्टर की घर में आग लग जाने से संदिग्ध हालात में मौत हो गई. डॉक्टर काफी समय से अपने घर में अकेले रह रहा था. हत्या और आत्महत्या के कयासों की बीच पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है.
मामला जयपुर के शिप्रा पथ थाना क्षेत्र का है. इसी इलाके में 62 वर्षीय डॉक्टर कपूर चंद गुप्ता का मकान है. उनके घर में कई किराएदार भी रहते हैं. मंगलवार की सुबह पुलिस को सूचना मिली कि डॉक्टर कपूर चंद के घर में आग लग गई है. सूचना मिलते ही पुलिस और अग्निश्मन दल मौके पर पहुंच गए.
पुलिस अधिकारी हेतराम ने बताया कि मकान में रह रहे किरायेदारों की सूचना पर पुलिस और अग्निशमन कर्मचारियों ने घर का दरवाजा तोड़कर आग बुझाई. कमरे में डॉक्टर कपूर चंद बुरी तरह से झुलसे हुए पाए गए. जिन्हे फौरन अस्पताल ले जाया गया, जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया.
पुलिस के मुताबिक डॉ. कपूर चंद गुप्ता की दिमागी हालत ठीक नहीं थी. मानसिक चिकित्सालय में उनका इलाज चल रहा था. उनकी पत्नी भी डॉक्टर हैं, जो पिछले दस सालों से उनसे अलग अपनी बच्ची के पास कोटा में रह रही हैं. माना जा रहा है कि बीमारी से परेशान होकर ही डॉक्टर गुप्ता ने खुद को आग के हवाले कर जान दे दी.
मामले की जांच कर रहे पुलिस अधिकारी हेतराम ने बताया कि मृतक डॉक्टर का पोस्टमार्टम करवाकर शव परिजनों को सौंप दिया गया है. इस संबंध में उनके साले की ओर से थाने पर शिकायत दी गई थी. जिसके आधार पर पुलिस ने सीआरपीसी की धारा 174 के तहत मामला दर्ज कर लिया है.
सीआरपीसी की धारा 174 के तहत मुकदमा दर्ज कर आमतौर पर कार्रवाई तभी की जाती है, जब मौत रहस्यमई हालत में हुई हो. यानी मौत की वजह या मकसद साफ ना हो. पुलिस मामले की जांच पड़ताल कर रही है.